3 दिन के गुजरात दौरे पर अरविंद केजरीवाल, 20 हजार वॉलिंटियर्स को दिलाएंगे शपथ

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर जा रहे हैं... इस दौरान वे करीब 20 हजार वॉलिंटियर्स को शपथ दिलाएंगे...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक.. और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज से गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं.. यह दौरा 17 जनवरी से 19 जनवरी तक चलेगा.. और इसका मुख्य उद्देश्य पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है.. गुजरात AAP के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इस दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि.. यह केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं है.. बल्कि गुजरात में पार्टी की बढ़ती हुई ताकत.. और जनसमर्थन का प्रतीक है.. इस दौरान केजरीवाल पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलनों में हिस्सा लेंगे.. और अहमदाबाद तथा वडोदरा में लगभग 20 हजार बूथ स्तर के वॉलंटियर्स को शपथ दिलाएंगे.. यह आयोजन AAP की उस अनोखी संगठनात्मक रणनीति को दर्शाता है.. जिसमें हर कार्यकर्ता को महत्वपूर्ण भूमिका और स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी जाती है..

गुजरात में AAP की जड़ें मजबूत करने की यह कोशिश ऐसे समय में हो रही है.. जब राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है.. BJP की मजबूत पकड़ वाले गुजरात में AAP ने पिछले कुछ सालों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है.. 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने 5 सीटें जीती.. और 13 प्रतिशत से ज्यादा वोट शेयर हासिल किया.. जो एक नई पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि थी.. अब 2027 के चुनावों की तैयारी में AAP बूथ स्तर पर अपनी टीम को मजबूत कर रही है.. गढ़वी ने कहा कि यह दौरा पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा.. और जनता की आवाज को सीधे नेतृत्व तक पहुंचाने में मदद करेगा..

आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल अपने दौरे के पहले दिन.. वे पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे.. और गुजरात में AAP की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे.. यह दिन मुख्य रूप से आंतरिक बैठकों.. और रणनीतिक चर्चाओं के लिए समर्पित है.. केजरीवाल गुजरात में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करेंगे.. गुजरात AAP के आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट की गई जानकारी के अनुसार.. केजरीवाल अहमदाबाद और वडोदरा में कार्यकर्ता सम्मेलनों में मार्गदर्शन देंगे..

दूसरे दिन 18 जनवरी को, अहमदाबाद में सेंट्रल जोन का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा.. इस सम्मेलन में अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा.. और सुरेंद्रनगर लोकसभा क्षेत्रों के करीब 9 हजार से ज्यादा बूथ वॉलंटियर्स हिस्सा लेंगे.. केजरीवाल इन वॉलंटियर्स को शपथ दिलाएंगे.. जिसमें वे पार्टी के सिद्धांतों.. ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा का पालन करने का वचन लेंगे.. गढ़वी ने बताया कि यह सम्मेलन पार्टी के संगठन को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.. बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़कर AAP अपनी रीढ़ को मजबूत कर रही है.. यह मॉडल वही है, जिसने दिल्ली और पंजाब में पार्टी को सफलता दिलाई..

तीसरे और अंतिम दिन 19 जनवरी को वडोदरा में ईस्ट जोन का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन होगा.. यहां आनंद, वडोदरा, दाहोद, छोटा उदयपुर.. और पंचमहल लोकसभा क्षेत्रों के 9 हजार से अधिक बूथ वॉलंटियर्स को शपथ दिलाई जाएगी.. इतनी बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स की भागीदारी गुजरात में AAP की गहराती पकड़ को दिखाती है.. गढ़वी ने कहा कि बूथ स्तर पर ऐसे बड़े और सुव्यवस्थित कार्यक्रम AAP की कार्यशैली की पहचान बन चुके हैं.. पार्टी मानती है कि मजबूत संगठन की शुरुआत बूथ से होती है.. जब बूथ मजबूत होता है.. तो जनता की समस्याएं सीधे नेतृत्व तक पहुंचती हैं..

जानकारी के अनुसार यह दौरा केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं है.. केजरीवाल कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे.. उनकी समस्याएं सुनेंगे और संगठन के महत्व पर जोर देंगे.. इससे कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा.. और वे बदलाव की लड़ाई में खुद को बराबर का भागीदार महसूस करेंगे.. AAP की यह रणनीति अन्य पार्टियों से अलग है.. जहां नेतृत्व जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ सीधे जुड़ा रहता है..

