कृष्ण के प्रेम के मर्म को दर्शाती कृष्णावतारम्
पांच हजार साल पहले के भारत को देखना हो तो जरूर देखें ये फिल्म, ब्रज और द्वारका का भव्यता देख गदगद हो जाएगा मन

निर्माता साजन व निर्देशक हार्दिक का कमाल
सिद्धार्थ ने कृष्ण व सुष्मिता ने राधा को अभिनय से किया जीवंत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। कभी घर-घर जाकर अखबार डालने वाले एक व्यक्ति साजन राज ने अपने विजन से एक ऐसी फिल्म बना डाली है जिसने पूरी दुनिया को एकबार फिर भगवान कृष्ण के विचारों से साक्षात्कार करा दिया है।
जी हां हम उस निर्माता की बात कर रहे हैं जिसमे राधा-कृष्ण के प्रेम को लेकर फिल्म बनाई है कृष्णावतारम पार्ट 1: हृदयम। यह फिल्म बॉक्स आफिस पर तहलका मचा रही है। अगर आपने फिल्म नहीं देखी है तो जरूर देखे। यह फिल्म आज की नफरती दुनिया में प्रेम का संदेश देती है।

काफी रिसर्च व मुश्किल से बनाई क्लासिक मूवी : साजन
मूलत: केरल के रहने वाला हैं निर्माता साजन हालांकि उनकी कर्मभूमि अहमदाबाद रही । उनके पिता ने हमेशा उन्हें अपने पैरों पर खड़ा रहने की सीख दी। उन्होंने 14 साल की उम्र में अखबार डालना शुरू किया। धीरे-धीरे मेहनत से मार्केटिंंग की और एक एडवरटाइजिंग कं पनी में काम किया। लिखने का शौक था तो लेखक बन गये। इस दौर में 11 देशों में काम किया । फिर बेंगलौर से होते हुए मुंबई आ गए और नौकरी छोड़ अपना काम शुरू किया। कई लोगों को जोड़ा पर पैसे की कमी थी। पर किसी तरह सबको जुटाकर काम शुरू किया। सबने हर मुश्किल में साथ दिया। उन्हें नौ साल की उम्र से फिल्मों का शौक था। साजन े ने बताया कि मैंने 40 से 45 एड फिल्में बनाई। आर बाल्कि उन्हे मुंबई लेकर आये थे। बाद में मैने प्रोड्यूसर बनने का मन बनाया। लंदन की कंपनी को टेकओवर किया वहां से हालीवुड से फिल्मों का बिजनेस सीखा। फिर दुनिया भर में जाकर रिसर्च किए इस दौरान बड़े-बड़े लोगों के साथ काम किया।
उप्र के लोगों को जरूर देखना चाहिए ये फिल्म
श्रीकृष्ण के प्रेम और समर्पण को दर्शाती फिल्म ‘कृष्णावतारम पार्ट 1: हृदयम’ थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है। पूरी दुनिया में यह फिल्म तहलका मचा रही है। भारत में यह प्रदर्शित हो गई है। लोग इसे देखने जा रहे हैं। यूपी के लोगों को खासतौर से इस फिल्म को जरूर देखनी चाहिए क्योंकि भगवान कृष्ण का पूरा बचपन मथुरा-वृंदावन व ब्रज की गलियों में बीता था। आज भी इस क्षेत्र में राधा-कृष्ण लोगों को अपने बीच में होने का आभास करवाते हैं। अगर आपको भव्यता का आनंद लेना हो तो इसे थिएटर में ही पूरे परिवार के साथ जरूर देखें। इसे देखकर आपको पुराणों और आस्था से जुड़े कई सवालों के जवाब जरूर मिलेंगे।
जब दुनिया में नफरत फैल रही है तब यह फिल्म प्रेम का संदेश देती है
श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करती अब तक कई फिल्में आपने देखी होंगी पर इन दिनों थिएटर में जो ‘कृष्णावतारम पार्ट 1, हृदयम’ रिलीज हुई है इसे मिस मत करिएगा। ऐसी फिल्में देखने जाने से पहले मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि इसमें नया क्या होगा? पर मेरी मानिए बिना कुछ सोचे जाइये और यह फिल्म देख आइये। ये आपके बरसों पुरानी वही कहानी एक ऐसे कमाल के अंदाज में दिखाएगी कि आप खो जाएंगे और द्वापर युग में जाकर भगवान श्री