NEET पेपर लीक पर छात्रों का गुस्सा, पंजाब की फ्री बस सेवा, अब गुजरात में मांग

NEET पेपर लीक मामले ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है... परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों की मेहनत...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः नीट यूजी 2026 की परीक्षा देशभर के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए सपनों का द्वार थी.. लेकिन पेपर लीक के आरोपों ने सब कुछ बदल दिया.. परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे छात्रों और उनके परिवारों को गहरा सदमा लगा है.. सालों की तैयारी, रात-रात भर जागकर की गई मेहनत.. कोचिंग संस्थानों में लगाए गए लाखों रुपये.. और परिवार की उम्मीदें सब एक पल में बिखर गए.. अब री-एग्जाम की तैयारी चल रही है.. लेकिन परेशानियां कम नहीं हुई हैं.. इस मुश्किल वक्त में पंजाब सरकार ने छात्रों के लिए मुफ्त बस सुविधा का ऐलान किया है.. जबकि गुजरात में भी इसी तरह की मांग जोर पकड़ रही है..

आपको बता दें कि मई 2026 की शुरुआत में नीट यूजी परीक्षा हुई.. करीब 23 लाख छात्र-छात्राओं ने देश के 551 शहरों.. और कुछ विदेशी केंद्रों पर परीक्षा दी.. लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे.. राजस्थान में एक “गेस पेपर” वायरल हुआ.. जिसमें कई सवाल असली पेपर से मैच करते पाए गए.. जांच एजेंसियों ने पाया कि हैंडरिटन पेपर को स्कैन करके PDF बनाया गया.. और व्हाट्सएप पर फैलाया गया.. कुछ छात्रों ने लाखों रुपये देकर इस लीक का फायदा उठाने की कोशिश की..

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी परीक्षा रद्द कर दी.. CBI को जांच सौंपी गई.. कई गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें मास्टरमाइंड बताए जा रहे लोगों के नाम शामिल हैं.. वहीं यह फैसला पहली बार लिया गया.. जब नीट को पूरी तरह रद्द किया गया.. इससे पहले 2024 में कुछ छात्रों के लिए री-टेस्ट हुआ था.. लेकिन इस बार पूरे बैच को दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी.. री-एग्जाम 21 जून को प्रस्तावित है..

वहीं छात्रों की हालत देखकर दिल टूट जाता है.. एक छात्रा ने बताया कि दो साल से रोज 14-15 घंटे पढ़ाई कर रही थी.. कोचिंग की फीस, किताबें, टेस्ट सीरीज सब पर लाखों खर्च हो गए.. अब दोबारा तैयारी करने का मन नहीं करता.. लेकिन मजबूरी है.. माता-पिता भी परेशान हैं.. कई परिवार गरीब हैं, जिन्होंने अपनी सारी बचत लगा दी थी.. ट्रैवल, रहने और खाने-पीने का खर्च अलग से.. परीक्षा रद्द होने से उनका आत्मविश्वास भी टूट गया है..

नीट सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों का सपना है.. MBBS, BDS जैसे कोर्सों में एडमिशन के लिए यह जरूरी है.. पेपर लीक ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं.. छात्रों में गुस्सा है.. कई जगहों पर प्रदर्शन हुए.. NSUI और अन्य छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर NTA और सरकार से जवाब मांगा..

बता दें कि अभिभावकों का कहना है कि हमारे बच्चे ने स्कूल से लेकर कोचिंग तक सब कुछ छोड़ दिया.. खेलना-घूमना, दोस्तों के साथ समय बिताना.. सब कुर्बान कर दिया.. अब यह हालत है.. मानसिक तनाव इतना है कि कई बच्चे डिप्रेशन में चले गए हैं.. ग्रामीण इलाकों के छात्रों की समस्या और बड़ी है.. शहरों में कोचिंग आसान है, लेकिन गांवों से आने वाले छात्रों को ट्रांसपोर्ट, रहने.. और खाने का इंतजाम करना पड़ता है.. परीक्षा रद्द होने से एक साल का समय भी बर्बाद हो गया.. अगले साल नए बैच के साथ प्रतियोगिता और बढ़ जाएगी.. कई छात्रों ने ड्रॉप ईयर लिया था.. अब उनका कॉन्फिडेंस टूट गया है.. लड़कियों की स्थिति और चुनौतीपूर्ण है.. क्योंकि परिवार अक्सर उन्हें दूर पढ़ने भेजने में हिचकिचाते हैं..

वहीं इस कठिन समय में पंजाब की आप सरकार ने एक अच्छा कदम उठाया है.. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि 20 से 22 जून तक पंजाब रोडवेज की सभी बसों में नीट छात्रों को मुफ्त यात्रा मिलेगी.. छात्रों को सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा.. यह सुविधा री-एग्जाम देने वाले सभी छात्रों के लिए है.. चाहे वे पंजाब के हों या दूसरे राज्यों से आए हों.. अरविंद केजरीवाल ने छात्रों से बातचीत के बाद यह मांग उठाई थी.. भगवंत मान ने तुरंत इसे मंजूरी दे दी.. और उन्होंने कहा कि कई गरीब बच्चे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पैसे नहीं जुटा पाते.. हम उनकी मदद करना चाहते हैं.. यह फैसला छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है.. पंजाब में कई छात्र नीट की तैयारी करते हैं.. और बस यात्रा उनके लिए आम बात है.. मुफ्त सुविधा से उनका आर्थिक बोझ कम होगा..

आपको बता दें कि यह कदम सिर्फ ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं है.. यह दिखाता है कि सरकार छात्रों की परेशानी समझ रही है.. आप पार्टी ने इसे अपनी स्टूडेंट-फ्रेंडली छवि का हिस्सा बताया.. पंजाब में इस घोषणा का स्वागत हुआ है.. छात्र संगठन इसकी सराहना कर रहे हैं.. और कह रहे हैं कि अन्य राज्य भी इस मिसाल पर चलें.. गुजरात के छात्र भी इसी तरह की सुविधा चाहते हैं.. पंजाब के फैसले के बाद गुजरात में चर्चा तेज हो गई है.. आम आदमी पार्टी के गुजरात चीफ इसुदान गढ़वी ने गुजरात सरकार से अपील की है.. कि बीजेपी सरकार नीट परीक्षा के दौरान छात्रों के लिए मुफ्त बस सुविधा उपलब्ध कराए..

 

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