यूपी विस में सदन में सपा-भाजपा में तकरार
बेरोजगारी-आरक्षण पर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा, हंगामें केबीच कुछ देर के लिए उठकर चले गए अध्यक्ष

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी विधानसभा में बजटसत्र के दौरान शुक्रवार को भी सदन हंगामेदार रहा। बेरोजगारी-आरक्षण को लेकर विपक्ष ने भाजपा की योगी सरकार पर करारा हमला बोला। सपा व भाजपा में चल रही तकरार के बीच विधानसभा अध्यक्ष उठकर चले गए।
सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपीपीएससी व एसएससी की जितनी भी नियुक्तियां होती हैं। इसका पूरा कैलेंडर जारी किया जाता है जिसे 2026 के लिए अभी जारी किया जा चुका है। 2017 के बाद से अब तक 47,000 पदों पर नियुक्ति हो चुकी हैं जिसमें आरक्षण के नियमों का पालन किया जा रहा है। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया जिस पर विधानसभा अध्यक्ष कुछ देर के लिए उठकर चले गए। सपा विधायक ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा भाजपा को युवाओं की तकलीफ सुनने से परेशानी होती है।
विकसित भारत जी राम जी योजना से आएगी खुशहाली : केशव
यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले कहा कि कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान खोखला है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है जबकि विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली आएगी। कांग्रेस आज मनरेगा बचाओ अभियान प्रारंभ कर रही है।

शंकराचार्य पर सदन बना अखाड़ा
विधान परिषद को शंकराचार्य के मुद्दे पर अखाड़ा बन गई। विपक्ष ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज माघ मेले में स्नान से रोके जाने और उनसे प्रमाणपत्र मांगे जाने को अपमानजनक बताया। इस पर सत्ता पक्ष ने सपा शासनकाल में उन पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए पलटवार किया।राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सपा सदस्य मुकुल यादव ने कहा कि शंकराचार्य पूरे देश में सम्मानित हैं, फिर भी माघ मेले में उनके साथ अभद्रता हुई। आरोप लगाया कि तहसीलदार स्तर के अधिकारी ने उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा। नौ दिन धरने पर रहने के बावजूद कोई अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं पहुंचा। इसके बाद वे बिना स्नान लौट गए।
प्रदेश का युवा खून के आंसू रो रहा : डॉ. रागिनी सोनकर
विधानसभा में सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा खून के आंसू रो रहा है। न तो उसकी शादी हो पा रही है। न सो पा रहा है और न रो पा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को युवाओं की पीड़ा सुनने से कष्ट होता है। उन्होंने कहा कि आजकल आयोग की ओर से जो रिक्तियां दी जा रही हैं। उसमें गलत जानकारी दी जाती है। एक युवा जो परीक्षा की तैयारी करता है उसे गलत जानकारी दी जाती हैं तो एक परीक्षार्थी कैसे तैयारी करेगा। सरकार जानकारी दे कि कितने पद रिक्त हैं और इन्हें कब तक भरेगी।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में परीक्षा होने से लेकर नियुक्ति तक तीन-तीन साल का समय लग जाता है ऐसे में युवाओं की जिंदगी से तीन से चार साल कम हो जाते हैं। इससे पहले कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। विधानसभा में सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। विधान परिषद में भी सरकार की ओर से दिए गए तथ्यों से असहमत सपा के सभी सदस्यों ने बहिर्गमन किया। विधानसभा में सपा विधायक रागिनी सोनकर ने प्रयागराज में खटिक समाज के बच्चों के डूबने, सरधना विधायक अतुल प्रधान ने उनके विधानसभा क्षेत्र में मां की हत्या और बेटी के अपहरण का मुद्दा उठाया। मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने और प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया। सपा विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रयागराज में जिसे पुलिस की गोली लगी है, उसके खिलाफ 31 मुकदमे दर्ज हैं। उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।
तेलंगाना निकाय चुनाव में कांग्रेस की आंधी
बीजेपी ने भी चौंकाया, बीआरएस दूसरे नंबर पर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
हैदराबाद। तेलंगाना निकाय चुनाव में अब तक 423 नगर नगरपालिका वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिसमें कांग्रेस बंपर जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। कांग्रेस 224 नगरपालिका सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। वहीं, बीजेपी सिर्फ 37 सीट ही हासिल कर पाई है। भारत राष्ट्र समिति ने 131 सीटें अभी तक जीती हैं। तेलंगाना में 116 नगर पालिकाओं और 7 नगर निगमों के चुनाव के लिए आज काउंटिंग हो रही है. मतगणना राज्य भर के 123 केंद्रों पर हो रही है।
तेलंगाना में इस बार सत्तारूढ़ कांग्रेस, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। इन चुनावों के रिजल्ट से साफ हो जाएगा कि राज्य में किस पार्टी की लहर है। मतों की गिनती में समय लगने की संभावना है, क्योंकि मतदान के दौरान मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया था। डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले शुरू की गई। वोटिंग के लिए सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतगणना केंद्रों पर लगभग 12,000 पुलिस कर्मियों और रैपिड एक्शन टीम को तैनात किया गया है।
