छात्राओं के भोजन में निकली कीड़े वाली कलौजी, शिकायत के बाद कैटर की छुट्टी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलकनंदा महिला छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मौजूदा कैटर को हटा दिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलकनंदा महिला छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मौजूदा कैटर को हटा दिया है।

छात्राओं का आरोप है कि भोजन में स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ताजा मामला उस समय सामने आया, जब भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में रखी बैंगन की कलौजी की बाहरी सतह पर बरसाती कीड़ा मिला।

छात्राओं के मुताबिक, लंबे समय से मेनू में बदलाव और बेहतर भोजन की मांग की जा रही थी। इसी मांग के बाद बैंगन की कलौजी को मेनू में शामिल किया गया था। करीब 120 छात्राओं और कर्मचारियों के लिए लगभग 250 कलौजियां तैयार की गई थीं। भोजन के दौरान एक छात्रा ने अपनी थाली में रखी कलौजी में कीड़ा होने की शिकायत की। इसके बाद छात्राओं में नाराजगी बढ़ गई और मामले की सूचना छात्रावास प्रशासन को दी गई।

शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयार की गई अन्य कलौजियों की जांच कराई। प्रशासन का दावा है कि दूसरी किसी कलौजी में कीड़ा नहीं मिला और किसी अन्य छात्रा ने भी ऐसी शिकायत नहीं की। हालांकि, घटना ने छात्रावास की मेस व्यवस्था में भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्तमान कैटरर को हटाने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, सोमवार से नए कैटरर के जरिए मेस का संचालन कराया जाएगा। इसके साथ ही मेस संचालन के लिए नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया भी चल रही है।

छात्राओं की ओर से मेस की व्यवस्था पर निगरानी के लिए एक समिति भी गठित है। यह समिति भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मेस व्यवस्था की निगरानी करती है। इसके बावजूद भोजन में कीड़ा मिलने की घटना सामने आने के बाद निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि छात्राओं को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मेस की निगरानी और कड़ी करने का दावा किया है।

हालांकि छात्राओं की शिकायत के बाद कैटरर हटाने की कार्रवाई से साफ है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को महज एक खाद्य सामग्री में कीड़ा मिलने की घटना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि मेस व्यवस्था में सुधार के स्तर पर कार्रवाई की है।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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