कोरोना के दौर में घोटाला करने में जुटी योगी सरकार : संजय सिंह
- सरकार पर महामारी के दौर में घोटाले करने का आरोप
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने योगी सरकार पर कोरोना महामारी के दौर में घोटाले करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा यूपी सरकार ने कोरोना के शुरुआती दौर में भी ऑक्सीमीटर और पीपीई किट खरीद में घोटाला किया था और अब तीसरी लहर की तैयारी के नाम पर घोटाला करने की कोशिश में जुट गई है। सिंह ने योगी सरकार पर एकब्लैक लिस्टेड कंपनी से मेडिकल उपकरण खरीदे जाने का आरोप लगाया है। और साथ ही इन मेडिकल उपकरणों को न सिर्फ बाजार दाम बल्कि मध्य प्रदेश में अपनी ही बीजेपी सरकार से भी दोगुनी कीमतों में खरीद कर एक बड़ा घोटाला करने का दावा किया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि ‘कोरोना की पहली लहर के दौरान ऑक्सीमीटर और पीपीई किट खरीद में घोटाला कर चुकी योगी सरकार अब तीसरी लहर की आशंका के बीच बच्चों को कोरोना से बचाने के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में बच्चों के लिए 100-100 बेड के अस्पताल बनाने की खातिर बाजार मूल्य से करीब-करीब दोगुनी कीमत देकर चिकित्सकीय उपकरण खरीदे जा रहे हैं लेकिन इसी बीच तीसरी लहर के प्रकोप से बच्चों को बचाने के नाम पर योगी सरकार एक नए घोटाले में जुट गई है।
एसआईटी टीम पर उठाएं सवाल
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने महाराष्टï्र की कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कंपनी बताते हुए उससे सेकी जा रही वेंटिलेटर, बाईपैप, इन्फ्यूजन पंप आदि मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि यूपी में कब तक कोरोना के नाम पर दलाली करने का यह सिलसिला चलेगा और कब तक यहां श्मशान में दलाली की जाएगी। इस मामले पर संजय सिंह ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संजय सिंह ने कहा कि कोरोना की पहली लहर के दौरान उत्तर प्रदेश में जो घोटाला हुआ था, उसकी जांच के लिए एक एसआईटी टीम भी गठित की गई थी। घोटाले की जांच का परिणाम क्या निकला, यह किसी को नहीं पता चला.।