हंगामे में धुल गया संसद का मानसून सत्र

अंतिम दिन भी नहीं चला सदन, दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। लोकसभा का मॉनसून सत्र विपक्षी हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया, जो नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर गतिरोध के कारण बाधित रहा। कार्यवाही राष्ट्रगीत (वंदे मातरम) के गान के साथ संपन्न हुई, जिसमें पीएम मोदी और अमित शाह जैसे प्रमुख नेता मौजूद थे। स्पीकर ओम बिरला ने सत्र की कार्यवाही पर समापन भाषण नहीं दिया।
गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे मॉनसून सत्र समाप्त हो गया। यह सत्र विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के बीच संपन्न हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगीत के सभी छह पद बजाए गए, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। जब सदन की संक्षिप्त बैठक हुई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वहां मौजूद थे।
स्पीकर ने सत्र के दौरान सदन के कामकाज और उत्पादकता पर पारंपरिक समापन भाषण नहीं दिया। बिरला ने विपक्ष के सदस्यों से सत्र के दौरान बहस में भाग लेने की बार-बार अपील की थी। हालांकि, विरोध और नारेबाजी जारी रही, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। गुरुवार को भी, सदन स्थगित होने से पहले विपक्ष के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
दिन की शुरुआत स्पीकर ओम बिरला के सदस्यों से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सम्मान में खड़े होने के आग्रह के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में मौजूद थे। गीत के गायन के तुरंत बाद स्पीकर ने घोषणा की कि लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित की जा रही है।

राहुल गांधी मानसून सत्र बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार : मनन

भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही बाधित होने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, इसके लिए अकेले राहुल गांधी जिम्मेदार हैं। उन्होंने लोकतंत्र और संसद का मजाक बना दिया है। उन्होंने कहा कि अमेठी की जनता को यह सोचकर पछतावा हो रहा होगा कि उन्होंने ऐसे सनकी व्यक्ति को क्यों चुना। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने पूरा मानसून सत्र बर्बाद कर दिया। मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी किसी भी चर्चा में हिस्सा नहीं लेना चाहते। इसके बजाय वह सदन से दूर रहकर संसद के बाहर हंगामा और भ्रम पैदा करना पसंद करते हैं।

विपक्ष ने संसद का समय और जनता का पैसा बर्बाद किया : दामोदर

भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, तब विपक्ष न तो सदन में मुद्दे उठाता है और न ही लोकसभा अध्यक्ष को लिखित अनुरोध देता है। इसके बावजूद विपक्ष सडक़ों पर खड़े होकर अपनी मांगें उठाता है। उन्होंने कहा, यह न तो लोकतंत्र की परंपरा है और न ही संसदीय व्यवस्था। कानून, प्रक्रिया और नियमों की परवाह किए बिना लोकसभा इस तरह नहीं चल सकती। अग्रवाल ने कहा कि विपक्ष के नेता और उनकी पार्टी ने जो अराजकता पैदा की, उसके लिए वे जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वजह से देश की जनता का समय और पैसा बर्बाद हुआ।

मानसून सत्र में भाजपा सरकार का अहंकार सामने आया : डिंपल

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर बहुत अहंकारी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने लोगों की आस्था से जुड़े मुद्दों और देश के युवाओं की चिंताओं को नहीं माना। सत्र की समीक्षा करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि देश में यह संदेश गया है कि सरकार ने युवाओं से जुड़े मुद्दों और आस्था से जुड़े मामलों को नजरअंदाज किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर इतनी बड़ी घटना दो साल तक चलती रही और उसे न तो माना गया और न ही सामने लाया गया, तो आज भाजपा और उसके सहयोगी जरूर कटघरे में हैं। डिंपल यादव ने भाजपा पर भगवान राम के नाम पर वोट मांगने और लोगों को बांटकर सत्ता में बने रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुद्दों का समाधान करने के बजाय उन्हें दबाना ज्यादा पसंद किया।

चढ़ावे की रक्षा के लिए प्राचीन हनुमान मंदिर जाएंगे वरिष्ठ सदस्य

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, वरिष्ठ सदस्यों ने तय किया है कि हम कनॉट प्लेस के प्राचीन हनुमान मंदिर जाएंगे। भगवान हनुमान, भगवान राम के लिए दिए गए चढ़ावे की रक्षा करेंगे।

जारी रहा विपक्ष का विरोध

आज सुबह 11 बजे सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। 21 जुलाई को शुरू हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में बार-बार कामकाज में रुकावटें आईं। विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस बर्बरता और अयोध्या राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी।

कुल 37 घंटे 49 मिनट चली राज्यसभा

राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच रास कुल 37 घंटे 49 मिनट चली। नीट से जुड़ी कथित गड़बडिय़ों, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावे समेत कई मुद्दों को लेकर हंगामा हुआ। सत्र के ज्यादातर समय सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बना रहा। कई विधेयक बिना चर्चा के पारित हुए।

