BMC चुनाव के नतीजों पर उठे सवाल, वोट चोरी के आरोपों से बीजेपी परेशान!

BMC समेत महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासी तस्वीर साफ कर दी है. सामने आये रुझानों में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: आज महाराष्ट्र में सियासी संग्राम मचा हुआ है। क्योंकि आज BMC चुनाव के नतीजें सामने आये नतीजों के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

BMC समेत महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासी तस्वीर साफ कर दी है. सामने आये रुझानों में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. पिछले 30 सालों से बीएमसी पर काबिज उद्धव ठाकरे की शिवसेना का तिलिस्म अब टूटता नजर सा गया है। महायुति गठबंधन लगातार बढ़त बनाए हुए है. ऐसे में बीजेपी के लोगों का यही मानना है कि ये जीत न केवल मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र में बीजेपी के बढ़ते वर्चस्व को दर्शाती है. उद्धव ठाकरे के लिए यह उनके राजनीतिक करियर का सबसे कठिन दौर साबित हो रहा है. कांग्रेस और एमएनएस जैसे विपक्षी दल इस चुनावी सुनामी में अपनी नैय्या पार लगाने में नाकाम नजर आ रहे हैं. नतीजों से ऐसा मालूम होता है मानों मुंबई के वोटरों ने विकास और डबल इंजन की सरकार पर अपना भरोसा जताया है. अब बीएमसी में भगवा गठबंधन का मेयर बनना लगभग तय है।

लेकिन विपक्ष इस नतीजे पर सवाल उठा रहा है। इसी बीच शिवसेना UBT नेता संजय राउत ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। राउत ने चुनावी रुझानों के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनके बयान से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी शुरुआती रुझानों से ही नतीजों को लेकर असंतुष्ट नजर आ रही है. संजय राउत ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं और लोकतंत्र को कमजोर किया गया है. राउत ने कहा कि मतदाता सूची से हजारों लोगों के नाम गायब थे. जिन इलाकों में शिवसेना को मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद थी, वहां बड़ी संख्या में वोट ही दर्ज नहीं हुए. उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर जनता किसी और को वोट दे रही थी, लेकिन ईवीएम में वोट ‘कमल’ निशान पर दर्ज हो रहा था. इस आरोप के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए.

शिवसेना नेता ने चुनाव आयोग और प्रशासन की भूमिका पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच हो तो सच्चाई सामने आ सकती है. राउत के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्षी दलों ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. अब देखना है कि अब अयोग संजय राउत के सवालों पर क्या कार्रवाई करता है. वहीं इन चुनावी नतीजों पर कांग्रेस की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। चुनावी नतीजों को देखते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास कम हो रहा है। उन्होंने बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। वहीं बीजेपी ने राहुल गांधी को खानदानी चोर बताया। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग का नागरिकों को गुमराह करना ही हमारे लोकतंत्र में विश्वास के पतन का कारण है। वोट चोरी एक राष्ट्रविरोधी कृत्य है।

राहुल गांधी के बाद अब कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री सिद्दारमैया ने भी बड़ा बयान दिया है . नतीजों को लेकर उन्‍होंने कहा, ‘लोकतंत्र तभी जीवित रहता है जब हर वोट पवित्र हो और उसकी सुरक्षा व्यवस्था वास्तविक व प्रभावी हो. आज बीएमसी चुनावों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों और वायरल सोशल मीडिया वीडियो में तथाकथित अमिट स्याही को सैनिटाइज़र, एसीटोन और अन्य रसायनों से आसानी से मिटते हुए दिखाया गया है, जिससे चुनावी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ये चिंताएं महाराष्ट्र समेत अन्य जगहों पर भी गूंज रही हैं. यह कोई इकलौती तकनीकी खामी नहीं है, बल्कि यह वोट चोरी की बड़ी कहानी का एक और चिंताजनक अध्याय है, जहां वास्तविक सवालों का सामना इनकार, टालमटोल या चुप्पी से किया जाता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर पड़ता है. बुनियादी सुरक्षा उपायों को कमजोर करना और नागरिकों की चिंताओं को नजरअंदाज करना लोकतंत्र की रक्षा नहीं करता, बल्कि उसे नुकसान पहुंचाता है. चुनाव आयोग को अब पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधारात्मक कदमों के साथ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.’

आठ साल के अंतराल के बाद हुए ये चुनाव मुंबई के लिए एक महत्वपूर्ण नागरिक प्रक्रिया साबित हुए। बीएमसी के पिछले चुनाव 2017 में हुए थे, जबकि अंतिम निर्वाचित महापौर किशोरी पेडनेकर का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हुआ था। चुनाव संपन्न होने के साथ ही मुंबई को लगभग चार साल बाद एक नया महापौर मिलने वाला है। आपको बता दें कि इस बार चुनावी नतीजों को लेकर एक तरफ जहां बीजेपी खेमे में ख़ुशी की लहर है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष जमकर आरोप लगा रहा है और वोट चोरी की बात कर रहा है।

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