मैक्सिको में ‘एल मेंचो’ ढेर देशभर में गैंगवार की आग

भारतीय दूतावास का अलर्ट कहा, घर से बाहर न निकलें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मैक्सिको इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। देश के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया और जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल के सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वांतेस उर्फ ‘एल मेंचो’ की सेना के हाथों मौत के बाद पूरे देश में हिंसा की लपटें फैल गई हैं। सडक़ों पर गोलियों की गूंज है कई शहरों में आपराधिक गिरोहों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की खबरें आ रही हैं। हालात इतने विस्फोटक हो गए हैं कि भारत का दूतावास मैक्सिको सिटी को अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।
मैक्सिको की सेना ने रविवार को एक बड़े ऑपरेशन के दौरान ‘एल मेंचो’ को मार गिराया। यह वही नाम है जो पिछले एक दशक से मैक्सिको की अपराध दुनिया का सबसे बड़ा चेहरा बना हुआ था। ‘एल मेंचो’ के नेतृत्व में सीजेएनजी न सिर्फ ड्रग तस्करी, बल्कि हथियारों की तस्करी, अपहरण और हिंसक वारदातों के जरिए पूरे देश में खौफ का पर्याय बन चुका था। उसकी मौत के साथ ही कार्टेल का नेतृत्व अचानक खत्म हो गया लेकिन इसके साथ ही सत्ता की इस खाली जगह को भरने के लिए गैंगवार और बदले की आग भडक़ उठी है।

भारतीय दूतावास का अलर्ट

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी चेतावनी में कहा है कि सुरक्षा अभियान लगातार जारी हैं और कई इलाकों में सडक़ अवरोध, गोलीबारी और आपराधिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। खासतौर पर जलिस्को, तमाउलिपास, मिचोआकान, गुएरेरो और नुएवो लियोन जैसे राज्यों में हालात बेहद संवेदनशील हैं। दूतावास ने साफ शब्दों में भारतीय नागरिकों से कहा है कि वह अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि नागरिक कानून प्रवर्तन एजेंसियों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों से दूर रहें भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें और अपने आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। स्थानीय मीडिया के जरिए ताजा अपडेट लेते रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय आपातकालीन नंबर 911 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को अपने परिवार और दोस्तों को अपनी स्थिति के बारे में नियमित रूप से सूचित करने के लिए भी कहा है।

इंडियंस के लिए हेल्पलाइन नम्बर (+52 55 4847 7539)

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए दूतावास ने एक हेल्पलाइन नंबर (+52 55 4847 7539) भी जारी किया है, ताकि जरूरत पडऩे पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। दूतावास ने यह स्पष्ट किया है कि हालात तेजी से बदल रहे हैं और किसी भी नए खतरे की स्थिति में और कड़े निर्देश जारी किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एल मेंचो’ की मौत मैक्सिको के अपराध जगत में एक बड़ा मोड़ है। एक ओर सरकार इसे अपनी बड़ी सफलता बता रही है तो दूसरी ओर यह आशंका भी बढ़ गई है कि अब कार्टेल के भीतर और अलग-अलग गैंगों के बीच खूनी संघर्ष और तेज हो सकता है। इसका सीधा असर आम नागरिकों और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलहाल, मैक्सिको में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। सडक़ों पर सेना की मौजूदगी बढ़ा दी गई है, लेकिन डर का साया अब भी कायम है। भारतीय नागरिकों के लिए जारी एडवाइजरी इस बात का संकेत है कि खतरा वास्तविक और गंभीर है—और इस समय सबसे सुरक्षित कदम है सतर्क रहना और सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरना।

त्रिशूली नदी बनी मौत की खाई

नेपाल में बस हादसे ने छीनी 18 जिंदगियां
चीखों और मलबे के बीच जिंदगी की जंग लड़ रहे 27 यात्री

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बेनीघाट। नेपाल की शांत वादियों में आज सुबह उस समय मातम पसर गया,? जब यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी। इस भीषण हादसे में कम से कम 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि 27 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में 6 महिलाएं भी शामिल हैं जिससे हादसे की त्रासदी और भी भयावह हो गई है। यह दुर्घटना नेपाल के धादिंग जिले में बेनीघाट रोरंग ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड-3 स्थित चरौंडी इलाके के पास चिनाधारा में तडक़े करीब 1:15 बजे हुई जब बस पोखरा से राजधानी काठमांडू की ओर जा रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे गहरी त्रिशूली नदी में जा गिरी। नदी में गिरते ही बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। अंधेरे और तेज बहाव के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और कई यात्रियों को नदी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धादिंग जिला ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की कि हादसे में 18 लोगों की जान चली गई है, जिनमें 6 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं।
वहीं, 27 घायल यात्रियों को गंभीर हालत में नदी से निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में 8 महिलाएं, 18 पुरुष और एक नाबालिग लडक़ी शामिल हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका भी जताई जा रही है।