कावेरी विवाद पर कर्नाटक बंद

कई संगठनों का राज्यव्यापी प्रदर्शन
तमिलनाडु से बस सेवा जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बंगलूरू। कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर गुरुवार को कर्नाटक में राज्यव्यापी बंद बुलाया गया है। इस दौरान कोप्पल में लोगों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु नंबर के ट्रकों के चालकों को गुलाब दिए। उन्होंने चालकों से कहा कि कावेरी का पानी छोडऩे को लेकर जारी विवाद के बीच कर्नाटक को उकसाने की कोशिश न करें।
यह प्रदर्शन कोप्पल तालुक के हिटलनाल टोल गेट पर हुआ। यह जगह राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। कर्नाटक बंद के तहत केरावे युवा सेना के नेता विजयकुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु नंबर के ट्रकों को रोका। ्रदर्शनकारियों ने ट्रक चालकों से भिडऩे के बजाय उन्हें गुलाब दिए। यह गुलाब देना एक प्रतीकात्मक तरीके से विरोध जताने का हिस्सा था। फूल देते हुए विजयकुमार ने ट्रक चालकों से कहा, हम शांति पसंद करने वाले लोग हैं। हमें उकसाने की कोशिश न करें। प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। उन्होंने कावेरी जल नियमन समिति यानी सीडब्ल्यूआरसी के एक निर्देश का विरोध किया। इस निर्देश में कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 12 हजार क्यूसेक पानी छोडऩे को कहा गया है। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए- फूल ले लो, पानी मत मांगो। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन में दखल दिया। पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों को हिरासत में ले लिया और अपने साथ ले गई। कोप्पल में हुआ यह प्रदर्शन 13 अगस्त को कर्नाटक ओक्कुटा संगठन की ओर से बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का हिस्सा था। यह बंद सीडब्ल्यूआरसी के पानी छोडऩे के निर्देश के विरोध में बुलाया गया था।

पंजाब में सडक़ हादसे में आप के तीन कार्यकर्ताओं की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
हलवारा (पंजाब)। रायकोट-जगरांव रोड पर गांव बस्सियां के पास बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब सवा एक बजे एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे तालाब में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार पांच लोगों में से तीन की मौत हो गई, जबकि दो लोग बाल-बाल बच गए। मृतकों की पहचान बलकार सिंह, विशाल और संदीप के रूप में हुई है।
तीनों के आम आदमी पार्टी से जुड़े होने और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के करीबी साथी होने की जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, पांचों लोग नकोदर से कार में सवार होकर दिड़बा क्षेत्र की ओर लौट रहे थे। बस्सियां के पास मोड़ पर तेज रफ्तार कार चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सडक़ किनारे स्थित पानी से भरे तालाब में गिर गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद कार और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि दो अन्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर सरकारी अस्पताल जगरांव में रखवा दिए हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण बिगडऩा बताई जा रही है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी

आंदोलनकारी बोले-सीबीआई जांच से कम कुछ मंजूर नहीं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रांची। जेपीएससी व जेएसएससी समेत विभिन्न मांगों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को 20 वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच समेत अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने पर बैठे हैं। 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा के बाहर भी दिनभर प्रदर्शन किया था। वहीं, आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे छात्र प्रेम नायक ने कहा कि उनका अनशन 11वें दिन में पहुंच गया है और सरकार की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया गया है।
छात्र प्रदर्शनकारी प्रेम नायक ने कहा कि आज उनके अनशन का 11वां दिन और छात्रों के समग्र आंदोलन का 20 वां दिन है। उन्होंने दावा किया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है और डॉक्टरों ने उन्हें अनशन समाप्त करने की सलाह दी है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं कर रही है, इसलिए अनशन समेत आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। प्रेम नायक ने कहा कि अनशन पर बैठे छात्रों ने डॉक्टरों से स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की ओर से मांगें पूरी किए जाने तक वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से बीती रात आंदोलन स्थल का दौरा किया गया था और अधिकारियों के रवैये में कुछ नरमी दिखाई दी, लेकिन आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन अभी भी धरना स्थल खाली कराने का प्रयास कर रहा है।
प्रेम नायक ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से आंदोलनकारियों को किसी भी तरह हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके मुताबिक, आंदोलनकारियों ने डॉक्टरों से भी कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक अनशन जारी रहेगा।

जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने धरना स्थल पर जाने की इजाजत मांगी

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बडिय़ों के खिलाफ आंदोलन कर रहे जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने रांची के सिविल सर्जन को पत्र भेजकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर जाने की इजाजत मांगी है। पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे महतो की तबीयत विधानसभा मार्च के दौरान बिगडऩे पर उन्हें सोमवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि अस्पताल के बिस्तर पर उनका इलाज चल रहा है, लेकिन उनकी आत्मा सत्याग्रह स्थल पर छात्रों के संघर्ष के साथ है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे और यहां के सदर अस्पताल में इलाज करा रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र महतो ने बुधवार रात रांची के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित विरोध स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी। झारखंड विधानसभा तक प्रदर्शनकारी छात्रों के मार्च में शामिल होने के बाद स्वास्थ्य बिगडऩे पर जेएलकेएम नेता को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रांची के सिविल सर्जन को लिखे अपने पत्र में महतो ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हजारों छात्र इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और यह उनके लिए न केवल एक विरोध प्रदर्शन है, बल्कि एक जिम्मेदारी और उम्मीद का जरिया भी है।

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