बंगाल में नहीं थम रही चुनाव के बाद हिंसा

हावड़ा के शिबपुर में कई बम धमाके, भाजपा व टीएमसी में झड़प जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित शिबपुर में देसी बम विस्फोटों ने चुनावी हिंसा को और भडक़ा दिया है, जिसमें कथित तौर पर भाजपा नेता को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और भारी पुलिस बल तैनात है।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित शिबपुर झुग्गी बस्ती में गुरुवार को कई देसी बमों के विस्फोट के बाद तनाव का माहौल छा गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और निवासियों में अफरा-तफरी और चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोटों के कारण ईंटें हवा में उडऩे लगीं और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को भारी संख्या में मौके पर पहुंचना पड़ा और त्वरित कार्रवाई बल (आरपीए) के जवानों ने शांति बहाल करने में मदद की।

टीएमसी के खिलाफ नारेबाजी, चोर टीएमसी चोर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार के बाद राज्य की राजनीतिक तपिश अब विमानों के भीतर भी महसूस की जाने लगी है। कृष्णानगर से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि इंडिगो की एक फ्लाइट में उनके साथ बदसलूकी की गई और उन पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए गए। कृष्णानगर से लोकसभा सांसद मोइत्रा ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट पर कुछ वीडियो शेयर किए, जिनमें कुछ लोगों को चोर, चोर टीएमसी चोर, तृणमूल ईर शोब चोर और जय श्री राम जैसे नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।

नागरिकों का गुस्सा नहीं विमान में उनकी सुरक्षा का उल्लंघन : मोइत्रा

महुआ मोइत्रा ने इसे नागरिकों का गुस्सा नहीं बताया और इसे एक परेशानी कहा, जिसने विमान में उनकी सुरक्षा का उल्लंघन किया। भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ़ अपने सख्त रुख़ के लिए जानी जाने वाली टीएमसी नेता ने इंडिगो से इन लोगों के नाम सार्वजनिक करने और उन्हें नो फ़्लाई लिस्ट में डालने को भी कहा, साथ ही उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को भी टैग किया। मोइत्रा ने अपनी एक पोस्ट में कहा यह बीजेपी की संस्कृति है। किसी को हैरानी क्यों हो रही है? मैंने इसे नजऱअंदाज़ किया और हवाई अड्डे से अपनी बैठक में चली गई। फिर लोगों ने मुझे वह वीडियो भेजा जिसे संघी लोग वायरल कर रहे थे। तभी मैंने इस पर आवाज़ उठाई।

वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के बराबर नहीं मानेंगे: असदुद्दीन ओवैसी

एआईएमआईएम चीफ बोले-भारत मां नहीं, हम भारत के लोग
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन के समान वैधानिक दर्जा दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह एक देवी को समर्पित है। एक लंबे-चौड़े एक्स पोस्ट में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि देश देवता या देवी के नाम पर नहीं चलता और यह किसी देवी या देवता का है भी नहीं।
ओवैसी ने लिखा है, जन गण मन भारत और उसके लोगों का गुणगान है, न कि किसी खास धर्म का। धर्म और देश समान नहीं है। जिस व्यक्ति ने वंदे मातरम् लिखा, उनकी ब्रिटिश राज के प्रति सहानुभूति थी और मुसलमानों से नफरत करते थे। नेताजी बोस, गांधी, नेहरू और टैगोर सबने इसे खारिज किया। भारत के संविधान की प्रस्तावना, हम भारत के लोग से शुरू होती है, भारत मां से नहीं। यह विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता का वादा करता है। संविधान का पहला प्रावधान, अनुच्छेद 1 में इंडिया, जो कि भारत है, को राज्यों का एक संघ बताया गया है।

केरल में सीएम की रेस में केसी वेणुगोपाल सबसे आगे

पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक, अजय माकन देंगे कांग्रेस अध्यक्ष को रिपोर्ट, महाराष्ट्र प्रभारी चेन्निथला पर भी चर्चा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। केरल में सीएम की रेस में केसी वेणुगोपाल सबसे आगे हैं। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि ज्यादातर विधायकों ने केसी वेणुगोपाल का नाम लिया है। पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक, अजय माकन थोड़ी देर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को रिपोर्ट देने वाले हैं।
सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि मुख्यमंत्री पद के लिए दो वरिष्ठ नेताओं के नाम तय कर लिए गए हैं। इन दो नामों में से एक नाम अलाप्पुझा से लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल का है, जो कांग्रेस के महासचिव भी हैं। वेणुगोपाल नायर समुदाय से हैं और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं।

वेणुगोपाल ने कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

63 वर्षीय वेणुगोपाल ने कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए, सूत्रों के अनुसार, उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाया जाएगा या नहीं, यह गांधी पर निर्भर करेगा। रमेश चेन्निथला भी अगले मुख्यमंत्री बनने के संभावित दावेदारों में से एक हैं। वेणुगोपाल की तरह चेन्निथला भी नायर समुदाय से आते हैं। अपने राजनीतिक जीवन में चेन्निथला केरल के गृह मंत्री और विपक्ष के नेता रह चुके हैं। इसके अलावा, वे कांग्रेस की केरल इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

