शंकराचार्य विवाद पर संजय सिंह की पहल, बोले– केंद्र सरकार करे हस्तक्षेप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर आप सांसद संजय सिंह ने शंकराचार्य से मुलाकात की. इस मुद्दे पर उन्होंने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर आप सांसद संजय सिंह ने शंकराचार्य से मुलाकात की. इस मुद्दे पर उन्होंने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज द्वारा उनके साथ प्रयागराज में माघ मेले के दौरान बदसुलूकी के आरोप लगाए
गए हैं. इस पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने शंकराचार्य से मुलाकात की है. इस बीच संजय सिंह ने मामले पर मीडिया से खास बातचीत की है.

उन्होंने कहा कि आज की बैठक में शंकराचार्य का मुद्दा उठाया है. अगर राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे
बातचीत नहीं करना चाहता है तो मैंने कहा है कि केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बात करें. संजय सिंह ने आगे कहा कि शंकराचार्य का धरने पर बैठना ठीक नहीं है. इसमें हस्तक्षेप हो. इस मुद्दे पर सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है. सिर्फ उन्होंने सुना है.

शंकराचार्य को रोके जाने पर क्या बोले संजय सिंह?
संजय सिंह ने कहा कि स्वामी अविमक्तेश्वरानंद महाराज को संगम नोज पर स्नान करने के लिए जाने से रोकना
योगी सरकार ने अपराध किया है. इसके बाद उनसे शंकराचार्य होने का सबूत मांगा गया. यह भी एक अपराध है.

उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. आप सांसद ने आगे कहा कि उनके शिष्यों को
धक्का दिया गया. साथ ही उनकी चोटी खींचकर पिटाई की गई और सरेआम उनका अपमान किया गया, यह पाप है.
कि बीते दिनों माघ मेले के अवसर पर प्रयागराज में शंकराचार्य अपने शिष्यों के साथ स्नान करने के लिए पहुंचे. इस दौरान उन्हें संगम नोज पर जाने से पुलिस ने रोक लिया. महाराज की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि उनके साथ धक्का-मुक्की और शिष्यों को पीटा गया है. इसके बाद वह धरने पर बैठ गए थे.

यूजीसी को लेकर क्या कहा?
यूजीसी को लेकर आम आदमी पार्टी के भीतर बातचीत की जाएगी. पार्टी की जो लाइन होगी बता दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि लोग अपने-अपने तरीके से लोग इस पर प्रदर्शन कर रहे हैं. संजय सिंह ने आगे कहा कि काशी कॉरिडोर के नाम पर मंदिर थोड़ा, मणिकर्णिका घाट तोड़ा, वृंदावन में बाबा के साथ धक्का-मुक्की की गई. वहीं शंकराचार्य के साथ जो तस्वीर आई है वह बताता है कि कैसे नारेबाजी की गई.

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