ममता बनर्जी का नाम लिस्ट से गायब, भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स में मचा बवाल
भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स की पश्चिम बंगाल के उन मुख्यमंत्रियों की सूची में ममता बनर्जी का नाम शामिल नहीं किया गया है,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स की पश्चिम बंगाल के उन मुख्यमंत्रियों की सूची में ममता बनर्जी का नाम शामिल नहीं किया गया है,
जिन्होंने उद्योग में योगदान दिया था, जिससे राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. चैंबर ने बनर्जी के प्रशासन पर नकारात्मक रवैये का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी सांसद ने सरकार में नई भूमि नीति और निवेश-अनुकूल माहौल का वादा किया है.
भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स से एक ऐसी चूक हुई है, जिसनें देशभर में राजनीतिक बहस छेड़ दी है. चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से जारी पश्चिम बंगाल के उन मुख्यमंत्रियों की सूची से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम गायब है, जिन्होंने उद्योग के क्षेत्र में योगदान दिया है. हाल ही में जारी एक बयान में, चैंबर ने छह पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. बिधान चंद्र रॉय से लेकर बुद्धदेव भट्टाचार्जी तक के नामों का जिक्र किया, जिनके बारे में कहा कि उन्होंने निजी तौर पर चैंबर कार्यक्रमों को अपना आशीर्वाद दिया था, जबकि बनर्जी को साफ तौर पर इस सूची से बाहर रखा गया.
चैंबर ने यह भी आरोप लगाया कि महामारी और चक्रवातों के दौरान उसके द्वारा दिए गए समर्थन के बावजूद, बनर्जी के प्रशासन का रवैया नकारात्मक रहा. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बीजेपी सांसद शमिक भट्टाचार्य ने उसी चैंबर में बोलते हुए, मौजूदा डबल-इंजन सरकार के तहत एक नई भूमि नीति और निवेश-अनुकूल माहौल का वादा किया.
चैंबर की लिस्ट से ममता बनर्जी गायब
भारत चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने अपने संदेश में कहा, “दस साल पहले, भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की गरिमामयी उपस्थिति में, हमारी संस्था ‘भारत चैंबर्स’ का उद्घाटन किया गया था. इन सालों के दौरान, पश्चिम बंगाल के उन मुख्यमंत्रियों में से, जिन्हें ‘सज्जन’ के रूप में जाना जाता था डॉ. बिधान चंद्र रॉय, पी. सी. सेन, अजय कुमार मुखर्जी, सिद्धार्थ शंकर रॉय, ज्योति बसु और बुद्धदेव भट्टाचार्जी. सभी ने हमारे चैंबर के विभिन्न यादगार कार्यक्रमों को निजी तौर पर अपना आशीर्वाद दिया.”
चैंबर ने इस बात का भी जिक्र किया कि एकमात्र अपवाद राज्य की हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री बनीं नेता थीं. जहां उनके पूर्ववर्तियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, वहीं चैंबर के प्रति उनके रवैये को नकारात्मक बताया गया. चैंबर ने यह भी दावा किया कि महामारी और चक्रवात से जुड़ी आपदाओं के दौरान समर्थन देने के बावजूद, उसे औद्योगिक विकास के लिए कोई नीतिगत समर्थन नहीं मिला.
आप बेझिझक अपना व्यवसाय करें- शमिक भट्टाचार्य
इस चूक और व्यापक औद्योगिक माहौल पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को पहले किसानों से जमीन हासिल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता था. उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, “कोई उचित भूमि नीति नहीं थी. हमने उस पर काम शुरू कर दिया है. आप बेझिझक अपना व्यवसाय करें, इसमें कोई बाधा नहीं आएगी. आपको किसी को पैसे नहीं देने पड़ेंगे. कोई रंगदारी नहीं वसूली जाएगी, भूमि नीति को कुछ ही महीनों के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा.”
भट्टाचार्य ने बंगाल में 100 दिनों के भीतर बदलाव का वादा किया
चेंबर ऑफ कॉमर्स में बोलते हुए, भट्टाचार्य ने कहा, “हम कहेंगे अब यहां निवेश करें. जमीन से जुड़ी एक नीति बनाने का काम चल रहा है. बहुत से लोग निवेश करना चाहते हैं. इसीलिए जमीन नीति पर काम जारी है. हम चाहते हैं कि बाहर से और ज़्यादा निवेश आए. 100 दिनों के भीतर कारोबारियों को यह साफ नजर आ जाएगा कि क्या बदलाव हो रहे हैं. यह हमारा पक्का वादा है. हम चाहते हैं कि बंगाल कारोबारियों के लिए व्यापार का एक पसंदीदा ठिकाना बन जाए.”



