मोदी की नीतियां हुई फेल, लोगों ने राहुल गांधी को पीएम बनाने की कर दी मांग!

मोदी राज में हाहाकार मचा हुआ है। लोग बदहाली में जीने को मजबूर हो गए हैं। आलम ये है कि मोदी की जमकर आलोचना हो रही है इस्तीफे की मांग उठने लगी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मोदी राज में हाहाकार मचा हुआ है। लोग बदहाली में जीने को मजबूर हो गए हैं। आलम ये है कि मोदी की जमकर आलोचना हो रही है इस्तीफे की मांग उठने लगी है।

मगर मजाल है भाजपाई चूं भी नहीं कर रहे हैं। आज देश और दुनिया दोनों पर भारी संकट के बादल छाए हुए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और महंगाई आम आदमी की जेब काट रही है।

ऐसे समय में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से अपील की कि सोना न खरीदें, विदेश यात्रा कम करें, पेट्रोल बचाएं, घर से काम करें। जिसे लेकर सियासी पारा हाई है और विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। वहीं इस अपील को राहुल गांधी भी सही माने में सरकार की नाकामी बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि 12 साल बाद भी सरकार जनता पर बोझ डाल रही है, खुद जवाबदेही से बच रही है। भाजपा सरकार के नाकामी भरे दौर में आज एक बार फिर राहुल गांधी को लेकर पीएम बनाने की मांग उठने लगी है।

दरअसल देश में फैली इस तरह की बदहाली के बीच राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें लोग राहुल गांधी को अगला सीएम बनाने की बात करते हुए नजर आ रहे हैं।

बीजेपी सरकार की नीतियां लगातार असफल साबित हो रही हैं। विदेश नीति में गलतियां, अर्थव्यवस्था पर काबू न रख पाना और आम लोगों की परेशानी बढ़ना इनके राज में आम बात हो गया है। जब राहुल गांधी पहले से ही चेतावनी दे रहे थे कि वैश्विक संकट भारत को प्रभावित करेगा, तब बीजेपी उन्हें गलत बताती थी। आज वही हालात सामने हैं और सरकार जनता से त्याग मांग रही है। हालाँकि भाजपा सरकार की नाकामियां छुपने से रही, भाजपा राज में कितना भी बढ़ हादसा क्यों न हो जाए मजाल है कि कोई भाजपा का मंत्री या नेता इस्तीफा दे। इसी बीच मोदी सरकार को घरते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने एक बार फिर निशाना साधा।

सुप्रिया ने एक्स पर लिखा कि- सैकड़ों पेपर लीक: शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। पेट्रोल डीजल LPG की किल्लत: पेट्रोलियम मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं हुआ. अर्थव्यवस्था का बंटाधार: वित्तमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। विदेश नीति फेल: विदेश मंत्री कुर्सी से चिपके हुए हैं। लगातार दर्दनाक ट्रेन हादसे: रेलमंत्री नहीं हटाए गए। दर्जनों आतंकी हमले: गृहमंत्री पद पर काबिज हैं। चीन सरहद में घुसा बैठा है: रक्षामंत्री ने कुर्सी नहीं छोड़ी। इस न्यू इंडिया की मोदी सरकार में कोई भी अपनी विफलता के लिए इस्तीफा नहीं देता है

आगे उन्होंने लिखा, जानते हैं क्यों? क्योंकि नरेन्द्र मोदी को आपके वोट से ढेले का फर्क नहीं पड़ता है। वरना इतनी सारी विफलताओं के बीच किसी भी सरकार को घबराना चाहिए. यह भय होता कि लोग अपनी परेशानी, अपने आक्रोश का जवाब हरा कर देंगे। लेकिन मोदी को फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि उन्हें कौन सा जानता के वोट से जीतना है। चुनाव जीतने के लिए उनके पास ज्ञानेश गुप्ता हैं, चुनाव आयोग है, पूरा तंत्र है। इसीलिए मोदी सरकार में इस्तीफे नहीं होते, जवाबदेही नहीं तय होती, किसी की कोई ज़िम्मेदारी ही नहीं है।

बीजेपी केवल जुमलों और प्रचार पर चल रही है। 2014 और 2019 में अच्छे दिन, 2 करोड़ नौकरियां, जीएसटी जैसी बातें कही गईं, लेकिन हकीकत उल्टी निकली। आज बेरोजगारी ऊंचे स्तर पर है, किसान परेशान हैं और अर्थव्यवस्था संकट में है। वैश्विक तूफान में मोदी सरकार की तैयारी नजर नहीं आती। उल्टा जनता से बचत करने को कहा जा रहा है।लोगों की मांग साफ है – अब बदलाव चाहिए।

राहुल गांधी जैसे नेता जो सच्चाई बोलते हैं, जनता के दर्द को समझते हैं और सही रास्ता दिखाते हैं, उन्हें देश की कमान सौंपी जानी चाहिए। वायरल वीडियो और पोस्ट्स दिखा रहे हैं कि युवा और आम आदमी राहुल को अगला पीएम देखना चाहते हैं।

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