राहुल गांधी दलितों को फिर से कांग्रेस के केंद्र में लाएंगे

जाति आधारित क्षेत्रीय दलों का उदय कांग्रेस की वजह से : नेता प्रतिपक्ष

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस एकबार फिर अपने को मजबूत करने में जुट गई है। केरल व तमिलनाडु में सरकार बनने के बाद जोश में आए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के कीलकांटे फिर दुरुस्त करने की शुरुआत कर दी है। रायबरेली के सांसद यूपी विस चुनाव 27 से पहले कभी कांग्रेस के परंपरागत वोटर दलितों को फिर से अपनी ओर करने की कोशिश में जुट गए है।
दिल्ली में एक कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि दलित अब पार्टी के भीतर एक केंद्रीय भूमिका निभाएंगे, और उन्होंने जाति आधारित क्षेत्रीय दलों के उदय का श्रेय पिछले दशकों में कांग्रेस की अपनी नीतियों को दिया। 26 जनवरी को कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग की बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस ने 198० और 9० के दशक के दौरान दलितों के लिए उचित उपाय किए होते, तो न तो जाति आधारित क्षेत्रीय पार्टियां उभरतीं और न ही दलित उनकी ओर आकर्षित होते।
ठीक एक साल पहले, राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि कांग्रेस ने ओबीसी समुदाय की उपेक्षा की है और इसके लिए माफी मांगी थी। अब उन्होंने दलित समुदाय के बारे में भी इसी तरह की भावना व्यक्त की है। इन प्रयासों के माध्यम से राहुल गांधी दलित और पिछड़े समुदायों के बीच कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने संविधान प्रदर्शित करते हुए रैलियां निकालीं और आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में संविधान खतरे में है।

यूपी विस चुनाव पर नजर

इस रणनीति ने दलित मतदाताओं के बीच कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को चुनावी लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राहुल गांधी ने ओबीसी श्रेणी के लिए जाति जनगणना की भी वकालत की है। इन सभी पहलों के चलते लोकसभा में कांग्रेस पार्टी की सीटों की संख्या दोगुनी हो गई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राहुल गांधी दलित और पिछड़े वर्गों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास तेज कर रहे हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने अपने रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र में दलित स्वतंत्रता सेनानी वीर पासी की प्रतिमा का अनावरण किया और एक बहुजन सभा को संबोधित किया।

बसपा संस्थापक कांशीराम की प्रशंसा की

बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने दलित समुदाय को एकजुट करने और उनमें आत्मविश्वास जगाने के लिए बसपा संस्थापक कांशी राम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भाजपा एक साथ क्षेत्रीय दलों को भंग करने और दलितों के अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है, जिससे दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं। राहुल गांधी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कांग्रेस दलित अधिकारों की रक्षा करेगी और बाबासाहेब अंबेडकर के सपनों को साकार करेगी, साथ ही उन्होंने कहा कि दलित पार्टी में अहम भूमिका निभाएंगे।

