‘गांधी एक सोच, जिसे नफरत नहीं मिटा सकती’, बोले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि वे एक सोच और जीवन जीने का तरीका हैं। राहुल गांधी के अनुसार, इतिहास में कई बार साम्राज्यवादी ताकतों, नफरत की विचारधारा और सत्ता के घमंड ने इस सोच को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे हर बार नाकाम रहे।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने बापू को “भारत की अमर आत्मा” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, “महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं। वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी एक नफरत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। मगर राष्ट्रपिता ने हमें आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बापू को किया याद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मौके पर बापू को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस नफरत ने बापू को हमसे अलग किया, उसका समाधान भी बापू के दिखाए रास्ते में ही मिलता है। उन्होंने सत्य की रोशनी, अहिंसा की शक्ति और प्रेम की करुणा को समाज के लिए सबसे जरूरी बताया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बापू के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
जयराम रमेश ने साझा किया ऐतिहासिक दस्तावेज
इस अवसर पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इतिहास के कुछ दस्तावेजों का जिक्र किया। उन्होंने 1948 में जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के उन पत्रों को याद किया, जिनमें उन्होंने हिंदू महासभा और आरएसएस की गतिविधियों की आलोचना की थी। रमेश ने वर्तमान राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग आज भी बापू की विचारधारा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने नेहरू के उस ऐतिहासिक भाषण को भी साझा किया जो उन्होंने बापू की हत्या के बाद रेडियो पर दिया था।
के.सी. वेणुगोपाल ने भी बापू को दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने भी बापू को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 1948 में आज ही के दिन दुनिया को रास्ता दिखाने वाली महान आत्मा को हमसे छीन लिया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि आज भी कुछ लोग गांधी जी को देश की यादों से मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग भले ही बापू को छोटा दिखाने की कोशिश करें, लेकिन उनके मूल्य भारत की रग-रग में बसे हैं।
आज ही के दिन 1948 को हुई बापू की हत्या
30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। पूरा देश इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाता है। यह दिन बापू के शांति, न्याय और स्वतंत्रता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में समर्पित है। कांग्रेस नेताओं ने एक सुर में कहा कि बापू की विरासत को मिटाना नामुमकिन है।

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