गुजरात में पेट्रोल पंपों पर लॉकडाउन, पेट्रोल-डीजल संकट से थमी रफ्तार, ट्रकों की लंबी कतारें

गुजरात में पेट्रोल और डीजल संकट गहराता जा रहा है... कई पेट्रोल पंपों पर सप्लाई प्रभावित होने से लंबी कतारें लग गई हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात राज्य के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल.. और डीजल की कमी गहराती जा रही है.. खासकर कच्छ जिले में यह समस्या बहुत गंभीर हो गई है.. यहां लोगों को पेट्रोल पंपों पर घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है.. ट्रक ड्राइवरों, व्यापारियों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.. कांडला और मुंद्रा जैसे बड़े पोर्ट से जुड़े लॉजिस्टिक्स कारोबार पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है.. माल ढुलाई धीमी हो गई है.. और हजारों ट्रक पेट्रोल पंपों के पास खड़े हैं..

आपको बता दें कि यह संकट अचानक नहीं आया है.. वैश्विक स्तर पर ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण होर्मुज की खाड़ी में तनाव बढ़ा है.. भारत अपना बड़ा तेल आयात इसी रास्ते से करता है.. इससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है.. हालांकि सरकार कह रही है कि कुल मिलाकर राज्य में कोई बड़ी कमी नहीं है.. लेकिन लोकल स्तर पर पैनिक बाइंग और सप्लाई में देरी ने स्थिति को बिगाड़ दिया है..

कच्छ गुजरात का सबसे बड़ा जिला है.. यहां की अर्थव्यवस्था पोर्ट, नमक उत्पादन, टिंबर व्यापार और ट्रांसपोर्ट पर आधारित है.. पिछले तीन-चार दिनों से डीजल की कमी के कारण पूरा इलाका ठप पड़ता दिख रहा है.. भुज, गांधीधाम, मुंद्रा और कांडला क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं.. सुबह से शाम तक ट्रक, टैंकर और प्राइवेट गाड़ियां लाइन में खड़ी रहती हैं..

ट्रक ड्राइवर कह रहे हैं कि कई दिनों से डीजल नहीं मिल रहा.. पंप पर आकर पता चलता है कि स्टॉक खत्म हो गया.. घंटों इंतजार के बाद भी 100-200 लीटर से ज्यादा नहीं मिलता.. इससे हमारा पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है.. कई पंप मालिक कह रहे हैं कि डीजल की डिमांड अचानक बढ़ गई है.. लोग ज्यादा मात्रा में भरवा रहे हैं क्योंकि अफवाहें फैल रही हैं कि आने वाले दिनों में और कमी हो सकती है.. किसान भी डीजल की कमी से परेशान हैं.. खेतों में सिंचाई और मशीनरी के लिए डीजल जरूरी है.. राजकोट और जसदान जैसे इलाकों में किसान पंपों पर प्रदर्शन कर रहे हैं..

कांडला और मुंद्रा पोर्ट देश के प्रमुख पोर्ट हैं.. यहां से बहुत सारा आयात-निर्यात होता है.. कंटेनर, नमक, अनाज, केमिकल्स.. और दूसरे सामान इन पोर्ट्स के जरिए देश-विदेश जाते हैं.. लेकिन डीजल की कमी ने ट्रांसपोर्ट को रोक दिया है.. हजारों ट्रक गांधीधाम, मुंद्रा और कांडला के आसपास खड़े हैं.. माल समय पर पोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहा.. इससे जहाजों का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है.. एक्सपोर्टर्स को डिमरेज चार्जेस यानी देर होने पर जुर्माना देना पड़ रहा है..

 

Related Articles

Back to top button