पीएफ नहीं, वेतन नहीं… अब सड़क पर उतरे कानपुर देहात के सफाई कर्मचारी
कानपुर देहात की रनिया नगर पंचायत में सफाई कर्मियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने डेढ़ साल से पीएफ जमा न होने और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सफाई कर्मियों ने प्रशासन पर लाठीचार्ज की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: किसी भी शहर या कस्बे की सफाई व्यवस्था उन कर्मचारियों के दम पर चलती है, जो हर मौसम और हर परिस्थिति में सड़कों से लेकर गलियों तक सफाई का जिम्मा संभालते हैं। लेकिन जब वही कर्मचारी अपने हक और वेतन के लिए धरने पर बैठ जाएं, तो यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन जाता है। कानपुर देहात की रनिया नगर पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां सफाई कर्मियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है।
करीब डेढ़ साल से पीएफ जमा न होने और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार को तीसरे दिन भी कर्मचारियों का धरना जारी रहा। रनिया के बीच गोदाम में बैठे कर्मचारियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
“काम पूरा, लेकिन हक अधूरा”
धरने पर बैठे सफाई कर्मियों का आरोप है कि वे लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके भविष्य निधि यानी पीएफ का पैसा लंबे समय से जमा नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि डेढ़ साल से उनका पीएफ रुका हुआ है, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मियों का यह भी कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं।
तीसरे दिन भी जारी रहा धरना
रनिया नगर पंचायत के बीच गोदाम में करीब 50 सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि जब तक पीएफ का बकाया जमा नहीं किया जाता और वेतन बढ़ाने को लेकर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वे अब सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि लिखित समाधान चाहते हैं।
“धरना खत्म करो, नहीं तो लाठीचार्ज होगा”
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नगर पंचायत के ईओ और अध्यक्ष की ओर से धरना खत्म कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस बुलाकर लाठीचार्ज कराने की धमकी तक दी गई। इस दावे के बाद कर्मचारियों में नाराजगी और डर दोनों का माहौल है। हालांकि इन आरोपों को लेकर अभी तक नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सफाई व्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। क्योंकि जिन कर्मचारियों के भरोसे पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई होती है, वही अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सफाई कर्मियों जैसी जमीनी स्तर पर काम करने वाली श्रेणी के कर्मचारियों की समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करना प्रशासन के लिए भारी पड़ सकता है। समय पर वेतन और पीएफ जैसी सुविधाएं सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा से भी जुड़ा मामला हैं।
कर्मचारियों की मांग पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल रनिया नगर पंचायत में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। धरने पर बैठे कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से समाधान को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या फैसला लेता है और क्या बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकल पाता है या फिर आंदोलन और बड़ा रूप लेता है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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