सड़क बनी धान का खेत तो हरकत में आया प्रशासन, ईओ सुभाष चंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्या
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की आदर्श नगर पंचायत तंबौर में बदहाल सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का अनोखा विरोध आखिरकार प्रशासन तक पहुंच गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की आदर्श नगर पंचायत तंबौर में बदहाल सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का अनोखा विरोध आखिरकार प्रशासन तक पहुंच गया।
लंबे समय से परेशान लोगों ने सड़क पर धान की रोपाई कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन की खबर मीडिया में आने के बाद नगर पंचायत प्रशासन हरकत में आया और अधिशासी अधिकारी (ईओ) सुभाष चंद्र सिंह करीब 20 कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
सड़क पर धान रोपकर लोगों ने जताया था विरोध
मामला तंबौर नगर पंचायत के मोहल्ला अहमदाबाद गंज पूर्वी का है। यहां की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी हुई है। बारिश के मौसम में सड़क पर जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां से गुजरने वाले हजारों ग्रामीणों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। जब लगातार अनदेखी हुई तो लोगों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क पर ही धान की रोपाई कर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का यह प्रदर्शन सोशल मीडिया और मीडिया की सुर्खियों में आया, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
मीडिया में खबर आने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
खबर सामने आने के बाद नगर पंचायत तंबौर के अधिशासी अधिकारी सुभाष चंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ नगर पंचायत के करीब 20 कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और सड़क की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
ईओ ने लोगों को आश्वासन दिया कि बारिश के दौरान आवागमन की समस्या को कम करने के लिए तत्काल अस्थायी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सड़क पर राविस और ईंट डालकर रास्ते को चलने योग्य बनाने की बात कही गई।
बरसात के बाद स्थायी निर्माण का दिया भरोसा
अधिकारियों ने बताया कि बारिश समाप्त होने के बाद सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाएगा, जिससे लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से निजात मिल सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के मौके पर पहुंचने और तत्काल राहत की पहल का स्वागत किया है। हालांकि, उनका कहना है कि यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, इसलिए अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि सड़क निर्माण का वास्तविक काम शुरू होने का इंतजार है।
ग्रामीणों की उम्मीदें अब स्थायी समाधान पर टिकीं
फिलहाल बरसात के दौरान राहत देने के लिए अस्थायी व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी गई है। लेकिन स्थानीय लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि क्या बरसात खत्म होने के बाद सड़क का स्थायी निर्माण समय पर पूरा हो पाएगा या फिर यह मामला एक बार फिर फाइलों में दब जाएगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन का यह कदम केवल तत्काल राहत तक सीमित रहता है या फिर वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान भी निकलता है।



