देबाशीष सामंतराय ने BJD से तोड़ा रिश्ता, पार्टी में मचा हड़कंप

नौकरशाह से राजनेता बने सामंतराय ने पार्टी से इस्तीफा देने के दौरान आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज और नीचा दिखाया जा रहा था.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नौकरशाह से राजनेता बने सामंतराय ने पार्टी से इस्तीफा देने के दौरान आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज और नीचा दिखाया जा रहा था. उनका कहना है कि अब पार्टी को उनकी सेवाओं की कोई जरूरत नहीं रह गई है.

ओडिशा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हाथों सत्ता गंवाने वाले बीजू जनता दल (बीजेडी) को एक और बड़ा झटका लगा है.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने आज सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. वह पार्टी के प्रमुख नवीन पटनायक के करीबी नेताओं में गिने जाते थे. सूत्रों का कहना है कि वह जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

नौकरशाह से राजनेता बने सामंतराय ने पार्टी से इस्तीफा देने के दौरान आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज और नीचा दिखाया जा रहा था. उनका कहना है कि अब पार्टी को उनकी सेवाओं की कोई जरूरत नहीं रह गई है.

उनका यह इस्तीफा तब आया है, जब कुछ महीने पहले ही 2 अन्य राज्यसभा सांसदों (सुजीत कुमार और ममता महंता) ने भी पार्टी छोड़ दी. सुजीत और ममता बाद में बीजेपी में आ गए और पार्टी के टिकट पर राज्यसभा के लिए चुने गए थे.

नवीन पटनायक को पत्र में क्या लिखा
वह 2 बार (साल 2009 और 2014) विधायक चुने गए. पार्टी ने उन्हें संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) भेजा गया. राज्यसभा के लिए नामित करने के लिए उन्होंने नवीन पटनायक के प्रति आभार जताया.

वह अप्रैल 2024 में राज्यसभा के लिए चुने गए. इससे पहले, सामंतराय ने नवंबर 2025 में पार्टी के वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उस समय भी उन्होंने पार्टी के कामकाज को लेकर असंतोष व्यक्त किया था.

बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक को लिखे इस्तीफे में उन्होंने राज्यसभा भेजने के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें अविभाजित कटक जिले के लोगों की सेवा करने और राष्ट्रीय स्तर पर ओडिशा के मुद्दे उठाने का मौका मिला, इसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे.

उन्होंने अपने पत्र में कहा, “मैंने हमेशा पार्टी के हित में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम किया. लेकिन पिछले कुछ समय से मुझे महसूस हो रहा है कि पार्टी के अंदर मुझे योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है और अब मेरी जरूरत नहीं समझी जा रही. इसलिए जनहित में मैंने यह कठिन फैसला लिया है. आप सभी से यह अनुरोध करता हूं कि आप मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लें.”

पार्टी से इस्तीफे की बड़ी वजह क्या
हालांकि सामंतराय ने अपने इस्तीफे के पीछे कोई बड़ी वजह साफ तौर पर नहीं बताई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई कारणों की चर्चा है. इनमें वक्फ बिल पर बीजेडी का रुख, संगठन में वी.के. पांडियन के बढ़ते प्रभाव को लेकर बने असंतोष, और बार-बार कोशिश के बावजूद नवीन पटनायक से मुलाकात का समय नहीं मिल पाना, बड़ी वजह बताया जा रहा है.

इसके अलावा पार्टी में अनुशासनहीनता को लेकर नाराजगी, युवा नेताओं को ज्यादा मौके देने की मांग, राज्यसभा के लिए संतृप्त मिश्रा का नामांकन और बीजेडी संसदीय दल के नेता मानस मंगराज को बनाए जाने जैसे मुद्दों को भी उनकी नाराजगी की वजह माना जा रहा है.

BJD में मेरा कोई भविष्य नहींः सामंतराय
इस्तीफे को लेकर सामंतराय ने कहा, “आज सुबह, मैंने BJD प्रमुख नवीन पटनायक को अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे का पत्र भेज दिया है. उस पत्र में मैंने कुछ कारण बताए हैं. इसके बाद, मैं राज्यसभा सीट से अपना इस्तीफा देने गया. मुझे लगा कि BJD में मेरा कोई भविष्य नहीं है, क्योंकि पार्टी अभी भी VK पांडियन के नेतृत्व में ही काम कर रही है.”

उन्होंने यह भी कहा, “नवीन पटनायक यह मानने को तैयार नहीं हैं कि बीजू जनता दल की चुनावी हार और उसके बाद संगठन के कमजोर पड़ने और पतन का मुख्य कारण पूरी तरह से पांडियन ही हैं. एक गैर-राजनेता को इतनी बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी सौंपने से बीजू जनता दल की साख को नुकसान पहुंचना और भारी क्षति होना तय है. फिर भी, नवीन बाबू इस व्यक्ति को लगातार बचाते और संरक्षण देते आ रहे हैं.”

क्या वह BJP में शामिल होंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “खैर, एक राजनेता होने के नाते, हम स्वाभाविक रूप से कुछ विकल्प खुले रखते हैं. आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा कि मैं कब शामिल होऊंगा.” उनका इस्तीफा बीजेडी के लिए एक अहम झटका माना जा रहा है. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों का दौर भी तेज हो गया है.

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