KDA का बड़ा बुलडोजर एक्शन: 66 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, कानपुर में 6 नई कॉलोनियां भी निशाने पर

कानपुर के जोन-3 में KDA ने अवैध प्लाटिंग पर बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया। करीब 66 बीघा जमीन पर बनी अनाधिकृत कॉलोनी ध्वस्त कर दी गई। साथ ही 6 नई अवैध प्लाटिंग चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को जोन-3 क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई ने अवैध कॉलोनाइजरों के बीच हड़कंप मचा दिया। करीब 66 बीघा जमीन पर फैली अनधिकृत प्लाटिंग को OSD डॉ रवि प्रताप के नेतृत्व और अवर अभियंता अमरनाथ यादव के मौजूदगी में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई न सिर्फ प्रशासन की सख्ती को दिखाती है, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो बिना मानचित्र स्वीकृति के कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं।

3 घंटे 45 मिनट चला बुलडोजर ऑपरेशन

केडीए द्वारा की गई यह कार्रवाई लगभग तीन घंटे 45 मिनट तक चली। मौके पर चार जेसीबी मशीनों को लगाया गया, जिन्होंने तेजी से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। यह अभियान उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने किया।

 

बिना अनुमति बन रही थी 66 बीघा में कॉलोनी

जानकारी के अनुसार फत्तेपुर क्षेत्र में मनोज सिंह भदौरिया और अन्य द्वारा बिना किसी ले-आउट स्वीकृति और केडीए अनुमति के लगभग 66 बीघा जमीन पर कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां सड़कें, नाले, बाउंड्रीवाल, बिजली के खंभे, एंट्री गेट, सीवर लाइन और कई निर्माणाधीन ढांचे तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान इन सभी अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कॉलोनी बिना किसी वैध अनुमति के विकसित की जा रही थी, जो शहरी नियोजन नियमों का सीधा उल्लंघन है।

6 और अवैध प्लाटिंग चिन्हित, नोटिस जारी

केडीए प्रवर्तन जोन-3 ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छह और नई अवैध प्लाटिंग की पहचान की है। इनमें बिनगवां, रमईपुर, बिधनू और सेन पश्चिम पारा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन मामलों में संबंधित निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार बिधनू क्षेत्र में सूरज एंड सन्स बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करीब 36 हजार वर्गमीटर में एक बड़ी प्लाटिंग विकसित की जा रही थी, जो जांच के दायरे में है।

प्रशासन का सख्त संदेश: नियमों से बाहर कोई निर्माण नहीं

केडीए के विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने मौके पर लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी भूमि या प्लॉट की खरीद से पहले केडीए से ले-आउट स्वीकृति की जांच जरूर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण न केवल अवैध है, बल्कि भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।

अवैध कॉलोनियों पर लगातार बढ़ रही कार्रवाई

पिछले कुछ समय से केडीए लगातार अवैध प्लाटिंग और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान चला रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शहर के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि कानपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे न सिर्फ शहरी ढांचा प्रभावित होता है, बल्कि आम लोगों की जीवनभर की बचत भी खतरे में पड़ जाती है। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनाइजरों में खलबली मची हुई है और केडीए ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा

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