डीटीसी कर्मचारी कल्याण कोष में गबन पर मचा बवाल

  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोले- निष्पक्ष जांच हो

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने डीटीसी कर्मचारी कल्याण कोष में 22 लाख रुपये से अधिक के गबन का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच की मांग की है। यादव का कहना है कि यह गबन डीटीसी के सोशल वेलफेयर विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला कर्मचारियों के हक और भरोसे से जुड़ा है। इसलिए इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।यादव ने मांग की कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं इस प्रकरण में हस्तक्षेप करें।
दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही आपराधिक और विभागीय कार्रवाई भी की जाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि जरूरत पड़े तो इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। इससे सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि डीटीसी पहले से ही करीब 97 हजार करोड़ रुपये के घाटे में है। ऐसे में कर्मचारियों के कल्याण कोष में गबन होना बेहद गंभीर है। इससे कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। ऐसे हालात में वे जनता की सेवा कैसे ठीक से कर पाएंगे। वहीं एमसीडी के सदन में बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर छींटाकशी, आरोप-प्रत्यारोप और नोकझोंक देखने को मिली। बैठक में 28 पार्षदों ने विचार रखे, लेकिन चर्चा के साथ-साथ सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान भी होता रहा।

अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो : देवेन्द्र यादव

यादव ने उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने दस्तावेजों को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है। बिना पारदर्शिता के विश्वास बहाल नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ कर्मचारी कल्याण कोष में लाखों रुपये का गबन हो रहा है। दूसरी ओर सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पेंशन बुजुर्ग कर्मचारियों की जीविका का एकमात्र सहारा होती है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि डीटीसी में बढ़ते घाटे और भ्रष्टाचार पर न तो पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने ध्यान दिया और न ही मौजूदा भाजपा सरकार ने कोई ठोस रणनीति बनाई है।

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