64 साल बाद भी सड़क नहीं! बांदा के इस गांव की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान
बांदा के मवई बुजुर्ग गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सीसी रोड और नाली निर्माण की मांग की है। वर्ष 1962 में बसे इस गांव के 62 परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बरसात में जलभराव और कीचड़ से लोगों को भारी परेशानी होती है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: विकास योजनाओं और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के दावों के बीच बांदा जिले का एक गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। वर्ष 1962 में बसाए गए ग्राम मवई बुजुर्ग के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के दर्जनों परिवार आज भी पक्की सड़क और नाली जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित हैं। लगातार हो रही अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर जल्द समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। जलभराव, कीचड़ और गंदे पानी के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की है।
62 परिवारों को अब तक नहीं मिली मूलभूत सुविधा
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम मवई बुजुर्ग में करीब 62 परिवार निवास करते हैं। गांव बसने के छह दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद यहां सीसी रोड और नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। इससे ग्रामीणों में निराशा और नाराजगी बढ़ रही है।
बरसात में बढ़ जाती है परेशानी
गांव में नाली व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी रास्तों पर भर जाता है। इससे पूरे इलाके में कीचड़ और गंदगी फैल जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
150 मीटर सीसी रोड और नाली निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में मांग की है कि रामनरेश पुत्र सदलुवा के घर तक लगभग 150 मीटर लंबी सीसी सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि यदि इस मार्ग पर निर्माण कार्य हो जाता है तो गांव की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है और लोगों को राहत मिलेगी।
रिपोर्ट: इकबाल खान, बांदा
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