डांग में कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा | BJP पर बड़ा हमला, श्रीनिवास को अहम जिम्मेदारी
दक्षिण गुजरात के डांग जिले से कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा ने सियासी माहौल गरमा दिया है... किसानों, युवाओं, आदिवासियों, महिलाओं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः दक्षिण गुजरात के डांग जिले में कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा तेज हुई है.. जहां पार्टी ने इस क्षेत्र की जिम्मेदारी युवा नेता श्रीनिवास बी.वी. को सौंपी है.. यह यात्रा गुजरात में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का सबसे बड़ा राज्यव्यापी अभियान है.. जो नवंबर 2025 से विभिन्न चरणों में चल रही है.. तीसरा चरण 2 फरवरी 2026 से वलसाड जिले के कपराडा से शुरू हुआ.. और अब डांग जिले सहित दक्षिण गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में पहुंच चुका है.. यात्रा का लक्ष्य लगभग 1100 किलोमीटर का सफर तय करना है.. जिसमें जनसंवाद, बाइक रैलियां, जनसभाएं.. और स्थानीय मुद्दों पर गहन चर्चा शामिल है.. कांग्रेस का दावा है कि यह यात्रा जनता की आवाज को मजबूत करेगी.. और भाजपा की 30 साल से ज्यादा पुरानी सरकार की नाकामियों को उजागर करेगी..
आपको बता दें कि जन आक्रोश यात्रा की शुरुआत 21 नवंबर 2025 को उत्तर गुजरात के धीमा गांव से हुई थी.. पहले चरण में यात्रा ने 1100 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया और 7 जिलों, 40 तालुकों तथा 12 शहरों से गुजरी.. इस चरण में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा, विधायक दल के नेता तुषार चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व किया.. पार्टी ने दावा किया कि यात्रा में जनता ने किसानों की कर्जमाफी, अवैध शराब की बिक्री.. और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर अपनी नाराजगी जाहिर की.. पहले चरण का समापन दिसंबर 2025 में हुआ.. जहां हजारों लोगों ने हिस्सा लिया.. और कांग्रेस ने इसे जनता से जुड़ने की सफल शुरुआत बताया..
वहीं दूसरा चरण दिसंबर 2025 में मध्य गुजरात से शुरू हुआ.. जिसमें खेड़ा, आनंद, वडोदरा और अन्य जिलों को कवर किया गया.. इस चरण में लगभग 1400 किलोमीटर का सफर था.. यात्रा में भथीजी महाराज मंदिर से शुरुआत हुई.. जहां से पहले नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्राएं शुरू की थी.. कांग्रेस ने नशे की समस्या, किसानों की आत्महत्या और युवाओं की बेरोजगारी पर फोकस किया.. पार्टी ने कहा कि गुजरात में 25 लाख से ज्यादा लोग नशे की गिरफ्त में हैं.. जो सरकार की नाकामी है.. इस चरण में भी जनसभाओं और बाइक रैलियों से बड़ा जनसंपर्क हुआ..
आपको बता दें कि तीसरा चरण दक्षिण गुजरात में 2 फरवरी 2026 को वलसाड जिले के कपराडा से शुरू हुआ.. वहीं यह चरण विशेष रूप से आदिवासी बहुल इलाकों पर केंद्रित है.. जहां वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, नर्मदा, तापी और डांग जिले शामिल हैं.. डांग जिला गुजरात का सबसे छोटा लेकिन सबसे ज्यादा आदिवासी आबादी वाला जिला है.. यहां भिल, कोकना और अन्य आदिवासी समुदाय रहते हैं.. जिले में जंगलों, पहाड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है.. लेकिन विकास की कमी, पानी की तंगी, शिक्षा.. और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, वन अधिकारों का हनन.. और नशे की समस्या गंभीर है.. कांग्रेस ने इस चरण में इन मुद्दों को मुख्य रूप से उठाया है.. यात्रा में जनसंवाद के जरिए लोगों से सीधे बात की जा रही है.. जहां कार्यकर्ता घर-घर जाकर समस्याएं सुन रहे हैं..
