भाजपाई गुंडे घुसे, मुझे पीटा गया: ममता

भवानीपुर में हार के बाद टीएमसी प्रमुख का दावा

  • सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी द्वारा साझा की पूर्व सीएम से फोन पर बातचीत
  • चुनाव आयोग, सीआरपीएफ और स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने दिल्ली के इशारे पर किया काम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 26 के नतीजों के बाद एक दूसरे पर अरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। टीएमसी भाजपा पर आरोप लगा रही है उन्होंने वोटों की लूट से चुनाव जीता है। उधर बंगाल में ने न केवल सत्ता परिवर्तन किया है, बल्कि एक ऐसा विवाद भी खड़ा कर दिया है जो अब अदालत की दहलीज तक पहुँचने वाला है। भवानीपुर विधानसभा सीट, जिसे ममता बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता था, वहां से सुवेंदु अधिकारी की जीत के बाद ममता बनर्जी का एक फोन कॉल सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी द्वारा साझा की गई इस फोन बातचीत में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बातचीत में ममता बनर्जी ने दावा किया कि वोटों की गिनती के 16वें राउंड तक वह भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से आगे चल रही थीं, जबकि कुछ ही राउंड बाकी थे। फोन कॉल में उन्हें यह आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है कि चुनाव प्रक्रिया को गुंडों ने प्रभावित किया, जो गिनती केंद्रों में घुसकर अधिकारियों और एजेंटों को डरा-धमका रहे थे। उन्होंने आगे चुनाव आयोग, सीआरपीएफ और स्थानीय चुनाव अधिकारियों पर दिल्ली के इशारे पर काम करने और भाजपा का पक्ष लेने का आरोप लगाया। उनकी शिकायत का एक बड़ा हिस्सा टीएमसी के गिनती एजेंटों को कथित तौर पर हटाए जाने पर केंद्रित था, जिनकी जगह कथित तौर पर विपक्षी दलों के एजेंटों को रख दिया गया था। ममता बनर्जी ने कहा,वे बचे हुए राउंड भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के थे, जो पूरी तरह से हमारा इलाका था। उसी समय, कुछ गुंडे गिनती केंद्र में घुस आए; चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने मुझे पीटा और सीआरपीएफ की मदद से मेरे एजेंटों को बाहर फेंक दिया।

बिना सील वाली ईवीएम को इधर-उधर किया गया

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आखिरी राउंड में गिनती हॉल के अंदर उनकी पार्टी का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था, और दावा किया कि श्वङ्करू मशीनों को बिना ठीक से सील किए ही स्ट्रॉन्गरूम में ले जाया गया। उन्होंने कहा, मैं हॉल के बाहर खड़ी हूँ। मुझे अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी जा रही है।इस स्थिति को अत्याचार बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पहले एसआई के ज़रिए मतदाताओं को बाहर निकाला गया, और फिर गिनती केंद्रों के अंदर बिजली गुल होने और अफरा-तफरी के बीच उनके वोटों को ज़बरदस्ती चुरा लिया गया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बिना सील वाली ईवीएम मशीनों को गैर-कानूनी तरीके से इधर-उधर किया गया और गिनती के आखिरी राउंड में पारदर्शिता की कमी रही।

इन नतीजों को कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी

ममता बनर्जी ने इन नतीजों को बीजेपी की जीत नहीं, बल्कि एक अनैतिक, गंदा खेल और विपक्ष की नैतिक हार बताया, साथ ही उन्होंने कहा कि हर चीज़ का दस्तावेज़ीकरण किया गया है और इसे कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सबूत इक_ा कर लिए गए हैं और वकील के तौर पर कल्याण बनर्जी को इन तथ्यों से अवगत कराया जा रहा है।

टीएमसी 24 घंटे में खत्म हो जाएगी : अधिकारी

इस ऐतिहासिक जीत के नायक बनकर उभरे सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। नंदीग्राम सीट पर जीत दर्ज करने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने बात करते हुए इस जीत को स्थानीय हिंदू समुदाय के समर्थन का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा टीएमसी एक भ्रष्ट और परिवार-केंद्रित पार्टी है जिसकी कोई विचारधारा नहीं है। यह पार्टी अब अगले 24 घंटों में खत्म होने की राह पर है। हमारा ध्यान अब नंदीग्राम की जनता की सेवा करना और मोदी की गारंटियों को जमीन पर उतारना है। बीजेपी नेता ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि उनका आगे का काम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किए गए वादों के अनुरूप होगा। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दोहराए गए वादों का ज़िक्र करते हुए, अधिकारी ने पार्टी का घोषणापत्र लागू करने और ज़मीनी स्तर पर उसकी गारंटियों को पूरा करने का संकल्प लिया। नंदीग्राम के अलावा, अधिकारी ने भवानीपुर में भी जीत दर्ज की।

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