गुजरात में AAP का प्रभाव, BJP-कांग्रेस पर मिलीभगत के आरोप, इशुदान गढ़वी का तगड़ा पलटवार

इशुदान गढ़वी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है... उन्होंने BJP और कांग्रेस पर मिलीभगत और भाई-भतीजावाद... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति इन दिनों पूरी तरह से गर्म हो गई है.. स्थानीय स्वशासन यानी निकाय चुनाव सिर्फ कुछ हफ्तों दूर हैं.. और आम आदमी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.. AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इशुदान गढ़वी ने साफ कहा है कि.. पार्टी सभी 12,000 से ज्यादा सीटों पर बिना किसी गठबंधन के अपने उम्मीदवार उतारेगी.. 24 मार्च 2026 को पार्टी ने 460 से ज्यादा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की.. इनमें तालुका पंचायत, जिला पंचायत, नगर पालिका.. और नगर निगम स्तर के सामान्य कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता.. और आम परिवार से आने वाले लोग शामिल हैं.. गढ़वी ने इसे नई राजनीति का शुरूआत बताया। उनका कहना है कि.. अब पिता-पुत्र की वंशवादी राजनीति खत्म होगी.. आम आदमी की राजनीति शुरू होगी..

वहीं इस बढ़ते प्रभाव को देखकर बीजेपी में हड़कंप मचा हुआ है.. गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई बड़े नेता अब AAP के खिलाफ खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं.. उनका मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना और जनता को यह बताना है कि.. AAP कोई विकल्प नहीं है.. लेकिन इशुदान गढ़वी ने इन बयानों का सीधा जवाब दिया है.. और उन्होंने कहा कि बीजेपी गुजरात में AAP से घबरा गई है.. गढ़वी ने हाल ही में खंभालिया पुलिस स्टेशन में हुई अपनी हिरासत को भी इसी डर का नतीजा बताया.. 1 अप्रैल 2026 को गढ़वी एक गलत तरीके से फंसाए गए AAP कार्यकर्ता के लिए न्याय मांगने गए थे.. वहां पुलिस ने उन्हें और 17 अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया.. आरोप रैपिंग और सरकारी काम में बाधा डालने का लगाया गया.. लेकिन AAP ने इसे साफ तौर पर राजनीतिक साजिश करार दिया..

आपको बता दें कि गुजरात में बीजेपी पिछले 30 साल से सत्ता में है.. कांग्रेस भी पुरानी पार्टी है। दोनों ही पार्टियों पर वंशवाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं.. AAP अब इन दोनों के बीच तीसरा विकल्प बनकर उभर रही है.. पार्टी का आरोप है कि बीजेपी और कांग्रेस में मिलीभगत है.. दोनों ही परिवारों की राजनीति करती हैं.. AAP कहती है कि हम आम लोगों को टिकट दे रहे हैं.. 460 उम्मीदवारों की सूची में ज्यादातर ऐसे लोग हैं.. जो पहले राजनीति से दूर थे.. जिसमें किसान, शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे.. जिसको लेकर गढ़वी ने कहा कि पहले राजनीति अमीरों और उनके बेटों तक सीमित थी.. वहीं अब आम कार्यकर्ता को मौका मिलेगा.. यह बात बीजेपी को सबसे ज्यादा चुभ रही है..

1 अप्रैल की घटना ने सियासी घमासान और बढ़ा दिया.. देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया में AAP कार्यकर्ता को गलत तरीके से फंसाया गया था.. गढ़वी वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.. AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस को बीजेपी कार्यालय से निर्देश” मिले थे.. गढ़वी ने वीडियो बयान में कहा कि पुलिस अब स्वतंत्र नहीं है.. वह बीजेपी के ऑफिस से निर्देश ले रही है.. हम न्याय मांगने गए थे.. लेकिन हमें गिरफ्तार कर लिया गया.. यह लोकतंत्र की हत्या है.. बाद में गढ़वी जमानत पर रिहा हो गए.. रिहाई के बाद उन्होंने फिर दोहराया कि बीजेपी AAP के बढ़ते प्रभाव से डर गई है..

अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना पर तीखा हमला बोला.. और उन्होंने X पर लिखा कि पिछले तीन महीनों में AAP कार्यकर्ताओं पर 145 FIR दर्ज हुई हैं.. 160 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया.. बीजेपी AAP की हार के डर से तानाशाही पर उतर आई है.. केजरीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र भी लिखा.. इसमें उन्होंने कहा कि AAP कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है.. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मिलकर केजरीवाल ने गुजरात में कई रैलियां की.. इन रैलियों में लाखों लोग जुटे.. AAP का दावा है कि जनता बदलाव चाहती है..