आम आदमी पार्टी की गुजरात में एंट्री 2014 में हुई.. लेकिन असली धमाकेदार शुरुआत 2022 के विधानसभा चुनावों से मानी जाती है.. उस समय पार्टी ने 182 में से 5 सीटें जीती.. और विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया.. इसुदान गढ़वी, जो पूर्व पत्रकार हैं.. और अब AAP गुजरात के अध्यक्ष हैं.. उन्होंने पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.. गढ़वी का X प्रोफाइल बताता है कि वे सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ते हैं.. और लोगों के भले के लिए राजनीति करते हैं.. उनके नेतृत्व में AAP ने गुजरात में स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसे मुद्दों पर फोकस किया है..

पिछले कुछ महीनों में AAP की गुजरात में गतिविधियां बढ़ी हैं.. जनवरी 2026 में ही, सूरत में नुक्कड़ सभाओं में हजारों लोग जुड़े.. AAP नेता चैतर वासवा, गोपाल इटालिया और मनोज सोरठिया ने इन सभाओं का नेतृत्व किया.. एक X पोस्ट में बताया गया कि 1500 से ज्यादा कांग्रेस और BJP कार्यकर्ता AAP में शामिल हुए.. यह दिखाता है कि गुजरात में लोग बदलाव चाहते हैं.. BJP की 30 साल की सत्ता के बाद लोग नई विकल्प तलाश रहे हैं.. AAP का दिल्ली मॉडल.. मुफ्त बिजली, पानी, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य.. गुजरातियों को आकर्षित कर रहा है..

पंजाब में AAP की सरकार बनने के बाद गुजरात में पार्टी का मनोबल ऊंचा है.. वहां भी बूथ स्तर पर संगठन बनाकर चुनाव जीता गया.. गुजरात में AAP उसी मॉडल को अपनाकर 2027 के चुनावों की तैयारी कर रही है.. गढ़वी ने कहा कि गुजरात में पार्टी की पकड़ लगातार गहरी हो रही है.. बूथ वॉलंटियर्स की संख्या बढ़ना इसका प्रमाण है..

गुजरात BJP का गढ़ रहा है.. नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए यहां विकास का मॉडल स्थापित हुआ.. लेकिन हाल के सालों में महंगाई.. बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं.. AAP इन मुद्दों पर हमला कर रही है.. फेक लिकर स्कैंडल और भ्रष्टाचार पर केजरीवाल ने पहले भी गुजरात दौरों में बात की.. एक पुराने X पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की हालत खराब हो रही है.. और BJP-कांग्रेस की गठजोड़ सरकार चल रही है..

हालांकि, AAP को चुनौतियां भी हैं.. गुजरात में जातीय समीकरण महत्वपूर्ण हैं.. आदिवासी इलाकों में AAP मजबूत हुई है.. लेकिन शहरी क्षेत्रों में BJP की पकड़ मजबूत है.. AAP को कांग्रेस से वोट कटौती का आरोप लगता है.. लेकिन पार्टी इसे नकारती है.. गढ़वी कहते हैं कि AAP एक नई राजनीति ला रही है.. जहां फोकस जनता की समस्याओं पर है.. इस दौरे से AAP को फायदा होगा.. 20 हजार वॉलंटियर्स की शपथ से संगठन में एकता आएगी.. यह संख्या दिखाती है कि पार्टी जमीनी स्तर पर तैयार है.. गुजरात में AAP की टीम अब चर्चाओं से आगे बढ़कर एक्शन में है..

AAP की सफलता का राज उसकी संगठनात्मक सोच में है.. दिल्ली में 2013 से पार्टी ने बूथ स्तर पर काम किया.. हर बूथ पर वॉलंटियर्स को जिम्मेदारी दी गई.. वोटर लिस्ट चेक करना, समस्याएं सुनना और समाधान पहुंचाना.. इसी से दिल्ली में तीन बार सरकार बनी.. पंजाब में भी 2022 में यही मॉडल अपनाया गया.. जहां AAP ने बहुमत से सरकार बनाई.. गुजरात में AAP उसी राह पर है.. गढ़वी ने कहा कि पार्टी हर कार्यकर्ता को अहम भूमिका देती है.. यह दौरा उस सोच को मजबूत करेगा.. केजरीवाल का कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद उन्हें मोटिवेट करता है.. वे महसूस करते हैं कि नेतृत्व उनके साथ खड़ा है..

 

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