कानपुर के सबसे बड़े ROB प्रोजेक्ट पर हंगामा, व्यापारी बोले- बर्बाद हो जाएगा कारोबार
कानपुर के जरीब चौकी रेलवे ओवर ब्रिज का आज भूमि पूजन होगा। 320 करोड़ की लागत से बनने वाले चार लेन पुल की नई डिजाइन का व्यापारी विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे 250 से ज्यादा दुकानों और कारोबार पर संकट खड़ा हो जाएगा।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: कानपुर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल जरीब चौकी में आज बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) परियोजना का भूमि पूजन होना है। करीब 320 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस चार लेन रेलवे ओवर ब्रिज का शिलान्यास सांसद रमेश अवस्थी करेंगे। लेकिन भूमि पूजन से पहले ही इस परियोजना को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है।
हीरागंज और जरीब चौकी क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि पुल की नई डिजाइन से सैकड़ों दुकानों और हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है। व्यापार मंडल ने डिजाइन बदलने की मांग उठाते हुए सांकेतिक विरोध का ऐलान किया है।
जीटी रोड और कालपी रोड को जोड़ेगा नया ROB
यह रेलवे ओवर ब्रिज जीटी रोड को कालपी रोड से जोड़ेगा, जिससे लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे क्रॉसिंग पर अक्सर लगने वाले भारी जाम को देखते हुए यह परियोजना शहर की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में शामिल मानी जा रही है।
सेतु निगम के मुताबिक पुल में कुल चार रैंप बनाए जाएंगे। इनमें दो रैंप जीटी रोड की ओर, एक कालपी रोड और एक घंटाघर रोड की दिशा में उतरेगा। योजना के अनुसार जीटी रोड और कालपी रोड की ओर बनने वाले रैंप चार-चार लेन के होंगे, जबकि घंटाघर रोड की तरफ दो लेन का रैंप प्रस्तावित किया गया है।
व्यापारियों ने क्यों शुरू किया विरोध?
जरीब चौकी उद्योग व्यापार मंडल और हीरागंज व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पुल की डिजाइन बदलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।
व्यापार मंडल का दावा है कि मौजूदा डिजाइन लागू होने पर करीब 250 से अधिक दुकानों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि पूर्व सांसद सत्यदेव पचौरी के कार्यकाल में जो डिजाइन स्वीकृत हुई थी, उसी के अनुसार पुल का निर्माण किया जाना चाहिए।
“हम पुल के खिलाफ नहीं, डिजाइन के खिलाफ हैं”
व्यापार मंडल के सदस्य अरुण पांडेय ने कहा कि व्यापारी किसी तरह का आक्रामक विरोध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुकानदार केवल अपनी दुकानें बंद रखकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताएंगे।
उनके मुताबिक, “हम खुद चाहते हैं कि पुल बने क्योंकि इससे शहर को फायदा होगा, लेकिन नई डिजाइन की वजह से तीन साल तक व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। यहां दुकानदारों के साथ हजारों कर्मचारी भी काम करते हैं, जिनकी आजीविका पर असर पड़ेगा।”
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय मिश्रा ने भी कहा कि यदि डिजाइन में संशोधन नहीं किया गया तो स्थानीय बाजारों पर गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
विकास बनाम व्यापार की चुनौती
जरीब चौकी ROB परियोजना अब विकास और स्थानीय व्यापार के बीच संतुलन का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। एक ओर शहर को ट्रैफिक जाम से राहत देने की कोशिश है, तो दूसरी ओर छोटे व्यापारियों के सामने रोजगार और कारोबार बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर है कि क्या व्यापारियों की मांगों पर कोई पुनर्विचार किया जाएगा या परियोजना मौजूदा डिजाइन के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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