छात्रों पर हुए लाठीचार्ज से आगबबूला हुआ देश

सीजेपी व किसानों केआंदोलन के समर्थन में पूरा विपक्ष, कांग्रेस, सपा, आप व टीएमसी ने एनडीए सरकार को घेरा

धर्मेंद्र प्रधान, अमित शाह, पीएम को भी देना चाहिए इस्तीफा : राहुल गांधी
पीएम मोदी ने परीक्षा देश का मामला, मिलकर निकालेंगे हल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सीजेपी व किसानों केआंदोलन के बीच पूरे विपक्ष ने कें द्र सरकार पर करारा हमला बोला है। सपा,आप, कांग्रेस,टीएमसी समेत सभी दलों ने सोमवार को आंदोलनरत छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर पीएम मोदी व गृहमंत्री पर हला करते हुए उन दोनों का इस्तीफा मांगा। देश में सोशल मीडिया से लकर नुक्कड़ चौराहों पर सरकार के इस कदम की आलोचना भी खूब हो रही है।
छात्रों के समर्थन में जगह-जगह छात्र संगठनों ने प्रदर्शन भी किए। उधर लोक सभा में नेताप्रतिपक्ष ने पीएम से छात्रों से माफी मांगने को कहा है। साथ ही इस मुद्द को लोस में उठाने की बात करते हुए लोस स्पीकर से मुलाकात की। वहीं पीएम ने कहा परीक्षा के मामले में राजनीति नहीं होनी चााहिए सरकार सबके साथ बात करके इस समस्या को हल निकालने का प्रयास करेगी।

प्रदर्शनकारी को हटा रहे, मंत्री को नहीं : अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है, अखिलेश ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी को हटा रही है, लेकिन मंत्री को क्यों नहीं हटा रही है, सरकार को दबे राज खुलने का डर है, उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस का व्यवहार हिटलर जैसा है. आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ। कुछ लोग सिविल ड्रेस में मार रहे थे. छात्रों को करंट लगाया गया, ये लोकतंत्र में कभी स्वीकार्य नहीं।

6० साल में ऐसा माहौल नहीं देखा : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को खत्म करने और संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अन्याय के मुद्दों पर बोलते समय सदन में उनका माइक बंद कर दिया गया। खरगे ने सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए गृह मंत्री से जवाब देने की मांग की। संसद परिसर में अपनी बात रखते हुए खरगे ने कहा,हम देश में हो रहे अन्याय, उत्पीडऩ और दबाव के मुद्दों को संसद में उठाना चाहते थे और इसके लिए समय मांगा था। लेकिन जैसे ही मैंने इस विषय पर बोलना शुरू किया, मेरा माइक बंद कर दिया गया। क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं? अगर आप लोकतंत्र में चर्चा ही नहीं कराना चाहते और हमारी आवाज सुनना ही नहीं चाहते, तो हम अपनी बात कहने कहां जाएं?उन्होंने आगे सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, हम यह भी जानना चाहते हैं कि बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ क्या बातचीत हुई और उनकी आंतरिक बैठक में क्या फैसले लिए गए? जनता को यह सच्चाई बताना बेहद जरूरी है। इसीलिए हमने इस विषय पर सदन में चर्चा और गृह मंत्री के आधिकारिक बयान की मांग की थी। फ्लोर लीडर्स को इस पर बोलने का मौका मिलना चाहिए था।

युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, बात यह है कि देश के युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए। देश के युवाओं के पास मौके नहीं हैं, सारे दरवाज़े बंद हैं, कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम का एक दरवाज़ा खुला था, उसे भी बर्बाद कर दिया गया है। यहां मौजूद छात्र सिर्फ एजुकेशन सिस्टम के बारे में ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य के बारे में भी शिकायत कर रहे हैं. वे मिस्टर अंबानी और मिस्टर अडानी, और आरएसएस के एजुकेशन सिस्टम पर पूरी तरह कब्ज़ा करने की वजह से शिकायत कर रहे हैं। यह युवाओं के भविष्य का मामला है.। वे अंबानी की शादी और वहां खर्च हुए 1००० करोड़ रुपये देखते हैं, जबकि उनके पास अपना बिजऩेस शुरू करने के लिए पैसे नहीं हैं, यह मामला एजुकेशन से कहीं बड़ा है। भारत के छात्र कह रहे हैं कि भारत में उनका कोई भविष्य नहीं है. यह बात सही है, धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी नेे मोदी को भारत के इतिहास का सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री बताया और उन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने का आरोप लगाया। गांधी ने दावा किया कि 152 परीक्षा पेपर लीक हुए और 7.5 करोड़ छात्र इससे प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े संकट के बावजूद किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को सजा नहीं दी गई।
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं – इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते। 152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को। और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए – तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद – और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं। यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही – उनपर टूट पड़ी है।

ये हमारे छात्र हैं, इन पर आंसू गैस क्यों?