घंटों चला राहत बचाव कार्य

राहत और बचाव अभियान कई घंटों तक चला, जिसमें स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों ने संयुक्त रूप से काम किया। तेज बहाव और अंधेरे के कारण बस तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था। बचाव दलों को नदी के भीतर उतरकर क्षतिग्रस्त बस से यात्रियों को बाहर निकालना पड़ा। इस दौरान कई दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आए, जहां घायल यात्री दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगा रहे थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बस चालक ने किसी तकनीकी खराबी या सडक़ की खराब स्थिति के कारण नियंत्रण खो दिया, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि हादसे के हर पहलू की जांच की जाएगी और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध पीने से चार लोगों की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
अमरावती। आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी शहर में दो दिन में मिलावटी दूध पीने के कारण 4 लोगों की मौत हो गई है। कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। ये सभी लोग पेशाब (एनुरिया) नहीं होने की समस्या होने पर अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।
जानकारी के मुताबिक, रविवार रात को हॉस्पिटल में इलाज करा रहे दो लोगों की मौत हो गई। इनकी पहचान एस. शेषगिरी राव (72) और राधा कृष्णमूर्ति (74) के तौर पर हुई है, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इससे पहले दो लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी पीड़ित ईस्ट गोदावरी जिले के राजमुंदरी शहर के लाला चेरुवु और चौदेश्वरी नगर इलाकों के रहने वाले हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, 15 फरवरी से अब तक कम से कम 14 लोगों को एनुरिया के लक्षणों के साथ अलग-अलग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सभी प्रभावित परिवारों का दूध बेचने वाला एक ही है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शक है कि दूध में मिलावट की वजह से एनुरिया हुआ है। पीड़ित ज्यादातर बुजुर्ग हैं। बीमार हुए लोगों में एक तीन साल का बच्चा और एक पांच महीने का शिशु भी शामिल है।

तृणमूल संस्थापक मुकुल राय का निधन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का आज कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि मुकुल रॉय पिछले कई दिनों से कोमा में थे और सोमवार तडक़े 1:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। मुकुल रॉय लंबे समय से बीमार चल रहे थे और हाल के वर्षों में सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे।
मुकुल रॉय ने 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इससे पहले वह कांग्रेस के सदस्य थे। 2017 में पार्टी से मतभेद के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। 2021 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के टिकट पर कृष्णानगर उत्तर से विधायक बने लेकिन चुनाव के बाद टीएमसी में लौट आए।

टीएमसी के रणनीतिकार रहे

मुकुल रॉय को टीएमसी के रणनीतिकार के रूप में जाना जाता था और 2011 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की ऐतिहासिक जीत में उनकी अहम भूमिका रही। 2012 में वे केंद्र सरकार में रेल मंत्री बने हालांकि उनका कार्यकाल केवल मार्च से सितंबर तक रहा। बाद में नारदा स्टिंग ऑपरेशन विवाद के चलते पार्टी में उनका प्रभाव कम हुआ और 2017 में उन्हें निष्कासित कर दिया गया।

शिपिंग राज्य मंत्री के तौर पर भी किया काम

मुकुल रॉय ने 2009 से 2011 तक केंद्रीय शिपिंग राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया 2021 में भाजपा के टिकट पर विधायक बनने के बाद उन्होंने टीएमसी में वापसी की, जिससे उनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत अयोग्यता की कार्यवाही शुरू हुई। नवंबर 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें विधायक पद से अयोग्य घोषित किया, लेकिन जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी।

झारखंड का शहरी संग्राम, 48 नगर निकायों में मतदान

मतदान को लेकर उत्साह 6 हजार से अधिक प्रत्याशियों की किस्मत लिखेंगे 43 लाख वोटर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रांची। झारखंड के 48 शहरी निकायों में सत्ता की नई तस्वीर गढऩे के लिए आज सुबह सात बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान चल रहा है। लोकतंत्र के इस महापर्व में राज्य के 4,304 मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। सुबह से ही बूथों के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जिनमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दे दिया कि शहरी सरकार की बागडोर इस बार जनभागीदारी के दम पर तय होगी।
इस चुनाव में मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 562 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड पार्षद के 5,562 प्रत्याशी अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं। 16 निकायों के 38 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, लेकिन बाकी सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कुल मिलाकर 1,087 वार्डों और विभिन्न पदों पर 8,678 प्रत्याशियों का भविष्य आज ईवीएम में कैद हो रहा है। यह चुनाव न केवल स्थानीय नेतृत्व तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा भी संकेत करेगा।

झारखंड में रिकार्ड होता है मतदान

राज्य के कुल 43,33,574 मतदाता इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 22,07,203 पुरुष, 21,26,227 महिलाएं और 144 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान शाम पांच बजे तक जारी रहेगा, जबकि मतगणना 27 फरवरी को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। खास बात यह है कि यह चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है। यही वजह है कि स्थानीय चुनाव होने के बावजूद इसका राजनीतिक तापमान विधानसभा चुनाव जैसा महसूस किया जा रहा है। राज्य के प्रमुख नगर निगमों—रांची, धनबाद, देवघर, आदित्यपुर, चास, मेदिनीनगर, हजारीबाग, गिरिडीह और मानगो—के अलावा 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में मतदान हो रहा है। इन शहरी निकायों में जीत का मतलब सिर्फ स्थानीय प्रशासन पर नियंत्रण नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक ताकत का आधार तैयार करना भी है। यही कारण है कि नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कई इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। चुनाव के दौरान संबंधित क्षेत्रों में ड्राई डे घोषित किया गया है और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला अधिकारियों को हर दो घंटे में स्थिति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी गड़बड़ी या शिकायत के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिए गए हैं।

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