दिल्ली के अग्निकांडों का काला अध्याय: 6 साल में 500 से ज्यादा मौतें, सबसे घातक रहा कौन सा साल?
दिल्ली के मालवीय नगर होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत ने राजधानी की अग्नि सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली के मालवीय नगर होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत ने राजधानी की अग्नि सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बीते 6 सालों में दिल्ली में आग संबंधी हादसों में 543 जानें गई हैं, जिनमें हाल ही में हुईं विवेक विहार और पालम की घटनाएं भी शामिल हैं.
दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग ने सभी को हिलाकर रख दिया है. इस हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस भीषण अग्निकांड के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले तो बीते 6 साल में शहर में आग संबंधी हादसों में 500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. ये आंकड़े अग्नि सुरक्षा इंतजामों की हकीकत सामने लाते हैं. इनमें कुछ हादसे तो ऐसे हैं जिनका खौफनाक मंजर आज भी लोगों के जहन में है.
बुधवार को दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर की एक संकरी गली में स्थित फ्लोरिश स्टेज बीएंडबी होटल में लगी आग में 21 लोग मारे गए. जिनमें ज्यादातर विदेशी नागरिक थे.
इस हादसे में 25 लोग गंभीर रूप से जख्मी भी हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. होटल में लगी ये आग काफी भयंकर थी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे राहत और बचाव कार्य भी प्रभावित हुआ. आंकड़ों पर नजर डालें तो आग की घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है.
2019 से 2026 तक कुल 543 मौत
दिल्ली सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 से मार्च 2026 तक राजधानी में आग से जुड़ी तमाम घटनाओं में कुल 543 लोगों की मौत हुई है. हाल ही में विवेक विहार और पालम इलाके में हुई आग की घटनाओं में भी 9-9 लोगों की मौत हुई थी. लगातार हो रहे हादसों ने अग्नि सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
2026 के शुरुआत 65 लोगों की मौत
सिर्फ साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही आग से जुड़ी दुर्घटनाओं में 65 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है. इससे साफ है कि आग की घटनाएं राजधानी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. घायलों की संख्या भी कम नहीं है. 2019 से 2025 के बीच आग की घटनाओं में 4,403 लोग घायल हुए.
2025-26 में 84 की लोगों की जान गई
दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के आंकड़ों के मुताबिक,साल 2025-26 में आग की घटनाओं में 84 लोगों की जान गई.
2024-25 में 90 की मौत 2023-24 में 77 लोगों की मौत
कोविड काल में हुई मौत
कोविड काल के दौरान 2020-21 में 41 और 2021-22 में 55 लोगों की मौत हुई थी. हालांकि, इसके बाद मामलों में फिर तेजी आई और 2022-23 में आग की घटनाओं में 95 लोगों की जान चली गई, जो हाल के सालों में सबसे ज्यादा थी.
अनाज मंडी हादसा सबसे भयावह
आग लगने से होने वाली मौतों की सबसे अधिक संख्या 2019-20 में दर्ज की गई. यह छह साल का सबसे घातक साल रहा. इसी दौरान हुए अनाज मंडी अग्निकांड में 44 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी. यह हादसा राजधानी के इतिहास की सबसे बड़ी आग की त्रासदियों में गिना जाता है. इससे पहले 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड में 59 लोगों की जान गई थी.
अनाज मंडी अग्निकांड में 44 लोगों की दर्दनाक मौत उपहार सिनेमा अग्निकांड में 59 लोगों की जान गई
आपात कॉल में भी भारी इजाफा
आग की घटनाएं बढ़ने के साथ दिल्ली फायर सर्विस को मिलने वाली आपात कॉल भी बढ़ी हैं. 2019-20 में DFS को 17,231 कॉल मिली थीं, जो पिछले साल में बढ़कर 20,379 हो गईं. लगातार बढ़ती कॉल और मौतों के आंकड़े शहर में फायर सेफ्टी ऑडिट, इमारतों की जांच और जागरूकता अभियान की जरूरत को रेखांकित करते हैं.
मालवीय नगर हादसे के बाद प्रशासन पर दबाव है कि वह होटलों, गेस्ट हाउस और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच करे ताकि ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके.