बीजेपी गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष ने भी AAP पर हमला बोला.. और उन्होंने AAP को दिल्ली-पंजाब की पार्टी बताया.. और कहा कि गुजरात की स्थानीय समस्याओं को समझे बिना AAP यहां कुछ नहीं कर सकती.. अन्य बीजेपी नेताओं ने भी कहा कि AAP सिर्फ वादे करती है.. विकास का काम बीजेपी ने किया है.. लेकिन गढ़वी ने इन बयानों का जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी घबरा गई है.. अगर वे इतने मजबूत हैं.. तो क्यों हर रोज AAP कार्यकर्ताओं पर केस कर रहे हैं.. गढ़वी ने स्पष्ट किया कि AAP की बढ़ती लोकप्रियता से बीजेपी सत्ता खोने के डर में जी रही है..

आपको बता दें कि राज्य चुनाव आयोग ने 1-2 अप्रैल को शेड्यूल जारी किया.. 26 अप्रैल को वोटिंग, 28 अप्रैल को नतीजे आएंगे.. 15 नगर निगम, 84 नगर पालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतों की करीब 12,000 सीटें हैं.. करीब 4.19 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे.. AAP ने 16 मार्च को ही ऐलान कर दिया था कि.. वह सभी सीटों पर लड़ेगी.. पहली सूची 24 मार्च को आई.. गढ़वी ने कहा कि दूसरी सूची भी जल्द आएगी.. पार्टी का फोकस “आम आदमी” पर है कि महिलाएं, युवा और पिछड़े वर्ग के लोग ज्यादा है..

AAP का आरोप है कि बीजेपी में भाई-भतीजावाद चरम पर है.. कई सीटों पर नेता के बेटे या रिश्तेदार टिकट मांग रहे हैं.. कांग्रेस में भी यही हाल है.. AAP कहती है कि हम दोनों की मिलीभगत खत्म करेंगे.. गढ़वी ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं.. दोनों परिवार चला रहे हैं.. आम आदमी का दर्द कोई नहीं समझता.. यह बात जनता में resonates कर रही है.. 2025 के कुछ उपचुनावों में AAP ने 30 सीटें जीती थीं.. हाल ही में विसावदार उपचुनाव में AAP ने BJP को हराया.. गढ़वी ने इसे 2027 विधानसभा चुनाव की नींव बताया..

बीजेपी नेताओं की बयानबाजी बढ़ गई है.. प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेता रैलियों में AAP को बाहरी ताकत बता रहे हैं.. वे कहते हैं कि गुजरात का विकास बीजेपी ने किया.. AAP सिर्फ फ्री बिजली और मोहल्ला क्लिनिक का मॉडल ला रही है.. जो यहां फिट नहीं बैठता है.. लेकिन AAP जवाब दे रही है कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार और वंशवाद है.. गढ़वी ने CM पटेल को पत्र लिखकर कहा कि AAP कार्यकर्ताओं पर हमला हो रहा है.. 160 से ज्यादा गिरफ्तारियां और 145 FIR सिर्फ AAP को दबाने के लिए हैं..

गढ़वी की प्रतिक्रिया बहुत सख्त रही.. खंभालिया घटना के बाद उन्होंने कहा कि हम न्याय मांगने गए थे.. लेकिन बीजेपी ने हमें गिरफ्तार किया.. वहीं यह दिखाता है कि वे AAP से कितना डरे हुए हैं.. गुजरात की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है.. गढ़वी ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया कि BJP की यह हरकत AAP को.. और मजबूत करेगी.. AAP कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किए.. कई जगहों पर रैलियां निकाली गईं..

आपको बता दें कि यह घटना सिर्फ एक उदाहरण है.. AAP का कहना है कि पिछले तीन महीनों में पूरे गुजरात में उनके कार्यकर्ताओं पर दबाव बढ़ाया जा रहा है.. केजरीवाल ने इसे तानाशाही कहा.. और उन्होंने कहा कि अब हर गुजराती AAP के साथ खड़ा होगा.. गढ़वी ने भी यही दोहराया.. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी से हम नहीं रुकेंगे.. बल्कि और ज्यादा जोर से लड़ेंगे..

 

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