कांग्रेस गरीबों की पार्टी फिर बीजेपी पर बिफरे राहुल गांधी, मोदी को कर दिए बेनकाब
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर उनके तीखे बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन जाते हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर उनके तीखे बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन जाते हैं।
आलम ये है कि आज कल वो पीएम मोदी से सवाल करने के लिए सदन में इंतजार कर रहे होते हैं और पीएम मोदी हैं कि सदन में जाने से ही कतरा रहे हैं। इसी बीच राहुल गांधी ने एक ऐसा बयान दिया है जो की चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल कांग्रेस के कांशीराम जयंती कार्यक्रम में राहुल गांधी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। इस दौरान राहुल गांधी ने कई बड़े बयान देते हुए अपनी पार्टी को लेकर भी एक ऐसा बयान दिया जिसने सियासी पारा बढ़ा दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अमीर होना ही नहीं चाहती। पार्टी का यह डिज़ाइन महात्मा गांधी के समय से ही ऐसा है। अगर कांग्रेस कभी बहुत अमीर पार्टी बन गई, तो वह बीजेपी जैसी बन जाएगी। राहुल गांधी का मतलब था कि कांग्रेस एक विचारधारा वाली पार्टी है, जो गरीबों, दलितों, पिछड़ों और आम लोगों के लिए लड़ती है। यह पैसों से नहीं, बल्कि सिद्धांतों से चलती है। उन्होंने लोकसभा चुनाव का उदाहरण दिया, जब सरकार ने कांग्रेस के सारे बैंक खाते फ्रीज कर दिए थे। बहुत सारे लोग डर गए थे कि अब चुनाव कैसे लड़ेंगे, पैसे कहाँ से आएंगे? लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ा। वह चलती रही, क्योंकि यह विचारधारा की ताकत है, पैसे की नहीं। कोई रोक नहीं सकता ऐसी पार्टी को।
इसी दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव भी पास किया है. इसमें कहा गया है कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो कांशीराम को भारत रत्न मिलेगा. कांग्रेस के कांशीराम जयंती कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि कल मैंने संसद में एक शब्द बोला. स्पीकर साहब जी ने कहा नहीं, नहीं, नहीं. हमारी एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया गया. हरदीप पुरी ब्यूरोक्रैट को मंत्री बनाना पहला समझौता किया. हरदीप पुरी का नाम एप्सटीन में नाम आया. कांग्रेस पार्टी में अमीर नेता हैं, लेकिन हम अमीर नेताओं वाली पार्टी नहीं बनना चाहते.
इसके साथ ही राहुल ने कहा कि कांग्रेस गरीब और BJP अमीर पार्टी बन गई है. BJP और मोदी ने अपना पूरा धन पूंजीपतियों को दे दिया है. अमेरिका ने इस चीज को पकड़ लिया है.
अमेरिका ने इस खुलासे के नाम पर दबाव बनाया है. अब नरेंद्र मोदी अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं. हिंदुस्तान का कोई PM दुनिया के लिए कृषि का क्षेत्र नहीं खोल सकता था. अमेरिका की डील भी कृषि क्षेत्र के लिए ही रुकी थी. संसद से भागने के बाद मोदी ने बिना किसी से पूछे ट्रंप से फोन पर बातकर डील फाइनल कर दी. गौरतलब है कि ये मामला सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी को जमकर मिर्ची लगी है।



