टेट पेपर लीक व शिक्षा रैंकिंग पर सियासी घमासान

हर युवा असुरक्षित, ये भविष्य की चोरी है : राहुल गांधी

  • नेता प्रतिपक्ष बोले- देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को वसूली का तंत्र बना दिया गया
  • कांग्रेस व शिवसेना यूबीटी ने उठाया सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अभी नीट व अन्य मामले शांत नहीं हुए कि अब टेट व शिक्षा में भारत की रैंक को लेकर शिक्षामंत्रालय विपक्ष के निशाने पर आ गया है। बता दें महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटेट)26 को शनिवार को टाल दिया गया, क्योंकि कथित तौर पर प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से लीक हो गए थे। वहीं शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक बार फिर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की क्लास लगा दी। उन्होंने कहा कि भारत में स्किल गैप बहुत ज्यादा हो गया है। नौकरी के लिए हमारे पास टैलेंट तैयार नहीं हैं। हमारे शिक्षा मंत्री किसी भी काम को करने के लिए पूरी तरह अक्षम हैं।
इससे पहले, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि भिवंडी में पुलिस जांच के दौरान कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक होने की बात सामने आने के बाद, पूरे राज्य में 28 जून को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। यह परीक्षा पूरे महाराष्ट्र में 1,028 केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। काउंसिल ने कहा, हालात को देखते हुए, 28 जून 26 को होने वाली टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट को टाल दिया गया है। इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि परीक्षा से जुड़ी नई जानकारी काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को वसूली का तंत्र बना दिया गया है। यह परीक्षा रविवार को होनी थी। एक और पेपर लीक। एक और परीक्षा रद्द। इस बार महाराष्ट्र की टेट परीक्षा। कांग्रेस सांसद ने एक्स पर कहा देश के शिक्षा और परीक्षा सिस्टम को उगाही का ज़रिया बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित महसूस कर रहा है। यह सिर्फ़ पेपर लीक नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है।

नौकरी के लिए भारत के पास टैलेंट तैयार नहीं : प्रियंका चतुर्वेदी

वल्र्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 26 के अनुसार वर्कफोर्स की तैयारी के मामले में भारत 74वें स्थान पर पहुंच गया है और ह्यूमन कैपिटल के मामले में 73वें स्थान पर पहुंच गया है, जो आर्थिक तेजी और नौकरी के लिए तैयार टैलेंट के बीच अंतर को दिखाता है। अब इस मामले को लेकर शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरा है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को अक्षम तक करार दे दिया। उन्होंने कहा कि नौकरी के लिए तैयार टैलेंट के मामले में भारत बहुत पीछे है। हमारे शिक्षा मंत्री अपने काम में अक्षम हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत में स्किल गैप (कौशल की कमी) बहुत ज्यादा है। हमारे पास एआई आधारित भविष्य का फायदा उठाने का मौका है, लेकिन हम नौकरी के लिए तैयार टैलेंट के मामले में पीछे हैं। हमारे शिक्षा मंत्री अपने काम में अक्षम हैं और हम तेजी से सुधार करने के लिए स्किल मिनिस्ट्री को काफी प्राथमिकता नहीं देते हैं।

Related Articles

Back to top button