कृष्ण को महसूस करने लगेंगे। तीन भागों में बनी इस फिल्म का पहला पार्ट कृष्ण की प्रेम कहानी और उनके समर्पण पर आधारित है। आज जब दुनिया में नफरत फैल रही है उस समय यह फिल्म प्रेम का संदेश देती है। फिल्म की कहानी: यह फिल्म शुरू होती है भालका तीर्थ से। यह वहीं जगह है जहां श्रीकृष्ण ने अपने प्राण त्यागे थे। आगे बताया जाता है कि जगन्नाथ पुरी मंदिर में जो कृष्ण की मूर्ति में उसमें आज भी उनका दिल धडक़ता है। जब स्वामी (जैकी श्रॉफ) श्रीकृष्ण की कथा सुनाते हैं तो विज्ञान और आस्था के बीच बहस शुरू होती है। इसके बाद कहानी द्वापर युग में जाती है, जहां श्रीकृष्ण (सिद्धार्थ गुप्ता) का जन्म, गोकुल से वृंदावन जाना, द्वारकाधीश बनना, राधा (सुष्मिता भट्ट) से मिलना और रुक्मिणी (निवासिनी कृष्णन) व सत्यभामा (संस्कृति जयना) से विवाह करने तक की कहानी दिखाई जाती है। यह फिल्म महाभारत की शुरुआत पर खत्म होती है पर अभी इसे दो पार्ट और आना बाकी हैं, जिनमें आगे की कहानी दिखाई जाएगी।
70 से 80 करोड़ में बनी फिल्म कृष्णावतारम्
साज ने कहा कि किसी फिल्म को बनाने के लिए समय की बहुत महत्ता होती है। वैदिक संस्कृति पर पीएचडी कर रहा हूं। मै भगवान कृष्ण से बहुत प्रभावित हूं। उनके संघर्ष व लीलाओं को लेकर उस पर काम शुरू किया। पूरी टीम ने साथ दिया। 70 से 80 करोड़ के पूरे बजट का 25 प्रतिशत मैने अपनी बचत से दिया। फिर दुनिया के कई जगहों से तकनीक की मदद ल और बृहत स्तर की मूवी बनाई। शूटिंग से दस दिन पहले कुछ लोगों नेे हाथ भी खींचा पर भगवान कृष्ण के नाम में फिल्म शुरू की। मुंबई व गुजरात में शूटिंग की। फिल्म के ड्रेस, सेट सब पर दिल से काम किया। काफी ऑडीशन के बाद कलाकारों को चुना। फिल्म का नाम पहले राधारमण था बाद मेें जब सारे अधिकार लेने के बाद इसका नाम कृष्णावतराम् रखा। चूकि भगवान कृष्ण बहु आयामी है इसलिए इस फिल्म को तीन भाग में लाएंगे पहला कृष्णावतराम् ह्दयम, दूसरा मन: जिसमेे कृष्ण की नीति के बारे में फिल्मांकन होगा और तीसरा भाग होगा आत्मा पर जो भगवत गीता के दर्शन को दिखाएगा। दूसरे भाग की शूटिंग जल्द शुरू होगी और इसे 2027 के अंत तक लाने की कोशिश की जाएगी।
शानदार निर्देशन
इस फिल्म के निर्देशक हार्दिक गज्जर इससे पहले टीवी शो ‘देवों के देव- महादेव’ का भी निर्देशन कर चुके हैं। वह शो भी अपने आप में कल्ट था। इसके अलावा हार्दिक, नीना गुप्ता को लेकर अचारी बा जैसी फिल्में बना चुके हैं। वो फिल्में छोटे बजट की थीं पर बड़ी खूबसूरती से पेश की गई थीं। यहां हार्दिक का बजट बड़ा है और स्केल भी पर इस फिल्म को भी उन्होंने खूबसूरती से संभाला। प्रकाश कपाडिय़ा और राम मोरी के साथ मिलकर उन्होंने जो इसकी कहानी लिखी है वो बयां करने का तरीका कुछ अलग ही है। फिल्म की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसका वीएफएक्स कहीं भी ओवर नहीं होता। द्वारका हो या वृंदावन असली सा लगता है। भव्य सेट और भव्य गाने, फिल्म के विजुअल्स देखकर आपकी आंखे खुली ही रह जाती है। फिल्म में रंगों की कोई कमी नहीं है। पूरे ढाई घंटे तक स्क्रीन किसी कैनवास की तरह नजर आती है। कई सीन ऐसे हैं कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इनमें से एक है जब श्रीकृष्ण, द्रौपदी को उनके मांगे हुए वरदान पर तथास्तु कहते हैं। वहीं कई दृश्य ऐसे हैं कि लगता ही नहीं आप फिल्म देख रहे हैं। बाकी हर चीज में हार्दिक ने सटीक काम किया है। किसी भी तरह से फिल्म को भटकने नहीं दिया।
