तीन दिनों से सूखी टोंटियां, मिर्ज़ापुर के इस गांव में पानी को लेकर मचा हाहाकार
मिर्ज़ापुर के गंगहराकला गांव में तीन दिनों से जल जीवन मिशन की पानी आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। मोटर खराबी और लापरवाही पर उठे सवाल।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: तपती गर्मी में पानी की एक-एक बूंद की अहमियत तब समझ आती है, जब नल सूख जाते हैं। मिर्ज़ापुर जिले के लालगंज विकास खंड के गंगहराकला गांव में यही हाल है, जहां पिछले तीन दिनों से ‘हर घर नल जल’ योजना के तहत पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए पुराने जल स्रोतों और बाजार का सहारा लेना पड़ रहा है।
तीन दिन से बंद सप्लाई, गर्मी में बढ़ी परेशानी
गांव के लोगों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से टोंटियों से एक बूंद पानी तक नहीं टपका है। भीषण गर्मी के बीच पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। खाना बनाना, सफाई और पीने के पानी तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ग्रामीण बताते हैं कि मोटर न चलने के कारण पानी की टंकी खाली पड़ी है, जिससे सप्लाई बाधित हो गई है। सूखी टोंटियां अब लोगों के लिए परेशानी का प्रतीक बन गई हैं।
शिकायत के बाद भी ठोस समाधान नहीं
ग्रामीणों ने इस समस्या की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। जल जीवन मिशन से जुड़े इंजीनियर लवकुश मिश्रा ने बताया कि रात में बिजली न होने के कारण मोटर नहीं चल पाई। वहीं, लंबे समय तक समस्या बने रहने पर ऑपरेटर के पारिवारिक कारणों का हवाला दिया गया। हालांकि ग्रामीण इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब योजना पूरे देश में लागू है, तो इस तरह की छोटी-छोटी वजहों से पानी आपूर्ति ठप होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
‘हर घर नल जल’ योजना पर उठे सवाल
जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का दावा किया गया था, लेकिन गंगहराकला गांव में यह दावा अधूरा नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह नलों में टोटियां तक नहीं लगी हैं, जिससे पानी बेकार बहता रहता है। एक तरफ जहां गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिना टोटी के नलों से पानी की बर्बादी हो रही है। इससे न सिर्फ पानी की कमी बढ़ रही है, बल्कि योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इंसान ही नहीं, मवेशी भी प्यासे
पानी की किल्लत का असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि मवेशियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मोटर की समस्या दूर कर नियमित पानी आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही जहां-जहां टोटियां नहीं लगी हैं, वहां उन्हें तुरंत लगाया जाए ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। गांव के लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रिपोर्ट -संतोष देव गिरी
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