कांग्रेस ने PMKVY पर मोदी सरकार पर आरोप लगाए, CAG रिपोर्ट में योजना की परफॉर्मेंस पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है. CAG रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने 7 साल में 10,000 करोड़ रुपये बांटे, जिसमें 94.53% लाभार्थी फर्जी निकले. रिपोर्ट में फरवरी में ट्रेनिंग जैसी बात कही गई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है. CAG रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने 7 साल में 10,000 करोड़ रुपये बांटे, जिसमें 94.53% लाभार्थी फर्जी निकले. रिपोर्ट में फरवरी में ट्रेनिंग जैसी बात कही गई है. कांग्रेस ने इसे युवाओं से धोखाधड़ी बताते हुए हाई लेवल इंक्वायरी की मांग की है.
कांग्रेस ने मोदी सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) पर सवाल उठाया है. कांग्रेस नेता कन्नन गोपीनाथ ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग (BJP) स्कैम करने में इतने स्किल्ड हो चुके हैं कि अब फरवरी में ट्रेनिंग करवा रहे हैं. कन्नन गोपीनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, ये मोदी सरकार की एक योजना थी, जिसके बारे में आप सभी ने सुना होगा. हाल ही में इसकी CAG रिपोर्ट आई है, जिसमें 2015 से 2022 तक के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है.
इस रिपोर्ट ने PMKVY में भयंकर स्कैम का भंडाफोड़ किया है. एक प्रोग्राम था- नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन. मोदी सरकार ने इसका नाम बदला, रिपैकेज किया और नाम रखा- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना यानी PMKVY. सरकार ने इस योजना के लिए 7 साल में 10 हजार करोड़ रुपए बांट दिए, जिसमें 94.53 फीसदी लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी निकले हैं.
61 लाख ट्रेनरों की आधी-अधूरी जानकारी
वहीं, करीब 61 लाख ट्रेनरों की जानकारी आधी-अधूरी दी गई है. PMKVY के तहत ट्रेनिंग हुई है या नहीं, इसकी जांच के लिए Assessor होते हैं, लेकिन हमारे पास 97 फीसदी Assessor की कोई जानकारी नहीं है. ट्रेनिंग पूरी करने वालों के Email और मोबाइल नंबर लिए जाते हैं. यहां करीब 1 लाख ईमेल लिए गए हैं और 1 करोड़ लोगों के लिए वही ईमेल इस्तेमाल कर लिया गया है.
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि नीलिमा मूविंग पिक्चर्स नाम की कंपनी ने PMKVY के तहत 33 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी है, लेकिन ये कंपनी पिछले 5-6 साल से बंद है. ट्रेनिंग के तहत एक ही तस्वीर को अलग-अलग जगहों का बताकर इस्तेमाल किया गया और ट्रेनिंग देने की बात कही गई. जयपुर कल्चरल सोसाइटी नाम के ट्रेनिंग पार्टनर ने बताया है कि उन्होंने फरवरी में ट्रेनिंग ऑर्गनाइज किया है.
7 साल में 10 हजार करोड़ का करप्शन
कन्नन गोपीनाथ ने आगे कहा कि ये लोग स्कैम करने में इतने स्किल्ड हो चुके हैं कि अब फरवरी में ट्रेनिंग करवा रहे हैं. पिछले 7 साल में 10 हजार करोड़ रुपए ऐसे लोगों को बांटे गए हैं, जिनके न फोन नंबर हैं और न कोई सही Email एड्रेस.PMKVY के तहत ट्रेनिंग पार्टनर्स को एनरॉलमेंट, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट के समय पैसा दिया जाता रहा है.
कांग्रेस ने की हाई लेवल जांच की मांग
मगर जब केरल की एक कंपनी में ऑडिट किया गया तो पता चला कि वहां लोगों का प्लेसमेंट ही नहीं हुआ है. PMKVY में ट्रेनिंग से लेकर एनरॉलमेंट, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट तक हर लेवल पर करप्शन किया गया है. इस मामले में कड़ी जांच होनी चाहिए. इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार इसके ऊपर इंक्वायरी बिठाए और सच सामने लेकर आए. ये न सिर्फ देश में टैक्स देने वालों, बल्कि युवाओं के साथ भी धोखा है.


