पश्चिमी यूपी की 140 सीटों पर सपा का फोकस, दादरी में अखिलेश का शक्ति प्रदर्शन

रैली के जरिए समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों के करीब 140 विधानसभा सीटों पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का संदेश देना चाहती है.

4pm न्यूज नेटवर्क: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दादरी में जनसभा को संबोधित करेंगे. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 140 विधानसभा सीटों पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से यह रैली आयोजित की जा रही है. 2027 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से इस रैली को काफी अहम माना जा रहा है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित मीहर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे.  अखिलेश यादव रैली से पहले गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यापर्ण भी करेंगे इसके बाद भी मंच से जनसभा को संबोधित करेंगे कार्यक्रम के लिए करीब 100 मीटर लंबा पांडाल तैयार किया गया है.

पश्चिमी यूपी की 140 सीटों पर नजर

इस रैली के जरिए समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों के करीब 140 विधानसभा सीटों पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का संदेश देना चाहती है. पार्टी नेतृत्व भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाते हुए अपनी रणनीति को उधार देने की कोशिश करेगी.

इस महारैली में कई जिलों से भारी भीड़ जुटने की संभावना है. इसके लिए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी. इस रैली में गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, संभल, शामली, बागपत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत के जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह रैली सामाजिक एकता और भाईचारे को संदेश देगी.

सपा नेताओं की कार्यकर्ताओं से अपील

पूर्व मंत्री जावेद आब्दी जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर रैली को सफल बनाने की अपील की है. गांव और बूथ स्तर पर लगातार बैठकों के जरिए भीड़ जुटाने की भी तैयारी की गई है.

इसके साथ ही यह रैली उस स्थल पर हो रही है जहां 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर विवाद हुआ था. उसे समय शिलापट्ट पर सम्राट मिहिर भोज लिखे जाने को लेकर गुर्जर समाज ने विरोध जताया था. अब सपा ने इसी स्थान को चुनकर एक खास राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है.

2022 और 2024 के नतीजे से रणनीति तैयार

2022 विधानसभा चुनाव मैं समाजवादी पार्टी ने राष्ट्र रोक दल के साथ गठबंधन किया था. इसका पश्चिमी यूपी में असर दिखा. हालांकि, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर जैसे इलाकों में कोई खास सफलता हासिल नहीं हो सकी. वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सपा ने बेहतर प्रदर्शन किया. पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर जीत हासिल की.

वहीं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी का कहना है कि यह रैली 2027 विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है. इसके जरिए समाजवादी पार्टी अपने परंपरागत वोट बैंक को मजबूत करने का काम करेगी. वहीं पार्टी इस बार जमीनी मुद्दों सामाजिक समीकरण साधने पर भी जोर दे रही है.

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