मतगणना कक्ष के भीतर केवल मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक, उम्मीदवार और उनके चुनाव एवं मतगणना एजेंट ही मौजूद हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने कहा कि सभी मतगणना केंद्रों और ‘स्ट्रांग रूम के बाहर ‘वेबकास्टिंग की जा रही है। चुनाव में 73 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने 12 फरवरी को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेताओं राहुल गांधी एवं के सी वेणुगोपाल से मुलाकात की और उन्हें बताया कि कांग्रेस को शहरी चुनावों में अच्छे परिणाम मिलेंगे। कांग्रेस और पहले दो कार्यकाल तक राज्य पर शासन कर चुकी बीआरएस, दोनों के विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरने की उम्मीद में भाजपा ने निकाय चुनाव में जोरदार प्रचार किया।
बनारस कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी
जिला जज को मिला ई-मेल, खाली कराया गया परिसर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाराणसी। वाराणसी जिले में उस समय हडक़ंप मच गया जब जिला जज के ई-मेल पर कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसकी जानकारी मिलते ही बार पदाधिकारियों ने बैठक की। वहीं कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल हो गया। रात 1.30 बजे ई-मेल पर धमकी भरा मैसेज आने की जानकारी मिली है। जिला जज को ई-मेल पर मिली धमकी के बाद कचहरी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा फोर्स और बम निरोधक दस्ते के साथ कचहरी में चेकिंग अभियान चला रहे हैं। वहीं, अधिवक्ताओं ने भी अपने स्तर से चैंबर और संदिग्ध सामानों की जांच शुरू कर दी है। उधर, साइबर सेल की ओर से ई-मेल की जांच की जा रही है। सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम ने बताया कि जिला जज ने दोनों बार के अध्यक्ष महामंत्री को अपने चैंबर में बुलाकर जानकारी दी कि उनके यहां ई-मेल आया है, जिसमें डे? बजे आतंकवादी संगठनों ने कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी दी है। ऐसे में सभी मामलों में तारीखें दी जा रही हैं और कचहरी खाली करने का अनुरोध किया गया है।
स्टालिन ने महिलाओं केलिए खोला खजाना
खाते में जमा किए 5-5 हजार रुपये
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी महिला लाभार्थी योजना के तहत 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये जमा किए हैं। स्टालिन ने इसके साथ ही यह भी घोषणा की कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) पार्टी सत्ता में आती है तो वे मासिक सहायता दोगुनी करके 2,000 रुपये कर देंगे।
उन्होंने बताया कि कलैगनार महिला पात्रता योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 5,000 रुपये जमा कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा, ‘आपको आज सुबह 5,000 रुपये मिल गए होंगे. मैंने यह राशि इसलिए प्रदान करने का निर्णय लिया है क्योंकि कुछ स्वार्थी तत्व आगामी चुनाव का हवाला देकर योजना को स्थगित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ‘एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ‘इसलिए, महिलाओं को मिलने वाली मासिक वित्तीय सहायता से वंचित करने के प्रयास का मुकाबला करने के लिए उन्होंने फरवरी से तीन महीने तक यह राशि प्रदान करने तथा इसके अलावा गर्मियों के दौरान उनके खर्चों को पूरा करने के लिए 2,000 रुपये भी प्रदान करने का निर्णय लिया है। स्टालिन ने संदेश में कहा, ‘इतना ही नहीं, ष्ठरू्य के इस साल सत्ता में वापस आने के बाद 1,000 रुपये की मासिक राशि बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी जाएगी। डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने कहा, ‘मैं बहनों से अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों, दवाइयों या अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए इस राशि का विवेकपूर्ण उपयोग करें और उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी सत्ता में वापस आएगी।
केजरीवाल और सिसोदिया पर 27 को कोर्ट सुनाएगी फैसला
आबकारी नीति मामले में कुल 23 आरोपी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के बहुचर्चित आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और सभी आरोपियों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा। अब इस मामले में 27 फरवरी को अदालत अपना फैसला सुना सकती है। अदालत के आगामी आदेश पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।
सीबीआई ने अदालत में दावा किया कि पहली चार्जशीट और पूरक आरोप पत्र में साजिश के पर्याप्त आधार मौजूद हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों की ओर से आरोपों को निराधार बताया गया है। सीबीआई का आरोप है कि साउथ लॉबी ने दिल्ली की आबकारी मामला अपने पक्ष में कराने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।
अरविंद केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियां निभा रहे थे और उन्हें किसी भी तरह की रिश्वत मांगने या लेने से जोडऩे वाला कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल का नाम पहली चार्जशीट और तीन पूरक चार्जशीट में नहीं था, बल्कि चौथी पूरक चार्जशीट में जोड़ा गया, जो पहले की चार्जशीट का दोहराव है। बहस के दौरान अप्रूवर बने राघव मगुंटा के बयान का भी जिक्र हुआ। बचाव पक्ष ने कहा कि ऐसा कोई सीधा लिंक नहीं है जिससे साबित हो कि केजरीवाल ने किसी से पैसे लेने को कहा था।



