एनडीए के लिए टीएमसी को तोड़ा : जयराम

- कांग्रेस नेता बोले- पार्टी को तोडऩे की साजिश अमित शाह ने रची
- बहुमत जुटाने की कोशिश के लिए रचा खेल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस का कहना है कि एनडीए में लंबे समय से स्थापित और अनुभवी दलों तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और जनता दल (जेडीयू) से भी बड़ी होकर दूसरा सबसे बड़ा दल बन सकती है। जयराम रमेश ने कहा कि वास्तव में इन दोनों दलों को ऐसी ओछी और घृणित राजनीतिक चालों के जरिए अपने महत्व को कम किए जाने का विरोध करना चाहिए। कांग्रेस ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस को तोडऩे की साजिश गृह मंत्री अमित शाह ने रची है। इस कदम का मकसद किसी भी तरह से लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाना है।
जयराम रमेश ने कहा कि तेलुगू देशम पार्टी और जनता दल को इस प्रयास का विरोध करना चाहिए, क्योंकि अब राजग में उनका महत्व कम हो जाएगा। जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एक हताश केंद्रीय गृह मंत्री, जो सरदार पटेल के सुशोभित इस पद की गरिमा पर कलंक हैं, उन्होंने बेशर्मी की हदें पार करते हुए भारतीय लोकतंत्र को एक नए निम्न स्तर पर पहुंचा दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि गृहमंत्री ने टीएमसी के 20 सांसदों को अवैध रूप से अलग कराने और उनका विलय महज तीन साल पहले गठित, लगभग अज्ञात तथा कथित रूप से पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल ‘नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया’ में कराने की साजिश रची है।
बागी सांसदों ने अपनी इज्जत खो दी : सौगत राय
टीएमसी के सांसद सौगत रॉय ने उन 2० बागी टीएमसी सांसदों की आलोचना की, जिन्होंने एनसीपीआई में विलय की घोषणा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए उठाया गया है। 1985 में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत 52वें संशोधन से लागू किए गए दल-बदल विरोधी कानून का मकसद राजनीतिक दल-बदल को रोकना है। यह कानून संसद और राज्य विधानसभाओं, दोनों पर लागू होता है। एएनआई से बात करते हुए, रॉय ने टीएतसी के अनजान होने का जिक्र किया और बताया कि इसे कोई औपचारिक मान्यता नहीं मिली है और चुनावी राजनीति में इसकी मौजूदगी न के बराबर है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है। टीएमसी सांसद एक अनजान पार्टी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने अपना सम्मान खो दिया है, मैं और क्या कह सकता हूँ?