वहीं इस चरण की जिम्मेदारी भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष.. और अब एआईसीसी सेक्रेटरी श्रीनिवास बी.वी. को सौंपी गई है.. श्रीनिवास गुजरात कांग्रेस में युवा मोर्चा को मजबूत करने वाले प्रमुख नेता हैं.. उन्होंने 2 फरवरी 2026 को यात्रा की शुरुआत पर कहा कि गुजरात में परिवर्तन के संकल्प के साथ जन आक्रोश यात्रा का अगला चरण आज दक्षिण गुजरात से प्रारंभ हुआ.. यह यात्रा गुजरात की आवाज है.. जनविश्वास का प्रतीक है.. और बदलाव की निर्णायक शुरुआत है.. 3 फरवरी को उन्होंने पोस्ट किया कि जन आक्रोश यात्रा, दक्षिण गुजरात.. हम जाएंगे हर घर, हर गली, हर मोड़ पर.. लोगों की तकलीफों की आवाज बनेंगे.. और हर मोर्चे पर संघर्ष करेंगे.. क्योंकि गुजरात में परिवर्तन जरूरी है.. और उन्होंने यह भी कहा कि यह सफर सिर्फ यात्रा नहीं.. बल्कि खामोशी तोड़ने की शुरुआत है..
आपको बता दें कि 4 फरवरी 2026 को श्रीनिवास ने दक्षिण गुजरात में यात्रा के दौरान रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया.. और स्व. रमनलाल जी देसाई को श्रद्धांजलि दी.. और उन्होंने कहा कि जिंदगियां बचाने के प्रयास ही सच्ची श्रद्धांजलि हैं.. 5 फरवरी को उन्होंने डांग जिले का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात को बचाने के लिए चुप्पी नहीं, आवाज चाहिए.. बदलाव के लिए सिर्फ वादे नहीं, संघर्ष चाहिए.. डांग, दक्षिण गुजरात में जनआक्रोश यात्रा जारी है.. इन पोस्ट्स से साफ है कि यात्रा डांग में तेजी से चल रही है और श्रीनिवास इसका नेतृत्व कर रहे हैं..
बता दें कि यात्रा में कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को सबसे ऊपर रखा है.. गुजरात में किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा, सिंचाई सुविधाएं कम हैं.. और फसल बीमा में दिक्कतें हैं.. युवाओं की बेरोजगारी दर ऊंची है.. पार्टी का आरोप है कि भाजपा का विकास मॉडल सिर्फ बड़े उद्योगों और शहरों के लिए है.. जबकि ग्रामीण युवा बेरोजगार हैं.. महिलाओं की सुरक्षा, महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ना भी प्रमुख मुद्दे हैं.. नशे की समस्या दक्षिण गुजरात में बहुत गंभीर है.. कांग्रेस ने कहा कि गुजरात में 25 लाख से ज्यादा लोग नशे की लत में हैं.. जो सरकार की नाकामी है..
आदिवासी अधिकारों का हनन एक बड़ा मुद्दा है.. डांग जिले में वन अधिकार अधिनियम (FRA) 2006 के तहत हजारों दावे लंबित हैं.. वन विभाग के नियमों से आदिवासियों को सड़क, पुल.. और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही.. सरदार सरोवर बांध से प्रभावित आदिवासियों का पुनर्वास अधूरा है.. कांग्रेस ने इको-सेंसिटिव जोन जैसे नियमों का विरोध किया है.. जो विकास को रोकते हैं.. प्रदूषण भी मुद्दा है, क्योंकि औद्योगिक विकास से नदियां.. और जंगल प्रभावित हो रहे हैं.. भ्रष्टाचार पर पार्टी ने कई आरोप लगाए हैं..



