पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, BJP सांसदों ने नारों से किया स्वागत

पिछले हफ्ते छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान आज सोमवार को जब संसद भवन पहुंचे तो मकर द्वार पर NDA सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पिछले हफ्ते छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान आज सोमवार को जब संसद भवन पहुंचे तो मकर द्वार पर NDA सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया. उनके समर्थन में नारे में भी लगाए गए. बीजेपी सासंदों ने प्रधान जिंदाबाद के नारे भी लगाए.

पिछले हफ्ते छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान आज सोमवार को जब संसद भवन पहुंचे तो मकर द्वार पर NDA सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया. उनके समर्थन में नारे में भी लगाए गए. बीजेपी सासंदों ने प्रधान जिंदाबाद के नारे भी लगाए. इस्तीफे के बाद प्रधान पहली बार सार्वजनिक तौर पर दिखाई दिए.

प्रधान के इस्तीफे के बाद आज पहली बार संसद की कार्यवाही शुरू हुई. कार्यवाही में शामिल होने के लिए प्रधान जब संसद भवन पहुंचे तो वहां मौजूद एनडीए के सांसदों ने जोरदार स्वागत किया और उनके समर्थन में धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारे लगाए. खास बात यह भी रही कि मकर द्वार के पास ही विपक्षी सांसदों की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा था.

मकर द्वार का विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

संसद के मकर द्वार पर ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई सांसद भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे जंतर-मंतर पर CJP की अगुवाई में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हुई घटना के लिए केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.

छात्रों से प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से कांग्रेस की माफी की मांग पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “मैंने सुना है कि बिहार और बंगाल में छात्रों के खिलाफ अभी भी FIR दर्ज की जा रही हैं. मैंने यह सुना है, लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है तो फिर इसका क्या फायदा?”

इस बीच पेपर लीक कानून में संशोधन वाला बिल आज 12 बजे के करीब लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है. हालांकि संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही आज 11 बजे शुरू हुई तो विपक्षी सांसदों के हंगामे की वजह से सुचारू रूप से नहीं चल सकी, ऐसे में दोनों सदनों को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

पिछले हफ्ते पद से दिया था इस्तीफा

इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले हफ्ते शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. इस इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन खत्म कर लिया.

इस्तीफे के कुछ देर बाद ही केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई तीसरे दौर की बैठक हुई जिसमें आंदोलन खत्म करने को लेकर सहमति बनी.

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका देश विरोधी ताकतें फायदा न उठा पाएं और देश की एकता बनी रहे.

देश के एक भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे पढ़ाई में अपना समय लगाएं, करियर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है.

प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने इस पर खुशी जताई और युवाओं की जीत करार दिया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधान भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का प्रतीक हैं. अच्छा हुआ कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

वहीं पूर्व शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों को उनके आंदोलन के शांतिपूर्ण समापन के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘देर आए दुरुस्त आए’.

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