छोटाउदयपुर में लोकतंत्र पर हमला? चैतर वसावा का BJP पर बड़ा आरोप, 50 लाख ऑफर और अपहरण दावा
गुजरात के छोटाउदयपुर में तालुका पंचायत चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है... AAP नेता चैतर वसावा ने BJP पर गंभीर आरोप...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः छोटाउदयपुर में तालुका पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष.. और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की तैयारी चल रही थी.. इस बार चुनाव काफी रोचक था क्योंकि आम आदमी पार्टी ने यहां अच्छी तैयारी की थी.. स्थानीय स्तर पर AAP की लोकप्रियता बढ़ रही थी.. खासकर आदिवासी बहुल क्षेत्र में.. लेकिन चुनाव शुरू होते ही घटनाक्रम ऐसा हुआ कि पूरा इलाका सन्न रह गया.. AAP के तीन सदस्य कथित तौर पर गायब हो गए.. AAP ने इसे पूर्व नियोजित साजिश बताया.. जबकि BJP ने इसे खारिज कर दिया.. यह घटना सिर्फ एक स्थानीय चुनाव की नहीं.. बल्कि लोकतंत्र की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाती है.. छोटाउदयपुर जिले में तालुका पंचायत चुनाव के दौरान जो कुछ हुआ.. उसकी चर्चा पूरे गुजरात में है..
आपको बता दें कि छोटाउदयपुर गुजरात का एक आदिवासी बहुल जिला है.. यहां की जनता मुख्य रूप से कृषि, वन उत्पाद और छोटे व्यवसाय पर निर्भर है.. पिछले कुछ सालों में यहां AAP ने अपनी पैठ बनानी शुरू की थी.. 2024 के लोकसभा चुनाव और 2026 के स्थानीय निकाय चुनावों में AAP ने आदिवासी क्षेत्रों में BJP को चुनौती दी.. तालुका पंचायत चुनाव से पहले AAP ने दावा किया था कि.. उनके पास पर्याप्त समर्थन है.. तालुका पंचायत में कुल सदस्यों की संख्या ऐसी थी.. कि अगर AAP के सभी सदस्य एकजुट रहे तो अध्यक्ष पद उनके हाथ में आ सकता था.. AAP के कार्यकर्ता और समर्थक काफी उत्साहित थे.. उन्होंने इसे जनादेश की जीत के रूप में देखा था..
दूसरी ओर भाजपा लंबे समय से गुजरात में सत्ता में है.. स्थानीय स्तर पर भी उनकी पकड़ मजबूत रही है.. लेकिन इस बार छोटाउदयपुर तालुका में स्थिति कड़ी थी.. BJP के कुछ स्थानीय नेता भी आंतरिक कलह का शिकार थे.. सुबह तालुका पंचायत की सामान्य सभा शुरू हुई.. सभी सदस्य पहुंच चुके थे.. AAP के 13 सदस्य भी वहां मौजूद थे.. चुनाव प्रक्रिया शुरू होने वाली थी कि अचानक 10-12 मास्क लगाए हुए लोग पहुंचे.. AAP का आरोप है कि इन लोगों ने उनके तीन सदस्यों को जबरन उठा लिया.. और निजी वाहनों में बैठाकर ले गए..
AAP नेताओं के अनुसार, यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई.. सदस्यों ने विरोध किया, चीख-पुकार मची, लेकिन कथित अपहरणकर्ता भाग निकले.. तीनों सदस्यों के फोन बंद हो गए.. उनके परिवार वाले परेशान हो गए.. AAP कार्यकर्ताओं ने तुरंत विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.. वे तालुका पंचायत कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए और नारे लगाने लगे.. लोकतंत्र की हत्या बंद करो.. अपहरणकर्ताओं को सजा दो.. AAP ने दावा किया कि यह सब पहले से प्लान किया गया था.. उनका कहना था कि BJP को AAP की जीत का डर था.. इसलिए उन्होंने यह रास्ता अपनाया.. AAP के एक नेता ने कहा कि हमारे सदस्य इतने मजबूत थे कि BJP के उम्मीदवार हार जाते.. इसलिए उन्होंने साजिश रची..
AAP ने एक और गंभीर आरोप लगाया.. उनके अनुसार, चुनाव से पहले BJP के कुछ लोगों ने AAP के सदस्यों से संपर्क किया.. और 50 लाख रुपये तक का ऑफर दिया.. लेकिन AAP के सदस्यों ने इसे ठुकरा दिया.. एक सदस्य ने बताया कि पैसे के लोभ में हम जनता के विश्वास को नहीं बेच सकते.. हमने साफ मना कर दिया.. यह आरोप अगर सही है तो यह राजनीतिक नैतिकता पर सवाल उठाता है.. लेकिन BJP ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया.. उन्होंने कहा कि AAP हार का बहाना ढूंढ रही है..
आपको बता दें कि तीन सदस्य गायब होने के बाद AAP के बाकी सदस्यों ने चुनाव रद्द करने की मांग की.. और उन्होंने कहा कि बिना पूर्ण सदस्यों के चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकता.. AAP सदस्य सभा से बाहर आ गए और बहिष्कार कर दिया.. लेकिन चुनाव प्रक्रिया रुकी नहीं.. रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में बाकी सदस्यों के साथ मतदान हुआ.. अंत में BJP के रमेशभाई राठवा अध्यक्ष चुने गए और सुरजीभाई राठवा उपाध्यक्ष बने.. AAP ने इसे मिलीभगत बताया.. उनका कहना है कि चुनाव अधिकारी, पुलिस और BJP के लोग आपस में मिले हुए थे.. उन्होंने चुनाव आयोग, गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट में शिकायत करने की घोषणा की..
छोटाउदयपुर और आसपास के इलाकों में इस घटना की खबर फैलते ही लोगों में आक्रोश फैल गया.. कई लोग कह रहे हैं कि लोकतंत्र को कलंकित किया गया है.. आदिवासी समाज में AAP की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए यह घटना.. और भी संवेदनशील हो गई.. एक स्थानीय किसान ने कहा कि हमने AAP को वोट दिया था क्योंकि वे बदलाव ला सकते हैं.. लेकिन अगर उनकी जीत छीन ली जाए तो लोकतंत्र कहां रहा.. दूसरी ओर, BJP समर्थक कहते हैं कि AAP बिना सबूत के आरोप लगा रही है.. उन्होंने इसे BJP की आंतरिक राजनीति और दबाव से जोड़ने की कोशिश बताया.. कुछ रिपोर्ट्स में BJP ने कहा कि AAP के अंदर भी असंतोष था..