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार पर शिक्षा नीति पर संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां विपक्ष गंभीर मुद्दों पर बहस चाहता है, वहीं छात्रों को आंसू गैस और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ रहा है, जो संसदीय गतिरोध और छात्र विरोधों के प्रति कठोर सरकारी रवैये को दर्शाता है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि जहां विपक्ष शिक्षा क्षेत्र के अहम मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं इस मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरती जा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि हम सब चर्चा की मांग कर रहे हैं। शिक्षा नीति में कई समस्याएं और बड़े मुद्दे हैं। फिर भी, आप इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं हैं; इसके बजाय, आप छात्रों पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं और उनकी पिटाई कर रहे हैं। किसलिए? वे हमारे बच्चे हैं।

सदन में उठाएंगे लाठीचार्ज का मुद्दा : वेणुगोपाल

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सीजेपी प्रोटेस्ट पर कहा, देश की राजधानी में बेरहम रवैया साफ तौर पर देखा गया देश भर से छात्र यहां सिर्फ परीक्षाओं को लेकर विरोध-प्रदर्शन करने आए हैं। हम आज सदन में यह मुद्दा फिर से उठाएंगे. हमने पहले ही लाठीचार्ज की निंदा करते हुए, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए और परीक्षा पेपर लीक मामले में साफ-सुथरी कार्रवाई की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया है।

युवाओं पर बल प्रयोग न करे केंद्र : आप संयोजक
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अहंकार की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और उनके ख़िलाफ़ बल प्रयोग न करने की अपील की। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के तहत हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च करने की कोशिश की। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी केंद्र से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की, जबकि ्र्रक्क के कई नेता समर्थन में इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए।
एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में केजरीवाल ने कहा कि देश भर के लाखों युवा जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। उनकी बात सुनने के बजाय, सरकार उन पर लाठीचार्ज का आदेश दे रही है। आपने उस इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया है; उन्हें संसद की ओर जाने से रोका जा रहा है। यह सही नहीं है।

पेपर लीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए छात्रों के हित हमारे लिए सबसे ऊपर : प्रधानमंत्री मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज एनडीए मंगल मिलन समारोह में नीट परीक्षा से लेकर हर मुद्दे पर बोले। उन्होंने कहा कि पेपरलीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, उन्होंने कहा कि छात्रों के हित हमारे लिए सबसे ऊपर हैं। पीएम मोदी ने एनडीए संसदीय दल को संबोधित करते हुए कई देशों के साथ जो एग्रीमेंट हुए हैं उसमें किसानों के हितों का खास ध्यान रखा गया है, उन्होंने कहा कि जिन भी देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं उसमें किसानों के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है। पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि नीट पर विपक्ष देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में हमने तुरंत कार्रवाई की। पीएम मोदी ने कहा कि नीट का रिजल्ट भी हमने जल्दी निकाल दिए, पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक तौर पर बच्चों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ नहीं खेलना चाहिए।

संसद मार्च के बाद बैकफुट पर आई भाजपा सरकार

घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे जेपी नड्डा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उनके साथ कई युवा भी घायल हो गए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार (21 जुलाई) को घायलों से मिलने दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों की उस टीम से भी बातचीत की, जो कि घायलों का इलाज कर रही है।
नड्डा ने इससे पहले सोमवार को सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की थी और उनकी मांगों को सुना था। युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर सोमवार मार्च किया था। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े थे, तभी कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। वहीं कई पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी थी। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर तोडफ़ोड़ भी की। दिल्ली के कॉनटप्लेस से लेकर जनपथ तक सडक़ों पर पत्थर बिखरे दिखे।

सफदरजंग से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट होंगे सोनम वांगचुक

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी पत्नी गीतांजलि की याचिका पर वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है।

रूसी हमले में चार भारतीयों की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। यूक्रेन के तट पर रूसी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने मंगलवार को रूस के चार्ज डीअफेयर्स (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया है। बता दें कि एमवी गोल्डन लियो नाम के इस जहाज पर रविवार को हमला हुआ था, जब वह यूक्रेन के दक्षिणी बंदरगाह ओडेसा से निकला था।
भारत ने सोमवार को गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट जहाज पर हुए हमले की निंदा की, जिसमें जहाज पर सवार 1० नाविकों की मौत हो गई थी। साथ ही भारत ने संघर्ष के दौरान कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाए जाने को रोकने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में रूस का नाम लिए बिना कहा, भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और निर्दोष आम नागरिकों (क्रू सदस्यों) की जान जोखिम में डालना या नेविगेशन और व्यापार की आजादी में बाधा डालना निंदनीय है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।

स्पीकर के विलय वाले फैसले को शिवेसना यूबीटी ने दी चुनौती

उद्धव गुट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सीजेआई बोले हम देखेंगे

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के उस फ़ैसले को चुनौती दी, जिसमें उन्होंने पार्टी के छह सांसदों के महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंज़ूरी दी थी।
शिवसेना (यूबीटी) की ओर से सीनियर वकील देवदत्त कामत ने चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच के सामने यह मामला रखा। कामत ने बेंच से गुज़ारिश की कि इस याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को लिस्ट किया जाए। सीजेआईने कहा कि हम देखेंगे। कामत ने बेंच को बताया कि 18 जुलाई को स्पीकर ने शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंज़ूरी दी थी। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने (छह सांसदों के) विलय को मान्यता दे दी है। उन्होंने आगे कहा कि यह एक राष्ट्रीय घटना बन गई है क्योंकि सांसद अब उन लोगों के साथ मिल रहे हैं जिनके खिलाफ उन्होंने चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।
मानसून सत्र से पहले, 18 जुलाई को ओम बिरला ने शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंज़ूरी दे दी।

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