संघ के आय के स्रोत की जांच की जाए: प्रियांक

- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने देशभक्ति पर भी उठाए सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियंक खरगे ने आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। खरगे ने आरएसएस की कार्यप्रणाली, उनकी देशभक्ति और विशेष रूप से उनके वित्तीय लेन-देन पर सवाल खड़े किए। कर्नाटक के मंत्री ने राष्ट्रीय आरएसएस पर ‘धन शोधन’ में लिप्त होने का आरोप लगाया और इसकी आय के स्रोत पर भी सवाल उठाया। प्रियंक ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में सभी पर लागू होने वाला कानून और संविधान आरएसएस पर भी लागू हो। उन्होंने कहा, आरएसएस ने 52 वर्षों तक अपने कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और हमें वे देशभक्ति का पाठ पढ़ाते है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आरएसएस के पास 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है, ये अमेरिका और इंग्लैंड से हैं। ये उनसे पैसे लेते हैं और मैं बता रहा हूं कि ये लोग धन शोधन में शामिल हैं। आरएसएस को पैसा कहां से मिल रहा है और कैसे मिल रहा है, इस सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, वे चाहते हैं कि हम अच्छे नागरिक बनें, आयकर दें, लेकिन वे खुद स्वतंत्र रहना चाहते हैं। यह कैसे संभव है? हमें इस पर सवाल उठाना होगा। प्रियंक के इस बयान से कर्नाटक सहित राष्ट्रीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा होने की संभावना है। जहांकांग्रेस अक्सर आरएसएस की विचारधारा पर हमला करती रही है, वहीं मनी लॉन्ड्रिंग जैसे सीधे वित्तीय आरोप इस टकराव को एक नए स्तर पर ले गए हैं। अब देखना यह होगा कि भाजपा और आरएसएस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।



