भाजपा ऐसा हिंदुस्तान चाहती है जहां एक राजा सारे फैसले करे: राहुल

- नेता प्रतिपक्ष बोले- भाजपा केलोग डरपोक हैं
- मनरेगा को लेकर एकबार फिर सांसद का पीएम मोदी पर हमला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मनरेगा को नेता नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी ने एकबार फिर भाजपा पर प्रहार किया है। कांग्रेस सांसद ने कहा मनरेगा की परिकल्पना गरीबों को रोजगार देने के अधिकार का कानून था इसमें लोगों और मजदूरों की आवाज थी। उन्होंने कांग्रेस के प्रकोष्ठ रचनात्मक कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम मनरेगा बचाओ मोर्चा में यह आरोप भी लगाया कि भाजपा एक ऐसा हिंदुस्तान चाहती है जहां एक राजा सारे फैसले करे। इस योजना ने हर गरीब व्यक्ति को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी थी।
राहुल गांधी ने ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की जगह लाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी तथा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए लोगों का आह्वान किया कि वे सरकार के इस कदम के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा इसे खत्म करना चाहते हैं। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने निरस्त हो चुके कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों ने दबाव डालकर कानूनों को रद्द करवाया था तथा उन्होंने मजदूरों को रास्ता दिखाया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि ये लोग (भाजपा) आधुनिक भारत के ढांचे को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, मुझे मालूम है कि ये (भाजपा) डरपोक लोग हैं। अगर हम लोग एक साथ खड़े हो गए तो आप निर्णय लेंगे कि योजना का नाम क्या होगा और यह कैसे चलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ गरीबों को एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा।
मप्र कांग्रेस का वोटर लिस्ट से नाम काटने का आरोप
मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) को लेकर कांग्रेस और आक्रामक हो गई है। प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7, बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने और कथित फर्जी आपत्तियों के आरोपों के बीच कांग्रेस ने अब सीधे निर्वाचन आयोग के दफ्तर पहुंचकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधि मंडल गुरुवार को भोपाल स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
11 लाख नाम जोड़े और लाखों नाम हटाये गये : पटवारी
जीतू पटवारी ने कहा कि हाल ही में मतदाता सूची में करीब 11 लाख नए नाम जोड़े गए हैं, वहीं लाखों ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिन्हें कांग्रेस समर्थक बताया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह मताधिकार को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है। पटवारी ने आरोप लगाया कि आयोग के नियमों के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में एक ही व्यक्ति द्वारा 200-200 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कई इलाकों में भाजपा के बीएलए और कुछ बीएलओ की मिलीभगत से मतदाताओं पर दबाव बनाकर फॉर्म-7 जबरन भरवाए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।