चेन्निथला एक कुशल संगठनवादी

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी चेन्निथला को एक कुशल संगठनवादी माना जाता है। इसलिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि चार बार सांसद रह चुके चेन्निथला को केरल का अगला मुख्यमंत्री बनाया जाता है या नहीं। कांग्रेस द्वारा रविवार तक अगले मुख्यमंत्री के संबंध में निर्णय लिए जाने की संभावना है, क्योंकि पार्टी के नेता और विधायक एआईसीसी पर्यवेक्षकों को अपने विचार बता चुके हैं। वट्टियूरकावु से विजयी वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि मैंने अपनी राय दे दी है। मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर फैसला रविवार तक पता चल जाएगा।

फिर पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट

अमेरिकी सेना ने ईरान के दो बंदरगाहों पर किया हमला, ट्रंप ने तेहरान को दी चेतावनी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तेहरान। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक महत्व वाले केशम बंदरगाह और बंदर अब्बास पर हमले किए हैं। रॉयटर की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए इन हमलों की जानकारी दी है।ईरानी मीडिया ने इन इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनने की पुष्टि की है, हालांकि हमलों की पूर्ण स्वतंत्र पुष्टि अभी लंबित है।
ये हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव के बीच हुए हैं, जहां अमेरिका ईरानी नावों और जहाजों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। ईरान ने इन घटनाओं को दुश्मन ड्रोनों से जोड़ा है। स्थिति तेजी से विकसित हो रही है और दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता भी चल रही है। वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका असर पड़ सकता है। अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका लगा है।
अमेरिकी संघीय व्यापार अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 1० प्रतिशत वैश्विक आयात शुल्क को खारिज करते हुए कहा कि 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 का गलत इस्तेमाल किया गया अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने 2-1 के फैसले में कहा कि ट्रंप प्रशासन 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का इस्तेमाल व्यापक व्यापार घाटे और चालू खाता घाटे के आधार पर नहीं कर सकता। अदालत के मुताबिक, यह कानून 197० के दशक की विशेष बैलेंस ऑफ पेमेंट्स यानी भुगतान संतुलन संकट से निपटने के लिए बनाया गया था, न कि आधुनिक दौर के सामान्य व्यापार घाटे के लिए। जज मार्क ए. बार्नेट और क्लेयर आर. केली ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप की घोषणा यह साबित करने में विफल रही कि कानून के जरिए आवश्यक शर्तें पूरी हुई हैं।
बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में ये टैरिफ लगाए थे। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रपति को इतनी व्यापक व्याख्या की अनुमति दे दी जाए, तो उन्हें लगभग असीमित टैरिफ लगाने की शक्ति मिल जाएगी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना संवैधानिक सवाल खड़ा कर सकता है, क्योंकि टैरिफ और व्यापार नीति तय करने का अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है।

ईरानी हमलावरों को भारी क्षति : ट्रंप

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी कि यदि वह जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता है तो उसके खिलाफ और भी कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि तीन विश्व स्तरीय अमेरिकी विध्वंसक पोत अभी-अभी भारी गोलाबारी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक निकल गए। आगे कहा कि तीनों विध्वंसक पोतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन ईरानी हमलावरों को भारी क्षति हुई। वे कई छोटी नौकाओं के साथ पूरी तरह नष्ट हो गए, जिनका उपयोग उनकी पूरी तरह से नष्ट हो चुकी नौसेना की जगह लेने के लिए किया जा रहा है।

बिहार में नौकरी मांगने वालों को मिली लाठियां, कई अभ्यर्थी चोटिल

शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के विज्ञापन जारी करने की मांग
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
राजधानी के जेपी गोलंबर पर बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया। इस दौरान कई छात्रों को चोटें आई हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने बताया कि टीआरई-4 के लिए आयोग लगातार झूठ बोल रहा है। 13 लाख से अधिक छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। बार-बार विज्ञापन जारी करने के लिए नई तिथि बताई जा रही है। साल 2024 से अधियाचना मिलने की बात की जा रही है। हाल ही में परीक्षा नियंत्रक ने कहा था कि 19 अप्रैल को विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। 25 या 26 अप्रैल से फार्म भरना शुरू हो जाएगा। आठ मई तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया। इसी को लेकर हम आज पटना जाम करने पहुंचे।
गौरतलब है कि टीआरई-4 में कुल चार विभागों में 46,882 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में ये बहाली होंगी। शिक्षा विभाग में सबसे अधिक पद हैं, जिसमें माध्यमिक (कक्षा 9-1० के 9०82 और उच्च माध्यमिक (11-12) के 16,774 रिक्तियों को भरा जाएगा। प्राथमिक (1-5) में 1०,778 और मध्य विद्यालय (6-8) में 8,583 पदों पर बहाली की जाएगी। 22 से 27 सितंबर के बीच परीक्षा के आयोजन की संभावना है।

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