बांदा में ओवरलोड मौरंग ट्रक बना मौत का कारण, 6 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उठे बड़े सवाल
बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र में ओवरलोड मौरंग ट्रक के पलटने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आरटीओ, खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अवैध खनन और ओवरलोडिंग को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा जिले में एक बार फिर ओवरलोड मौरंग वाहनों का कहर देखने को मिला है। बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरण रोड पर मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार ओवरलोड मौरंग से भरे ट्रक ने पहले एक राहगीर को टक्कर मारी और फिर अनियंत्रित होकर ई-रिक्शा पर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और कई लोग ट्रक के नीचे दब गए। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक ट्रक तेज रफ्तार में था और उस पर क्षमता से अधिक मौरंग लदी हुई थी। ट्रक ने पहले सड़क किनारे चल रहे एक व्यक्ति को टक्कर मारी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन ओवरलोडिंग के कारण ट्रक संतुलन खो बैठा और सामने जा रहे ई-रिक्शा पर पलट गया। ई-रिक्शा में सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ट्रक के नीचे दबते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
चालक फरार, प्रशासन जांच में जुटा
हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ओवरलोड ट्रकों और अवैध खनन पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर जिले में चल रहे ओवरलोड ट्रकों और अवैध मौरंग खनन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है that जिले की कई खदानों से रोजाना नियमों को ताक पर रखकर ओवरलोड ट्रक सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बहादुरपुर, गिरवा, मरौली और मार्का क्षेत्र की खदानों से लगातार ओवरलोड वाहनों के संचालन और अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके आरटीओ, खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगते रहे हैं।
“क्या सिर्फ चालक जिम्मेदार है?”
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या केवल ट्रक चालक ही दोषी है या वह पूरा सिस्टम भी जिम्मेदार है, जो ओवरलोड वाहनों को खुलेआम सड़कों पर दौड़ने देता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतें की गईं, खबरें प्रकाशित हुईं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रही। कुछ चालान काटने और जांच के नाम पर खानापूर्ति के बाद मामला शांत कर दिया जाता है।
छह मौतों के बाद भी क्या बदलेगी व्यवस्था?
यह पहली बार नहीं है जब ओवरलोड वाहनों की वजह से लोगों की जान गई हो। बुंदेलखंड क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड ट्रकों का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सिर्फ दुर्घटना के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि लगातार निगरानी और सख्त प्रवर्तन की जरूरत है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस हादसे के बाद प्रशासन सच में सख्त कदम उठाएगा या फिर कुछ दिनों की हलचल के बाद मामला एक बार फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
रिपोर्ट – इक़बाल खान
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