ये योगासन कराने से स्वस्थ रहेंगे बच्चे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नया साल बच्चों की सेहत और आदतों को सही दिशा देने का सबसे सही समय होता है। आज के दौर में मोबाइल, ऑनलाइन क्लास और स्क्रीन टाइम ने बच्चों के शरीर और मन दोनों को थका दिया है। ऐसे में अगर 1 जनवरी से बच्चों को योग की आदत लग जाए, तो यह उनको जीवनभर के स्वस्थ और सफल बनाने में असरदार हो सकता है। योग बच्चों के लिए मात्र व्यायाम नहीं, अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास सिखाने की भारतीय परंपरा है। योग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह बच्चों के शरीर को तो मजबूत बनाता ही है, साथ ही उनके मन को भी स्थिर करता है। बिना किसी मशीन, दवा या खर्च के सिर्फ रोज 20-25 मिनट का अभ्यास बच्चों की सेहत में बड़ा बदलाव ला सकता है। उनके मन को एकाग्र, मस्तिष्क को तेज और शार्प बनाता है।

वृक्षासन

यह आसन बच्चों को मानसिक संतुलन सिखाता है। वृक्षासन एकाग्रता और बैलेंस बढ़ाने वाला आसन है। अगर बच्चा रोज इस आसन का अभ्यास करता है तो उसका फोकस बढ़ता है। आत्मविश्वास मजबूत होता है और घुटनों व पैरों में मजबूती आती है। वृक्षासन का अभ्यास करने से पैर, टखनों, जांघों, पिंडलियों और घुटनों की मांसपेशियां मजबूत होती है। यह योगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। अगर इस योगासन का नियमित अभ्यास करेंगे, तो इससे पैरों में संतुलन और स्थिरता में सुधार होगा। इस योगासन के अभ्यास से पैर और हाथों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे बच्चों की लंबाई बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ताड़ासन

अगर आप भी बच्चों की कम हाइट या उनकी कम ग्रोथ से परेशान है, तो उन्हें नियमित रूप से ताड़ासन जरूर कराएं। इस आसन से शरीर में खिंचाव होता है और मांसपेशियों का भी ठीक से विकास होता है। बच्चों को ताड़ासन कराने से पाचन-संबंधी समस्याएं कम होती हैं। ये आसन करने से कब्ज की समस्या में राहत मिलने के साथ बच्चों का पेट भी साफ होता है। बच्चे मोबाइल और लैपटॉव पर गेम खेलते है। जिस कारण कई बार उनका पोस्चर खराब होने के साथ कमर में दर्द की समस्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों को ताड़ासन करने के लिए प्रेरित करें।

भुजंगासन

यह आसन इम्यूनिटी और पाचन को दुरुस्त रखने में असरदार है। इसका अभ्यास बच्चों के पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने के साथ ही पेट संबंधी समस्याओं में राहत देता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। योग शरीर को हेल्दी रखने के साथ मानसिक सुकून भी देता है। बच्चों को भुजंगासन कराने से उनमें ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है और वह इसको करने से संयमित महसूस करते हैं। ताड़ासन बच्चों के तनाव को स्तर को कम करने के साथ उन्हें मानसिक शांति देता है। भुजंगासन पीठ की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में असरदार योग है। भुजंगासन को पाचन, लिवर और किडनी के कार्यों में सुधार करने वाला योगासन माना जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है। छाती और फेफड़ों, कंधों और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है।

बालासन

पढ़ाई के दबाव में बच्चों के लिए यह आसन बेहद जरूरी है। यह तनाव और थकान दूर करने में मदद करता है। इसके अभ्यास से दिमाग शांत रहता है। नींद बेहतर होती है और चिंता व बेचैनी कम होती है।
आनंद बालासन आपके जांघों, कमर और हिप्स में खींचव उत्पन्न करते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में तनाव दूर करने और लचीलेपन को बढ़ाने में मदद मिलती है। इस मुद्रा को करने से पीठ के निचले हिस्से में दर्द से राहत मिलती है। यह मुद्रा पैरों में तंग मांसपेशियों को धीरे से खींचकर और पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करने में मदद कर सकती है। आनंद बालासन आपके मन को शांत करने में फायदेमंद है। इस मुद्रा में हल्की रॉकिंग गति और गहरी सांस लेने से मन को शांत करने, तनाव कम करने और शरीर को आराम देने में मदद मिल सकती है। इस मुद्रा को करने के दौरान पेट हल्का सा दबता है, जिससे पाचन को उत्तेजित करने और सूजन या अपच से होने वाली समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

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