कर्नाटक से लेकर झारखंड तक विप – रास चुनावों में उलटफेर
क्रास वोटिंग से भाजपा -जेडीएस में एकजुटता की कलई खुली

- विप में कर्नाटक कांग्रेस का जलवा 8 में से 5 सीटों पर बाजी मारी
- रांची के रास्ते रास जाने का कांग्रेस का सपना टूटा, एनडीए समर्थित प्रत्याशी जीता
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कर्नाटक व झारखंड की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जहां हाल ही में संपन्न हुए कर्नाटक विधान परिषद (विप) चुनाव 26 के नतीजों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस खेमे में जहां जश्न का माहौल ला दिया है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस गठबंधन के सामने कई असहज करने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव में न सिर्फ कांग्रेस ने 8 में से 5 सीटों पर बाजी मारी है, बल्कि विपक्षी खेमे में हुई भारी क्रॉस-वोटिंग (क्रॉस-मतदान) ने भाजपा-जेडीएस गठबंधन की अंदरूनी एकजुटता की कलई खोलकर रख दी है।
वहीं झारखंड में कांग्रेस क्रॉस वोटिंग का शिकाश हो गयी वहां रास सभा में उसे हार का मुहं देखना पड़ा। जीत के लिए 140 वोटों की ज़रूरत थी। हालांकि, जब वोटों की गिनती हुई, तो पार्टी के उम्मीदवारों को कुल 151 पहली पसंद के वोट मिले। 11 वोटों की इस अप्रत्याशित बढ़त ने इस अटकल को हवा दी है कि चुनाव के दौरान भाजपा-जेडीएस के विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर वोट किया। चूंकि वोटिंग गुप्त मतदान के ज़रिए हुई थी, इसलिए दोनों पार्टियों को यह पता लगाने में समय लग सकता है कि किसने पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ वोट किया। भाजपा के भीतर नेताओं का मानना है कि पार्टी से निकाले गए विधायकों स्ञ्ज सोमशेखर और शिवराम हेब्बार के अलावा, कुछ और विधायकों ने भी कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन किया होगा। वहीं, जेडीएस के भीतर क्रॉस-वोटिंग के पैमाने को लेकर मतभेद है। कांग्रेस उम्मीदवार विनय कार्तिक, टिप्पन्नाप्पा कामाकानूर, शिवन्ना, हरिप्रसाद और मोहन सभी विधान परिषद के लिए चुने गए। इन जीतों के साथ, कांग्रेस ने अब 75 सदस्यों वाली विधान परिषद में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जिससे सत्ताधारी पार्टी के लिए सदन में महत्वपूर्ण कानून पास कराना आसान हो जाएगा।
झारखंड रास चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी की जीत
झारखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। उम्मीदवार परिमल नथवानी ने झारखंड से राज्यसभा चुनाव जीत लिया है और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार गए है। नतीजों के बाद, कांग्रेस नेताओं ने कुछ विधायकों द्वारा क्रांस-वोटिंग किए जाने की आशंका जताई है, क्योंकि पार्टी और उसके सहयोगियों से चुनाव में कड़ी टक्कर की उम्मीद थी। वहीं, झामुमो के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम झारखंड से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए हैं। एनडीए समर्थित राज्यसभा चुनाव उम्मीदवार परिमल नथवानी की जीत पर बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि को एनडीए 28 वोट मिले, झामूमो को 30 और कांग्रेस को 19 वोट मिले। 3 वोट रद्द हो गए। परिमल नथवानी को 28 वोट मिले। विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनी और ऐसा होना ही था। झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि आज झारखंड की जनता और यहां के सम्मानित विधायकों ने कांग्रेस पार्टी को नकार दिया है और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को अपना लिया है। अगर कोई इस देश और राज्य का भला कर सकता है, तो वह नरेंद्र मोदी हैं। नरेंद्र मोदी के काम खुद बोलते हैं, उनका काम साफ़ दिखता है।



