उन्नाव में हथियारों की दुकान की गहन जांच, बड़ा खुलासा नहीं लेकिन सख्ती तेज
उन्नाव में पुलिस ने हथियार विक्रेता की दुकान का औचक निरीक्षण किया। अभिलेखों, लाइसेंस और स्टॉक रजिस्टर की गहन जांच हुई। अवैध हथियारों पर रोक और कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस ने सख्त निर्देश दिए।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: उन्नाव में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सतर्कता बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में आज शहर के कोतवाली सदर क्षेत्र में शस्त्र विक्रेताओं की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया गया, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों पर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
सहायक पुलिस अधीक्षक ने किया औचक निरीक्षण
4 मई 2026 को सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर उन्नाव दीपक यादव ने कोतवाली सदर क्षेत्र के जगन्नाथगंज स्थित शस्त्र विक्रेता की दुकान का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अचानक किया गया, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शस्त्र बिक्री से जुड़े सभी नियमों का पालन सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं।
अभिलेखों की बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारी ने दुकान से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की विस्तार से जांच की, जिनमें शामिल थे:
- शस्त्र लाइसेंस रिकॉर्ड
- स्टॉक रजिस्टर
- बिक्री रजिस्टर
- खरीद-बिक्री के बिल और वाउचर
हर दस्तावेज को गंभीरता से परखा गया ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।
दुकानदारों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने शस्त्र विक्रेता को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट रखे जाएं और किसी भी स्थिति में नियमों का उल्लंघन न हो। पुलिस प्रशासन ने यह भी दोहराया कि शस्त्र बिक्री पूरी तरह नियंत्रित प्रक्रिया है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है।
अवैध शस्त्रों पर रोक के लिए लगातार अभियान
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस तरह के निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अवैध हथियारों की बिक्री और वितरण पर रोक लगाना है। पुलिस के अनुसार शस्त्र दुकानों की नियमित जांच से न केवल रिकॉर्ड पारदर्शी रहता है, बल्कि यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी हथियार गलत हाथों में न पहुंचे।
कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम
उन्नाव पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई दर्शाती है कि जिले में कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन गंभीर है। औचक निरीक्षण जैसे कदम न केवल निगरानी बढ़ाते हैं, बल्कि नियमों के पालन को भी मजबूती देते हैं।
रिपोर्ट – रंजन बाजपाई



