UGC नियमों को लेकर सवर्ण समाज में उबाल, युवक ने खून से लिखा पत्र DM को सौंपा
UGC नियमों को लेकर सवर्ण समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विरोध में सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: UGC नियमों को लेकर सवर्ण समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विरोध में सवर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने UGC के नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस दौरान सवर्ण समाज के एक युवक ने खून से लिखा पत्र जिलाधिकारी को सौंपकर विरोध दर्ज कराया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
UGC की नई गाइडलाइंस को लेकर लेकर केंद्र सरकार बैकफुट पर है. सवर्ण समाज के लोग सड़क से लेकर सुप्रीम
कोर्ट तक में लड़ाई लड़ रहे हैं. सर्वोच्च अदालत में 20 से ज्यादा याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं. वहीं, दिल्ली से
लेकर सोनभद्र तक में लोग सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
सोनभद्र में सवर्णों का बड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है. कलेक्ट्रेट पर जनसैलाब उमड़ा है. छात्र हितों को लेकर यूजीसी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हो रहा है. सवर्ण समाज के लोग यूजीसी नीतियों पर भड़के हैं. उन्होंने सरकार को नियम
वापस नहीं लेने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है. सवर्ण समाज के युवक ने खून से लिखा रक्तपत्र जिलाधिकारी को सौंपा है.
जौनपुर में प्रदर्शन
जौनपुर में UGC को लेकर सवर्ण आर्मी ने प्रदर्शन किया है. उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है. लोगों ने काला कानून वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांग न पूरी हुई तो 2027 में BJP को खामियाजा भुगताना पड़ेगा.
उधर, रायबरेली में सवर्ण लोगो का विरोध बढ़ रहा है. बीजेपी के किसान नेता रमेश बहादुर सिंह ने बीजेपी के सवर्ण विधायकों और सांसदों को चूड़ियां भेज कर विरोध जताया है. वहीं सलोन विधानसभा से बीजेपी किसान मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष श्यामसुन्दर त्रिपाठी ने अपना इस्तीफा भेज दिया है. त्रिपाठी ने अपना इस्तीफ़ा संगठन पदाधिकारी को न देकर सीधे प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही है.
मेरठ में ठाकुर समाज का ऐलान
मेरठ में ठाकुर समाज ने शपथ ली है. उन्होंने कहा है सरकार अपना फैसला ले, नहीं तो हम उन्हें वोट नहीं देंगे. उन्होंने बीजेपी के बहिष्कार का सामूहिक ऐलान किया है.
सरकार क्या कर रही?
उधर, केंद्र सरकार ने यूजीसी के नए नियमों पर अटॉर्नी जनरल आर.वेकंटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से परामर्श किया है. नए नियमों के विभिन्न पहलुओं पर लिए सरकार ने दोनों कानूनविदों से अहम सलाह ली है. सुप्रीम कोर्ट के जातिगत भेदभाव संबंधी पूर्व के फैसले पर भी चर्चा की गई है. सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी के नए नियमों पर 20 से ज्यादा याचिकाएं दायर हो चुकी है. रजिस्ट्रार के पास याचिकाकर्ताओं ने जल्द मामले को सूचीबद्ध करने की मांग की, जिस पर उन्हें आश्वासन मिला है.



