आखिर क्यों नहीं बोलने दिया? केजरीवाल कल कोर्ट में देंगे जवाब

आबकारी मामले में अरविंद केजरीवाल कल दिल्ली हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होंगे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: आबकारी मामले में अरविंद केजरीवाल कल दिल्ली हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होंगे.

वो कोर्ट से अपना ‘प्रति-जवाब’ रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध करेंगे. दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर केजरीवाल के आवेदन, हलफनामे और जवाब रिकॉर्ड पर लिए ही नहीं जाएंगे, तो न्याय कैसे मिलेगा.

आबकारी मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को हटाने और जज बदलने के मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कल चौथी बार सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष पेश होंगे. इस दौरान वो कोर्ट से अनुरोध करेंगे कि उनके जवाब को रिकॉर्ड पर लिया जाए.

दरअसल आम आदमी पार्टी का आरोप है कि पिछले हफ़्ते अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के बच्चों से जुड़ा एक हलफनामा (affidavit) दायर करने की कोशिश की थी. लेकिन उसे रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया. जबकि केजरीवाल खुद कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने कोर्ट से विनम्र निवेदन भी किया.

वहीं अब CBI ने अरविंद केजरीवाल के हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है. केजरीवाल उस जवाब पर अपना प्रति-जवाब (rejoinder) दाखिल करना चाहते हैं.

‘तो न्याय कैसे मिलेगा…’

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का कहना है कि अफसोस की बात है कि अरविंद केजरीवाल के जवाबी हलफनामे को रिकॉर्ड पर स्वीकार नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल के आवेदन, हलफनामे और जवाब रिकॉर्ड पर लिए ही नहीं जाएंगे, तो न्याय कैसे मिल पाएगा?.

उन्होंने बताया कि इसलिए कल सुबह 10:30 बजे, अरविंद केजरीवाल एक बार फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कोर्ट में पेश होंगे और कोर्ट से आग्रह करेंगे कि उनके प्रति-जवाब को रिकॉर्ड पर ले लिया जाए.

केजरीवाल समेत 23 आरोपी बरी

बता दें कि 27 फरवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेन्द्र सिंह ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया था. साथ ही एजेंसी के जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए थे.

ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रहीं हैं. एजेंसी की मांग पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी और ED मामले के ट्रायल पर रोक लगा दी थी.

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत कई बरी लोगों ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर पक्षपात करने की आशंका जाहिर करते हुए उन्हें मामले की सुनवाई से अलग होने की अर्जी दाखिल की थी.

केजरीवाल ने अपनी अर्जी पर कोर्ट में खुद दलीलें पेश की थीं. CBI ने अरविंद केजरीवाल की दलीलों का विरोध किया था. सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. अरविंद केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने मामले में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है. लेकिन उसे रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया.

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