मनमोहक संगीत
फिल्म में कई गाने हैं। ये सभी गाने इरशाद कामिल ने लिखे हैं। श्रेया घोषाल और सोनू निगम की आवाज में ये कानों में मिश्री सी घोल जाते हैं। ज्यादातर कान्हा की प्रेमलीला का वर्णन करते हैं। ये सभी सुनने में अच्छे लगते हैं पर कुछ एक जगह फिल्म की गति को धीमा करते हैं।
हार्दिक गज्जर ने किया निर्देशित
हार्दिक गज्जर द्वारा निर्देशित फिल्म कृष्णावतारम् आस्था, दर्शन और भावनाओं का एक बेहतरीन संगम है। यह एक्शन से ज्यादा कृष्ण के प्रेम और मानवीय मूल्यों को दर्शाती है। सिद्धार्थ गुप्ता और सुष्मिता भट की एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। यह फिल्म पारंपरिक एक्शन और महाभारत युद्ध से हटकर, भगवान कृष्ण के जीवन, दर्शन और प्रेम को आधुनिक और भावनात्मक दृष्टिकोण से पेश करती है। सिद्धार्थ गुप्ता (कृष्ण के रूप में) ने अपनी भूमिका में गहरी छाप छोड़ी है। वहीं, सुष्मिता भट और संस्कृति जयना का अभिनय भी काफी प्रभावशाली है। फिल्म का संगीत बहुत ही मधुर और सुकून देने वाला है। इसके विजुअल्स और भव्य दृश्य आपको सिनेमा हॉल में बांधे रखने का काम करते हैं। यह एक क्लासिक और गंभीर फिल्म है। यदि आप भक्ति, अध्यात्म और भावनाओं से जुड़ी फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित होगी।
सभी ने किया शानदार अभिनय
फिल्म की सबसे अच्छी बात यही है कि इसके मुख्य कलाकार नए और फ्रेश हैं। यहां मेकर्स ने किसी ए लिस्टर को लेकर कोई एक्सपेरिमेंट नहीं किया। कृष्ण के किरदार में सिद्धार्थ गुप्ता बखूबी जमे हैं। उनके चेहरे पर मासूमियत और डायलॉग डिलिवरी में ठहराव है। बस कुछ दृश्य में उनकी विग साथ नहीं देती पर इसे इग्नोर कर सकते है। कमाल ही बात यह है कि वो जिस खूबसूरती से प्रेम दर्शाते हैं, उनके चेहरे पर क्रोध की भावना भी उतना ही जमती है। दूसरी तरफ राधा के किरदार में सुष्मिता भट्ट हर फ्रेम में कमाल लगी हैं। वो इस किरदार में पूरी तरह फिट हैं। ऐसा लगा जैसे उन्होंने राधा के किरदार को आत्मसाध कर लिया हो। वहीं रुक्मिणि के किरदार में निवासिनी कृष्णन और सत्यभामा के किरदार में संस्कृति जयना ने भी कमाल अभिनय किया है। इन चारों कलाकारों ने इन लीड़ किरदारों की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। बाकी फिल्म में जैकी श्रॉफ, अमनजोत सिंह, दीपक डोबरियाल, गोविंद नामदेव, जरीना वहाब, कुमुद मिश्रा और आशुतोष राणा समेत कई बड़े कलाकार अपने छोटे छोटे किरदरों में छाप छोड़ जाते हैं।
कृष्ण के पात्र के लिए सिद्धार्थ गुप्ता का चयन जन्मपत्री देखकर किया
कृष्ण के पात्र के लिए सिद्धार्थ गुप्ता का चयन किया। उनके चयन के लिए उनकी जन्मपत्री देखी। उनपर शुक्र का प्रभाव दिखा। मुझे वह भगवान कृष्ण की भूमिका के लिए उचित लगे। उनके पहले ही डायलॉग से मुझे लग गया कि यह पात्र धमाका करेगा। फिर अन्य कलाकारों को ढूंढा। इन सबमें कृष्ण के तत्व आ गए हैं।
कृष्णावतारम् पार्ट 1 : हृदयम
कलाकार: सिद्धार्थ गुप्ता, सुष्मिता भट्ट निवासिनी कृष्णन और संस्कृति जयना
लेखक : हार्दिक गज्जर , प्रकाश कपाडय़िा और राम मोरी।
निर्देशक: हार्दिक गज्जर
निर्माता: साजन राज कुरूप और शोभा संत



