हंसोल गांव परियोजना पर SC का फैसला, इतने हजार पेड़ों की कटाई पर नहीं लगी रोक
कोर्ट ने कहा कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चलने चाहिए. यह फैसला एक याचिका के बाद आया, जिसमें 4 हजार परिपक्व पेड़ों की कटाई रोकने की मांग की गई थी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद के हंसोल गांव में विकास परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि विकास और पर्यावरण साथ-साथ चलने चाहिए. यह फैसला एक याचिका के बाद आया, जिसमें 4 हजार परिपक्व पेड़ों की कटाई रोकने की मांग की गई थी.
अहमदाबाद के हंसोल गांव के पास विकास परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से मना कर दिया. परियोजना के दूसरे चरण के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई चल रही थी जिसे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई गई, लेकिन कोर्ट ने इन पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी.
साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विकास और पर्यावरण को साथ-साथ चलना होगा काटे गए पेड़ जंगली थे और उनके पुन: उगने के लिए ज्यादा प्रयास की आवश्यकता नहीं होगी. बता दें ये याचिका परियोजना के दूसरे चरण के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के लिए डाली गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों काटने की अनुमति दी
मामले में दखल ना देने के फैसले को सुनाते हुए CJI ने कहा कि विकास और पर्यावरण को साथ-साथ चलना होगा. साथ ही कहा कि काटे गए पेड़ जंगली थे और उनके पुन: उगने के लिए ज्यादा प्रयास की आवश्यकता नहीं होगी. ये याचिका अहमदाबाद के हंसोल गांव के एक निवासी ने दायर की थी याचिका.
याचिका में क्या कहा गया था?
दायर याचिका में कोर्ट को बताया गया था कि 4 हजार परिपक्व पेड़ काट दिए गए हैं. इसमें कहा गया था कि परियोजना के लिए एक पूरा तैयार जंगल को काट डाला गया है. यह जंगल 50-60 साल पहले लगाया गया था. साथ ही कहा गया कि अधिकारियों ने इसका कोई दूसरा विकल्प भी नहीं तलाशा और एक पुराने पेड़ को बदला नहीं जा
सकता, उसे 50-60 साल लगते हैं. किसानों के लिए जारी अधिसूचना के आधार पर और वह भी नियमों का पालन किए बिना पेड़ कैसे काटा जा सकता है? लेकिन कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर कटाई को हरी झंडी दे दी है.



