विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला, सदन के बाहर लगे ‘सिलेंडर भी गायब, नरेंदर भी गायब’ के नारे
भाजपा राज में दिन बा दिन लोगों का हाल बेहाल है। अब तो आलम ये है कि लोगों को सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। और सरकार है कि इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में दिन बा दिन लोगों का हाल बेहाल है। अब तो आलम ये है कि लोगों को सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। और सरकार है कि इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
वहीं इस मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। इसी बीच आज संसद परिसर में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई महिला सांसद शामिल हुईं। नारा था “नरेंद्र भी गायब – सिलेंडर भी गायब”, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसता है कि वे जनता की समस्याओं से गायब हैं और एलपीजी सिलेंडर भी बाजार से गायब हो गए हैं।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब पूरा देश कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी से जूझ रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार की विदेश नीति की वजह से यह संकट आया है, खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण। वे कहते हैं कि सरकार ने अमेरिका के आगे झुककर देश को मुश्किल में डाल दिया है।
यह प्रदर्शन संसद के बजट सत्र के दौरान हुआ, जहां विपक्ष ने एलपीजी की कमी पर चर्चा की मांग की। राहुल गांधी ने लोकसभा में भाषण देते हुए कहा कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रही है और विदेश नीति में कमजोरी दिखा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार अमेरिका के दबाव में झुक गई है, जिससे एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है।
महिला सांसदों ने नारे लगाए और बैनर लहराए, जिन पर लिखा था “पीएम समझौता कर चुके हैं”। दावा किया जा रहा है कि इस कमी से रेस्तरां, छोटे कारोबार और घरेलू उपभोक्ता बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। लोग लंबी लाइनों में लगकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं, और कीमतें भी बढ़ गई हैं। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार जनता की पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है।
कांग्रेस ने एक्स पर लिखा कि- ‘नरेंदर भी गायब – सिलेंडर भी गायब’ . मोदी सरकार में LPG की किल्लत से पूरा देश परेशान है। नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के आगे सरेंडर कर पूरे देश को मुसीबत में डाल दिया है। हालात बहुत खराब हैं, लोग LPG के लिए लंबी लाइनों में लगे हैं। नरेंद्र मोदी ने जनता को उनके हाल पर तड़पने के लिए छोड़ दिया है। आज संसद परिसर में नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ विपक्ष के सांसदों ने मोदी सरकार की इस सरेंडर नीति का जमकर विरोध किया।
विपक्ष का आरोप है कि पश्चिम एशिया में इजराइल-ईरान युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई है, और भारत की निर्भरता विदेशी स्रोतों पर ज्यादा है। लेकिन सच्चाई यह है कि वैश्विक संकट हर देश को प्रभावित कर रहे हैं, और सरकार प्रयास कर रही है वैकल्पिक व्यवस्था करने के। फिर भी, कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार की असफलता बताया है।
वे कहते हैं कि ट्रंप प्रशासन के दबाव में भारत ने कुछ फैसले लिए, जिससे स्थिति बिगड़ी। लेकिन तथ्यों से पता चलता है कि एलपीजी की कमी मुख्य रूप से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की समस्या से है, न कि सिर्फ सरकारी नीतियों से। विपक्ष इसे मौके के रूप में इस्तेमाल कर रहा है सरकार पर हमला करने के लिए।
इस प्रदर्शन से संसद में हंगामा हुआ, और लोकसभा को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि जनता महंगाई और कमी से त्रस्त है, जबकि सरकार विदेशी दोस्तों को खुश करने में लगी है। प्रियंका गांधी ने महिलाओं की परेशानी पर जोर दिया, क्योंकि रसोई गैस की कमी सीधे घरेलू जीवन को प्रभावित करती है।
महिला सांसदों ने नारे लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने जनता को धोखा दिया है। लेकिन एक संतुलित नजरिए से देखें तो यह मुद्दा जटिल है। सरकार का कहना हो सकता है कि वे स्टॉक बढ़ाने और आयात बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। फिर भी, विपक्ष की मांग है कि संसद में इस पर बहस हो और सरकार जवाब दे।



