कन्नौज में पुलिस पर कहर! गांव ने कानपुर टीम को घेरा, दरोगा समेत 3 घायल
कन्नौज के गुरसहायगंज क्षेत्र के बडौरा गांव में चोरी के आरोपी को पकड़ने पहुंची कानपुर पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सादी वर्दी में पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प में दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कन्नौज जिले के गुरसहायगंज क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब कानपुर कमिश्नरेट की पुलिस टीम चोरी के एक आरोपी को पकड़ने गांव पहुंची और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई, जिसमें एक दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के बडौरा गांव की बताई जा रही है, जहां कानपुर के पनकी थाने की पुलिस फरार आरोपी विष्णु द्विवेदी की तलाश में पहुंची थी।
सादी वर्दी में पहुंची थी पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार, कानपुर कमिश्नरेट के पनकी थाने की पुलिस टीम सादी वर्दी में गांव पहुंची थी। पुलिस पर आरोप है कि वह बिना स्थानीय पुलिस को पर्याप्त जानकारी दिए आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान गांव के लोगों को जब युवक को ले जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस बिना स्पष्ट पहचान और जानकारी दिए युवक को अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रही थी, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।
देखते ही देखते बढ़ गया विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले कहासुनी हुई और फिर मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस टीम को घेर लिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के दौरान दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
कई लोगों को हिरासत में लिया गया
घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने वालों की पहचान की जा रही है।
आरोपी की तलाश में गई थी टीम
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम चोरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी विष्णु द्विवेदी की तलाश में गांव पहुंची थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गांव में मौजूद है, जिसके आधार पर टीम दबिश देने गई थी।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या बाहरी जिले की पुलिस को स्थानीय थाने की मौजूदगी में कार्रवाई करनी चाहिए थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस पहचान और प्रक्रिया स्पष्ट करती तो स्थिति इतनी तनावपूर्ण नहीं होती।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टीम कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही थी और पुलिस पर हमला किसी भी हालत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की दूसरी अप्रिय घटना न हो।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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