सर्दियों में स्वास्थ्य के लिए ये तेल हैं फायदेमंद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पराठों पर घी, सब्जियों में तेल और शरीर पर सरसों की मालिश, ये सब सर्दियों में बहुत जरू री है। सर्दियों में हमारे खाने-पीने की आदतों में भी बदलाव आ जाता है। ठंड के मौसम में शरीर को अतिरिक्त गर्मी और ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में सही तेल का चुनाव करना बेहद जरूरी है। भारतीय रसोई में सबसे आम तीन तेल हैं, सरसों का तेल, मूंगफली का तेल और तिल का तेल। लेकिन ठंड के मौसम में कौन सा तेल खाना सबसे सही है? सरसों, मूंगफली या तिल तीनों भारतीय रसोई के पुराने साथी हैं, पर इनका असर शरीर पर अलग-अलग होता है। अगर आप सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता और त्वचा की सेहत को को बेहतर रखना चाहते हैं, तो तिल का तेल सबसे अच्छा विकल्प है। वहीं, हृदय रोगियों के लिए सरसों का तेल ज्यादा फायदेमंद है। मूंगफली का तेल सामान्य कुकिंग के लिए अच्छा है। ऐसे में आप अपने शरीर और जरूरत के मुताबिक सर्दी में तेल का चयन करें।

शरीर की जरूरत के हिसाब से करें प्रयोग

दरअसल, कोई भी तेल सबसे अच्छा नहीं होता, यह आपके शरीर की जरूरत और मौसम पर निर्भर करता है। अगर आप हृदय रोगी हैं, या मालिश चाहते हैं तो सरसो के तेल का उपयोग करें। एनर्जी की जरूरत हो या कुछ फ्राइंग करना हो तो मूंगफली का तेल उपयोग में लाएं। ये कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में भी असरदार है। वहीं तीसरा तिल का तेल सर्दियों में जोड़ों के दर्द और ड्राय स्किन वालों के लिए असरदार है।

तिल का तेल

तिल का तेल आयुर्वेद में विंटर ऑइल कहा जाता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है, जोड़ों के दर्द में राहत देता है और स्किन की नमी बनाए रखता है। इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और विटामिन ्य पाया जाता है। तिल का तेल ठंड से शरीर को बचाता है, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में आराम देता है व हड्डियों को मजबूत बनाता है। वहीं स्किन को सर्दियों में सूखने से रोकता है। इसके अलावा एंटी-एजिंग प्रॉपर्टीज से शरीर को यंग बनाए रखता है। वहीं इसका स्वाद थोड़ा स्ट्रॉन्ग होता है, इसलिए खाना बनाते समय इसे दूसरे तेल के साथ मिक्स करके इस्तेमाल किया जा सकता है।

मूंगफली का तेल

मूंगफली का तेल, जिसे ग्राउंडनट ऑयल कहा जाता है, सर्दियों में शरीर को एनर्जी देने वाला तेल है। इसमें विटामिन ई, पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स, और प्लांट प्रोटीन मौजूद होते हैं। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मदद करता है। इसका स्मोक पॉइंट ज्यादा होता है, इसलिए डीप फ्राई के लिए बेहतरीन है। हालांकि, एलर्जी वाले लोगों को इसे सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए। मूंगफली के तेल शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है और एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रैडिकल्स से बचाते हैं। यह खाना स्वादिष्ट और क्रिस्पी बनाता है व उच्च स्मोक पॉइंट के कारण डीप फ्राई के लिए उपयुक्त होता है। वहीं जिन लोगों को मूंगफली से एलर्जी है, उन्हें इस तेल से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, वजन घटाने वाले लोग इसे सीमित मात्रा में उपयोग करें।

सरसों का तेल

सरसों का तेल एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं। सरसो तेल में विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो हृदय को स्वस्थ रखते हैं। सर्दियों में यह शरीर को गर्म रखता है और त्वचा की नमी बनाए रखता है। यह ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है। सरसों का तेल भारतीय घरों का परंपरागत तेल है। इसका उपयोग केवल खाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर की मालिश और ठंड से बचाव के लिए भी किया जाता है। सरसो का तेल हृदय रोग से सुरक्षा देता है, इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है व सर्दियों में शरीर को गर्म रखता है और एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण से बचाते हैं। वहीं बालों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। वहीं सरसों का तेल अगर ज़्यादा तापमान पर बार-बार गर्म किया जाए तो ट्रांस फैट्स बन सकते हैं, इसलिए इसे ताज़ा और सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करें।

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