टीएमसी के बागी सांसदों ने बेची ईमानदारी: अभिषेक बनर्जी

- टीएमसी सांसद लोस स्पीकर से मिले
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस ने बागी सांसदों के खिलाफ अपनी लड़ाई को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुँचा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और 20 टीएमसी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया में विलय के मुद्दे पर चर्चा की। कोलकाता में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से बातचीत के बाद, बनर्जी वरिष्ठ नेताओं डेरेक ओ-ब्रायन और सौगत रॉय के साथ दिल्ली पहुंचे। इस घटनाक्रम से टीएमसी के सामने चल रहे राजनीतिक संकट में और तेज़ी आ गई है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने के बाद, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के 20 सांसदों ने 3-4 दिन पहले स्पीकर से मुलाकात की और अपना अलग गुट बनाने का दावा किया। मीडिया के अनुसार, उन्होंने एक अलग गुट के तौर पर माने जाने का दावा किया है। फिर कुछ घंटों बाद उनमें से 2-4 लोगों ने एनसीपीआई में विलय का दावा किया, जिसके बारे में हमने कभी नहीं सुना था। टीएमसी के लोकसभा नेता के तौर पर, मैंने अयोग्यता की 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपी हैं… 10 वीं अनुसूची उनके खिलाफ है, उन लोगों के खिलाफ जो अलग गुट बनाने का दावा करते हैं। अगर उनमें थोड़ी भी ईमानदारी है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इन 20 (बागी सांसदों) ने लोगों को धोखा दिया और संविधान का अनादर व अपमान किया। उन्होंने अपनी अंतरात्मा, सम्मान और ईमानदारी बेच दी है। बंगाल की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। इनमें से कई (बागी सांसदों)को केंद्रीय सुरक्षा दी गई है। उनके निर्वाचन क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति उनके साथ खड़ा नहीं है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमें बिल्कुल भी बराबरी का मौका नहीं मिल रहा है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि पार्टियां तोड़ी जा रही हैं सिर्फ़ बंगाल में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में भी। शिवसेना के दो टुकड़े कर दिए गए और अब दूसरे हिस्से को भी अपने फ़ायदे के लिए और तोड़ा जा रहा है।