पुण्यतिथि पर याद किए गए पं. नेहरू

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश के पहले प्रधानमंत्री और उनके पर-दादा पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ङ्ग पर नेहरू को याद करते हुए लिखा, देश के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखते हुए उन्होंने एक समावेशी, सौहार्दपूर्ण और प्रगतिशील भारत निर्माण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। इसके साथ राहुल गांधी ने शांति वन पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कई तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वह मौन श्रद्धांजलि देते नजर आए। साथ ही, उनके साथ कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी नजर आए। राहुल गांधी ने अपने संदेश में नेहरू के उस विजन को भी रेखांकित किया, जिसमें स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक सोच को भारत की आत्मा बताया गया था। कांग्रेस लगातार यह संदेश देती रही है कि नेहरू ने केवल राजनीतिक आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, बल्कि स्वतंत्र भारत के संस्थानों, लोकतांत्रिक ढांचे और आधुनिक विकास मॉडल की भी बुनियाद रखी। नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी शांति वन पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव बहुत जरूरी : सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने एसआईआर की वैधता को बरकरार रखा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा किए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की संवैधानिक अनिवार्यता को आगे बढ़ाता है। न्यायालय ने कहा कि एसआईआर का संचालन निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने व्यवस्था दी कि यह नहीं कहा जा सकता कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर का प्रयोग करके अपने वैधानिक अधिकारों की सीमा से बाहर जाकर काम किया है। पीठ ने कहा कि हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते कि विवादित प्रक्रिया केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए अपनाई गई थी। इसके विपरीत, हम मानते हैं कि चुनावी एसआईआर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक आवश्यकता को बल देता है। एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं में दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और उससे संबंधित नियमों के तहत निर्वाचन आयोग को इतने व्यापक स्तर पर एसआईआर कराने का अधिकार नहीं है।
शीर्ष न्यायालय ने 29 जनवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन याचिकाओं में गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स’ (एडीआर) की याचिका भी शामिल थी। बिहार में एसआईआर अभियान का पहला चरण चलाया गया था। पिछले वर्ष 12 अगस्त को न्यायालय ने मामले में अंतिम बहस शुरू की थी और तब कहा था कि मतदाता सूची में नाम शामिल करना या हटाना निर्वाचन आयोग के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में आता है। निर्वाचन आयोग ने एसआईआर अभियान के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख लोगों के नाम सार्वजनिक किए थे। एसआईआर अधिसूचना के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम 2002 या 2003 की मतदाता सूची में नहीं थे, उन्हें उस समय सूची में शामिल किसी व्यक्ति से अपना पैतृक संबंध साबित करना था।

टीएमसी के 50 विधायक व 20 सांसद भाजपा के संपर्क में : सौमित्र खान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सौमित्र खान ने बुधवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लगभग 50 विधायक और 20 सांसद पार्टी नेतृत्व से बेहद नाखुश हैं।
खान के मुताबिक, यदि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व हरी झंडी दे देता है, तो ये सभी नेता तृणमूल छोडक़र भाजपा में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

पेपर लीक मामले में सीबीआई का एक्शन

लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग टीचर समेत 2 और गिरफ्तार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा 26 के कथित पेपर लीक मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई तेज होती जा रही है। बुधवार (27 मई 2026) को सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में लातूर का एक डॉक्टर और पुणे के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान का फिजिक्स टीचर शामिल है। इन दो नई गिरफ्तारियों के साथ ही हृश्वश्वञ्ज त्र पेपर लीक घोटाले में अब तक सलाखों के पीछे पहुंचने वाले आरोपियों की कुल संख्या बढक़र 13 हो गई है। जाँच एजेंसी ने लातूर के डॉक्टर, डॉ. मनोज शिरुरे को गिरफ़्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि शिरुरे पर आरोप है कि उन्होंने रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज मोटेगाँवकर के बेटे सहित तीन छात्रों को, आरोपी कुलकर्णी से केमिस्ट्री के सवाल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने पुणे स्थित कोचिंग सेंटर, डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी में फिज़़िक्स के टीचर, तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ़्तार किया है। शाह पर आरोप है कि उसने गिरफ़्तार आरोपी मनीषा हवलदार से फिज़़िक्स के लीक हुए सवाल हासिल किए थे।

पूर्व सीएम पिनराई विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी

सीएमआरएल मामले में 10 ठिकानों पर तलाशी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तिरुवंतनतपुरम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत राज्य में कुल 10 परिसरों पर तलाशी ली जा रही है, जिनमें राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित विजयन का किराए का मकान भी शामिल है। आरोप है कि निजी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड ने 18 से 19 के बीच विजयन की बेटी टी. वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया, जबकि इस आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को कोई सेवा प्रदान नहीं की थी। ईडी की यह छापेमारी केरल उच्च न्यायालय द्वारा सीएमआरएल को बड़ा झटका दिए जाने के ठीक अगले दिन हुई है। मंगलवार को ही उच्च न्यायालय ने सीएमआरएल की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसमें कंपनी ने ईडी द्वारा की जा रही कानूनी कार्रवाई को रद्द करने का अनुरोध किया था।
कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही ईडी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी। उल्लेखनीय है कि इस कथित वित्तीय अनियमितता और अवैध लेनदेन के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साल 024 में पीएमएलए के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। इसी जांच के तहत अब साक्ष्य जुटाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री और उनसे जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर यह छापेमारी की गई है।

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