अहमदाबाद प्लेन क्रैश, पीड़ित परिवार इंसाफ के इंतजार में, मुआवजा और नौकरी का वादा अधूरा
अहमदाबाद प्लेन क्रैश को 11 महीने बीत चुके हैं... लेकिन पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ, मुआवजे... और किए गए वादों का इंतजार कर रहे हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया के एआई-171 विमान हादसे को एक साल पूरा होने में सिर्फ एक महीना बचा है.. लेकिन इस हादसे में जान गंवाने वाले 270 लोगों के परिवार अब भी न्याय.. और मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं.. 11 महीने बीत गए.. फिर भी कई परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है.. कुछ परिवारों को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था.. लेकिन अब कोई जवाब तक नहीं मिल रहा.. पीड़ित परिवारों का कहना है कि.. वे बार-बार गुहार लगा रहे हैं.. लेकिन सरकार, एयरलाइन और टाटा समूह की तरफ से कोई ठोस मदद नहीं मिल रही..
जानकारी के अनुसार इस दर्द को व्यक्त करने के लिए पीड़ित परिवारों ने अहमदाबाद के सोला भगवत इलाके में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की.. इसमें उन्होंने मुआवजे, दुर्घटना स्थल के भूमि शुद्धिकरण.. और विभिन्न धर्मों के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति देने की मांग रखी.. परिवारों का आरोप है कि उन्हें न सिर्फ आर्थिक मदद नहीं मिली.. बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी अकेला छोड़ दिया गया है..
आपको बता दें कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की लंदन जाने वाली फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गई.. विमान में सवार 270 लोग थे.. जिनमें यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे.. हादसा इतना भयानक था कि कोई भी बच नहीं सका.. पूरा विमान आग की चपेट में आ गया.. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था..
वहीं हादसे के तुरंत बाद सरकार और एयरलाइन ने मुआवजे, मदद.. और नौकरी का आश्वासन दिया था.. लेकिन 11 महीने बाद भी ज्यादातर परिवारों को ये वादे पूरे नहीं हुए हैं.. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ित परिवारों ने अपनी व्यथा सुनाई.. एक महिला ने बताया कि मेरे पति इस प्लेन में थे.. हादसे के बाद पुलिस ने सहयोग नहीं किया.. बाद में पता चला कि डीएनए रिपोर्ट से उनकी मौत की पुष्टि हो गई.. फिर टाटा समूह के कुछ लोग घर आए.. उन्होंने कहा कि शिक्षा के आधार पर नौकरी दिलाएंगे.. 11 महीने हो गए, कई ईमेल किए, लेकिन कोई जवाब नहीं.. अब कोई मदद नहीं कर रहा..
एक अन्य परिवार के सदस्य ने कहा कि हमने मुआवजे के लिए कई बार अर्जी दी.. लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला.. शादी-ब्याह, बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च.. सब प्रभावित हो गया है.. हम कर्ज में डूब गए हैं.. परिवारों ने मांग की कि दुर्घटना स्थल को शुद्ध किया जाए.. और सभी धर्मों के लोगों को वहां धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दी जाए.. और उन्होंने ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की भी मांग की.. ताकि हादसे का सही कारण पता चल सके..
आपको बता दें कि हादसे के तुरंत बाद एयर इंडिया और टाटा समूह ने मुआवजे का ऐलान किया था.. कुछ परिवारों को आंशिक मदद मिली भी.. लेकिन ज्यादातर को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला.. टाटा समूह ने कुछ परिवारों के सदस्यों को नौकरी देने का वादा किया था.. एक पीड़िता ने बताया कि उन्होंने मेरी पढ़ाई देखकर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था.. लेकिन 11 महीने बाद भी कोई जवाब नहीं मिला.. हम कई बार संपर्क करने की कोशिश कर चुके हैं..
परिवारों का कहना है कि शुरुआत में बड़े-बड़े वादे किए गए.. लेकिन अब सब चुप हैं.. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने जुलाई 2025 में प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी.. फाइनल रिपोर्ट इस साल जून में.. हादसे की पहली बरसी के आसपास आने की उम्मीद है.. पीड़ित परिवार ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं.. उनका कहना है कि बिना सही कारण जाने उन्हें शांति नहीं मिल रही.. उन्होंने अपनी मांगों का पत्र AAIB, DGCA और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजा है..
परिवारों ने आरोप लगाया कि हादसे के समय पुलिस ने पर्याप्त सहयोग नहीं किया.. कई परिवारों को शव की पहचान में भी दिक्कत हुई.. बाद में जब डीएनए रिपोर्ट आई, तब सच सामने आया.. परिवारों का कहना है कि शुरुआती दिनों में मदद मिली.. लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, सब चुप हो गए.. अब कोई फोन तक नहीं उठाता..
बता दें कि इस हादसे ने 270 परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी.. कई बच्चों ने अपने माता-पिता खो दिए.. कई महिलाएं विधवा हो गईं.. बुजुर्ग माता-पिता अपने इकलौते बेटे या बेटी को खो बैठे.. आर्थिक संकट के साथ-साथ मानसिक आघात भी गहरा है.. कई परिवार काउंसलिंग तक नहीं ले पा रहे.. बच्चों की पढ़ाई छूट गई है.. घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.. कुछ सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मदद पहुंचाई.. लेकिन लंबे समय की राहत की जरूरत है.. पीड़ित परिवार अब एक-दूसरे से जुड़कर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं.. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी आवाज पूरे देश तक पहुंचाने की कोशिश की है..



